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Archive for December 6th, 2017

MP: बारात और ट्रैफिक के बीच फंसी रही एंबुलेंस, मासूम ने तोड़ा दम

Posted by mp samachar On December - 6 - 2017Comments Off on MP: बारात और ट्रैफिक के बीच फंसी रही एंबुलेंस, मासूम ने तोड़ा दम

दमोह। ट्रैफिक जाम में एम्बुलेंस के फंस जाने को लेकर मु्ख्यमंत्री से लेकर पुलिस प्रशासन हर कोई मानवता के नाते अपील करते हैं, ताकि जाम के समय एम्बुलेंस को निकलने दिया जाए। लेकिन दमोह में एक बारात की आतिशबाजी के बीच एक परिवार में मातम पसर गया।

काफी देर तक एम्बुलेंस के ट्रैफिक जाम में फंसे होने के कारण एक डेढ़ साल की बच्ची की मौत हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने एंबुलेंस के लिए ‘रास्ते का अधिकार’ के स्पष्ट दिशा निर्देश दे रखे हैं। लेकिन इसके बावजूद कई ऐसे मामले सामने आते हैं जो मानवता को शर्मसार कर देते हैं।

बारात के ट्रैफिक में फंसी रही एंबुलेंस

दमोह में बारात निकल रही थी जिसकी वजह से सड़क पर जाम लग गया और इसमें एक एम्बुलेंस भी आधे घंटे तक फंस गई। एम्बुलेंस में एक डेढ़ साल की बच्ची थी जो गंभीर रूप से बीमार थी और उसे जिसे इलाज के लिए जिला चिकित्सालय ले जाया जा रहा था। बारात के ढोल-धमाकों के बीच एक एम्बुलेंस के ट्रैफिक जाम में फंस जाने से डेढ़ साल की बच्ची की मौत हो गई।

इलाज के अभाव में बच्ची ने दम तोड़
एक शादी की बारात के कारण एम्बुलेंस आधे घंटे तक जाम में फंसी रह गई और अस्पताल नहीं पहुंच सकी। जिसके कारण एक डेढ़ साल की मासूम एम्बुलेंस में इलाज के लिये तड़पती रही, लेकिन बारातियों का दिल नहीं पसीजा और बच्ची ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया।

पुलिस ने कहा, करेंगे कार्रवाई

मामले में आईजी का कहना है कि घटना का संज्ञान लिया है और इस पर कार्रवाई की जाएगी ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।

उन्होंने कहा कि, ‘हम सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसे जुलूस के दौरान गाड़ियों और एम्बुलेंस को खुला रास्ता मिलें।’

व्यापार के लिए मिला नया रास्ता, ईरान के रास्ते खुलेगा संभावनाओं का नया दरवाजा

Posted by mp samachar On December - 6 - 2017Comments Off on व्यापार के लिए मिला नया रास्ता, ईरान के रास्ते खुलेगा संभावनाओं का नया दरवाजा

06_12_2017-iran-president-chabharईरान के राष्ट्रपति द्वारा चाबहार बंदरगाह के उद्घाटन के साथ ही भारत-ईरान-अफगानिस्तान के बीच नए रणनीतिक ट्रांजिट मार्ग की शुरुआत हो गई है। इसके जरिए भारत बगैर पाकिस्तान गए ही अफगानिस्तान और उससे आगे रूस और यूरोप से आर्थिक कारोबार को अंजाम दे सकेगा। अभी तक भारत को अफगानिस्तान जाने के लिए पाकिस्तान होकर ही जाना पड़ता था। चूंकि कांडला और चाबहार बंदरगाह के बीच की दूरी नई दिल्ली और मुंबई के बीच की दूरी से भी कम है इसलिए इस समझौते से भारत अपनी वस्तुओं को ईरान के जरिए अफगानिस्तान आसानी से भेज सकेगा। इससे परिवहन लागत और समय दोनों की बचत होगी। याद होगा गत वर्ष भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच 12 समझौतों पर मुहर लगी, जिसमें चाबहार बंदरगाह का विकास व चाबहार-जाहेदान रेलमार्ग निर्माण समझौता प्राथमिकता में था।

चाबहार बंदरगाह के भौगोलिक स्थिति पर गौर करें तो यह सिस्तान-ब्लूचिस्तान प्रांत में स्थित फारस की खाड़ी से बाहर भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है। इसलिए भारत के पश्चिमी तट से चाबहार आसानी से पहुंचा जा सकता है। महीने भर पहले ही भारत ने गेहूं की एक खेप चाबहार बंदरगाह के रास्ते अफगानिस्तान भेजी थी। वैश्विक समुदाय इस कदम को तीनों देशों के बीच नए रणनीतिक मार्ग की शुरुआत के तौर पर देख रहा है।

चीन-पाकिस्तान पर रहेगी कड़ी नजर

भारत के लिए चाबहार से जुड़ाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पाकिस्तान में चीन द्वारा चलने वाले ग्वादर बंदरगाह से सिर्फ 72 किलोमीटर ही दूर है। गौरतलब है कि चीन इसे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के जरिए बनवा रहा है। दरअसल चीन की मंशा इस बंदरगाह के जरिए एशिया में नए व्यापार और परिवहन मार्ग खोलकर अपना दबदबा कायम करना है, लेकिन चाबहार के जरिए अब भारत चीन-पाकिस्तान की हर हरकत पर नजर रख सकेगा। यह भी ध्यान रखना होगा कि चाबहार से जुड़ाव से जहां व्यापार-कारोबार को बढ़ावा मिलेगा, वहीं इस क्षेत्र में चीन और पाकिस्तान की भारत को घेरने की मंशा भी धरी की धरी रह जाएगी।

2003 में बनी थी चाबहार पर रणनीति

चाहबहार समझौते के आकार लेने से अफगानिस्तान और इससे सटे ईरान के इस बेहद अहम इलाके में बढ़ते चीन के प्रभाव पर अब आसानी से नियंत्रण रखा जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि भारत की ओर से दक्षिण-पूर्व ईरान स्थित चाबहार बंदरगाह को विकसित करने की रणनीति 2003 में बनाई गई थी, लेकिन ईरान के उत्साह में कमी और बाद में उस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगने की वजह से रणनीति परवान नहीं चढ़ सकी। मगर चाबहार बंदरगाह के जरिए अब भारत का अफगानिस्तान और राष्ट्रकूल देशों से लेकर पूर्वी यूरोप तक संपर्क बढ़ जाएगा। भारत की वस्तुएं तेजी से ईरान पहुंचेंगी और वहां से नए रेल व सड़क मार्ग के जरिए अफगानिस्तान समेत मध्य एशियाई देशों को भेजा जा सकेगा।

अन्य देशों के लिए भी खुलेंगे संभावनाओं के दरवाजे

महत्वपूर्ण तथ्य यह भी कि भारत और ईरान एक-दूसरे से कंधा जोड़ अफगानिस्तान में शांति तथा स्थायित्व लाने में भी सहायक सिद्ध होंगे। उल्लेखनीय है कि दोनों देशों का नजरिया तालिबान विरोधी और उत्तरी गठबंधन यानी नॉदर्न गठबंधन का हिमायती है। इसके अलावा मध्य एशिया में आर्थिक अवसरों तथा प्राकृतिक संसाधनों तक भारत की पहुंच बनाने में ईरान एक उपयुक्त गलियारा उपलब्ध कराता है। मध्य एशिया भारत के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है कि यह क्षेत्र पर्याप्त मात्रा में खनिज संसाधनों से भरपूर है। इनमें से तीन गणराज्य कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान व तुर्कमेनिस्तान दुनिया के सबसे बड़े तेल व प्राकृतिक गैस क्षेत्र के मालिक हैं। चूंकि आर्थिक रूप से मध्य एशियाई देश उदारीकरण की नीति का अनुसरण कर रहे हैं इस लिहाज से ये भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। चूंकि सामरिक लिहाज से भी मध्य एशिया भारत के लिए महत्वपूर्ण है ऐसे में चाबहार बंदरगाह की भूमिका भारत के लिए अति महत्वपूर्ण हो जाती है।

यह सत्य है कि भारत के लिए मध्य एशिया में शांति एवं अस्थिरता आवश्यक है। चूंकि मध्य एशिया की सीमा अफगानिस्तान से लगी है और अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद अफगानिस्तान की चुनौतियां सघन हुई हैं, ऐसे में भारत के लिए मध्य एशिया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना आवश्यक है। ईरान के साथ दोस्ती और मध्य एशिया में सशक्त भागीदारी से न सिर्फ पाकिस्तानी और चीनी सैन्य गतिविधियों पर निगरानी रखा जा सकेगा बल्कि आतंकी समूहों की आवाजाही पर भी भारत की नजर रख सकेगा। ऐसे में भारत और ईरान कंधे से कंधा मिलाकर इस क्षेत्र में अपनी भू-सामरिक रणनीति मजबूत करते हुए चाबहार बंदरगाह के जरिए द्विपक्षीय कारोबारी रिश्ते को भी बुलंदी पर पहुंचा सकते हैं।

ईरान से पूरी होगी भारत की ईंधन जरूरतें

भारत-ईरान आर्थिक एवं वाणिज्यिक संबंध परंपरागत रूप से भारत द्वारा ईरानी कच्चे तेल आयात के माध्यम से प्रवाहित है। ईरान विश्व में तेल एवं गैस के व्यापक भंडारों वाले देशों में से एक है और मौजूदा समय में भारत को अपनी सकल घरेलू उत्पाद की दर 8-9 प्रतिशत बनाए रखने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता है जिसे ईरान आसानी से पूरा कर सकता है। भारत भी ईरान को जरूरत की वस्तुएं उपलब्ध कराने की वचनबद्धता पर कायम है।

चाबहार समझौते के आकार लेने से भारत से ईरान को निर्यात की जा रही वस्तुएं मसलन चावल, मशीनें एवं उपकरण, धातुओं के उत्पाद, प्राथमिक और अर्धनिर्मित लोहा, औषधियों एवं उत्तम रसायन, धागे, कपड़े, चाय, कृषि रसायन एवं रबड़ इत्यादि में तेजी आएगी। भारत आइटीईसी कार्यक्रम के तहत ईरान को प्रत्येक वर्ष 10 स्लॉट उपलब्ध करा रहा है। दोनों देश आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए कई परियोजनाओं को आकार देना चाहते हैं। इनमें ईरान-पाकिस्तान-इंडिया गैस पाइप लाइन परियोजना, एलएनजी की पांच मिलियन टन की दीर्धकालीन वार्षिक आपूर्ति, फारसी तेल एवं गैस प्रखंड का विकास, दक्षिण पार्श गैस क्षेत्र और एनएनजी परियोजना विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। इस परियोजना में भारत की उर्जा जरूरतें पूरा करने की आश्चर्यजनक क्षमताएं हैं। नि:संदेह चाबहार के आकार लेने से ईरान से आर्थिक व सामरिक संबंध मजबूत होंगे।

शून्य से शुरुआत करके विराट ने बनाया ऐसा अनोखा रिकॉर्ड

Posted by mp samachar On December - 6 - 2017Comments Off on शून्य से शुरुआत करके विराट ने बनाया ऐसा अनोखा रिकॉर्ड

virat-test-apइस साल कई कीर्तिमान अपने नाम करने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के नाम एक और कीर्तिमान जुड़ गया. कोहली फिरोज़शाह कोटला मैदान पर श्रीलंका के साथ जारी तीसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन अपनी 50 रनों की पारी के दौरान तीन सीरीज़ में 600 से अधिक रन बनाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं. कोहली ने इस तीन मैचों की टेस्ट सीरीज़ में कुल 610 रन जुटाए हैं.

कोहली ने कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में 0 पर आउट होने के बाद दूसरी पारी में 104 रनों का नाबाद पारी खेली थी.जबकि नागपुर टेस्ट में 213 बनाए थे और भारत ने यह मैच पारी के अंतर से जीता था.

दिल्ली टेस्ट में कोहली ने पहली पारी में 243 रनों की बेहतरीन पारी खेली और लगातार तीन दोहरे शतक लगाने वाले पहले कप्तान बने. इसके बाद कोहली ने दूसरी पारी में 50 रनों की पारी खेली. इस सीरीज मे उनका औसत 152 का रहा. इस सीरीज में कोहली ने 82.21 के स्ट्राइक रेट से 57 चौके और चार छक्के लगाए.

2014 में हुई थी इस अनोखे रिकॉर्ड की शुरुआत

कोहली ने पहली बार किसी सीरीज में 600 से अधिक रनों का आंकड़ा साल 2014 में छुआ था. आस्ट्रेलिया के साथ आस्ट्रेलिया में हुई चार मैचों की सीरीज में कोहली ने आठ पारियों में 86.50 के औसत से कुल 692 रन बटोरे थे. इस सीरीज में कोहली ने चार शतक और एक अर्धशतक लगाए थे.

इस सीरीज में कोहली ने 77 चौके और एक छक्का लगाया. कोहली ने एडिलेड टेस्ट की दोनों पारियों में क्रमश: 115 और 114 रन बनाए थे. हालांकि वह ब्रिस्बेन टेस्ट में नाकाम रहे थे और सिर्फ 19 और 1 रन ही बना सके थे.

कोहली ने इस नाकामी की भरपाई मेलबर्न टेस्ट में की और 169 तथा 54 रनों की पारी खेली. इस टेस्ट में ही उन्होंने सीरीज़ की अपनी सबसे बड़ी पारी खेली. कोहली ने सिडनी टेस्ट में भी पहली पारी में 147 रन तो दूसरी पारी में 46 रन की बेहतरीन पारी खेली थी.

आॅस्ट्रेलिया के बाद विराट ने साल 2016 में इंग्लैंड के साथ हुए पांच मैचों की सीरीज़ की आठ पारियों में दो बार नाबाद रहते हुए 655 रन बटोरे. इस सीरीज़ में उनका सर्वोच्च योग 235 रहा. कोहली ने 60.87 के स्ट्राइक रेट से कुल 72 चौके और एक छक्का लगाया. इस सीरीज में कोहली के बल्ले से दो शतक और दो अर्धशतक निकले.

कोहली ने राजकोट में खेले गए पहले टेस्ट में 40 और नाबाद 49 रन बनाए. इसके बाद विशाखापट्टनम में उनके बल्ले से 167 और 81 रनों की पारियां निकलीं. मोहाली में कोहली ने 62 और नाबाद 6 रन बना बनाए. जबकि मुम्बई में उन्होंने 235 रनों की तो फिर चेन्नई में 15 रन बनाए.

ऐसा करने वाले पहले भारतीय हैं विराट
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली श्रीलंका के खिलाफ मौजूदा सीरीज़ में 610 रन बनाने के अलावा 2016-17 सत्र में इंग्लैंड के खिलाफ 655 और 2014-15 सत्र में आस्ट्रेलिया के खिलाफ 692 रन बना चुके हैं. वह तीन बार सीरीज़ में 600 से अधिक रन बनाने वाले पहले भारतीय ब​ल्लेबाज़ हैं.

यही नहीं, वह इंग्लिश कप्तान ग्राहम गूच के बाद सिर्फ दूसरे कप्तान हैं जिन्होंने ऐसा तीन बार ​किया है.

शून्य से शुरुआत करके बने हीरो
विराट कोहली विश्व क्रिकेट के उन गिने-चुने ​बल्लेबाज़ों में शामिल हैं जिन्होंने सीरीज़ की शुरुआत शून्य के साथ की. विराट कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में बिना खाता खोले आउट हुए थे और आखिर उन्होंने तीन मैचों में 610 रन ठोक डाले. इससे पहले 2004-05 में जैक ​कैलिस इंग्लैंड के खिलाफ शून्य से शुरुआत करके 625 रन बनाने में सफल रहे थे. जबकि 2002 में ऐसी ही स्थिति से गुजरते हुए माइकल वॉन ने भारत के खिलाफ 615 रन स्कोर किए थे. हां, विराट ने ऐसा तीन मैच में किया है जबकि कैलिस ने पांच तो वॉन ने चार मैच खेले थे.

कौन बनेगा घर का कैप्टन, बिग बॉस की लेटेस्ट अपडेट है यहां…

Posted by mp samachar On December - 6 - 2017Comments Off on कौन बनेगा घर का कैप्टन, बिग बॉस की लेटेस्ट अपडेट है यहां…

Untitled-design-40बिग बॉस में घर की कमान पाने के लिए घरवालों को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. इस हफ्ते भी कुछ ऐसा हुआ. बेबी सिटिंग वाले टास्क में सभी ने खूब जान लगा दी. खासकर हिना ने तो इस टास्क में काफी बेहतर परफॉर्म किया. लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी वह कैप्टन्सी से हाथ धो बैठीं. उनकी जगह जिसने इस टास्क में बाजी मारी है वो नाम सुनकर आप समझ जाएंगे अब हिना को कितना बुरा लग रहा होगा.

ये विनर कोई और नहीं बल्कि अर्शी खान हैं. अर्शी की जीत की अनाउंसमेंट बिग बॉस बुधवार वाले एपिसोड में करेंगे. लेकिन सोशल मीडिया पर विनर के तौर पर अर्शी खान का नाम चर्चा में पहले ही छा गया है. बता दें कि बिग बॉस के घर में हिना और अर्शी एक दूसरे की दुश्मन के तौर पर नजर आती हैं.

हिना अपनी साथी कंटेस्टेंट अर्शी से उनकी ड्रेसिंग सेंस को लेकर झगड़े में उलझ चुकी हैं. उस वक्त अर्शी अपने नाइट ड्रेस में घूम रही थीं और हिना, प्रियांक, लव के साथ बैठ कर अर्शी के कपड़ों पर चर्चा कर रही थी. अर्शी को जैसे ही इस बात की भनक लगी तो उन्होंने खूब हंगामा मचाया था. अब अर्शी के कैप्टन बनने पर आज हिना किस तरह रिएक्ट करती हैं ये देखने वाली बात होगी

आज यरुशलम को इजराइल की राजधानी घोषित कर सकता है अमेरिका !

Posted by mp samachar On December - 6 - 2017Comments Off on आज यरुशलम को इजराइल की राजधानी घोषित कर सकता है अमेरिका !

trump123अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यरुशलम बुधवार को इजराइल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने की घोषणा करेंगे. साथ ही वह विदेश मंत्रालय को आदेश देंगे कि अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से यरुशलम लाने की प्रक्रिया शुरू की जाए.

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप बुधवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर एक बजे अपनी रणनीति के साथ यरुशलम संबंधी घोषणा कर सकते हैं.

ट्रंप की यरुशलम पर लंबे समय से प्रत्याशित घोषणा की पूर्वसंध्या पर एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया, राष्ट्रपति यरुशलम को इजराइल की राजधानी के तौर पर मान्यता देंगे. वह इसे ऐतिहासिक वास्तविकता को पहचान देने के तौर पर देखते हैं. यरुशलम प्राचीन काल से यहूदी लोगों की राजधानी रहा है और आज की वास्तविकता यह है कि यह शहर सरकार, महत्वपूर्ण मंत्रालयों, इसकी विधायिका, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र है.

जिंदा बच्चे को मृत बताने वाला मैक्स हॉस्पिटल दोषी, नवजात ने तोड़ा दम

Posted by mp samachar On December - 6 - 2017Comments Off on जिंदा बच्चे को मृत बताने वाला मैक्स हॉस्पिटल दोषी, नवजात ने तोड़ा दम

maxमैक्स अस्पताल में पिछले हफ्ते समय से पूर्व जन्मे जिस बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया था, उसने इलाज के दौरान कल शाम दम तोड़ दिया. बीते 30 नवंबर को मैक्स अस्पताल में एक महिला ने जुड़वां बच्चों (एक लड़का और एक लड़की) को जन्म दिया था. जिनमें बच्ची मृत ही पैदा हुई थी.

पुलिस उपायुक्त (उत्तरपश्चिम) असलम खान ने पुष्टि की कि 30 नवंबर को पैदा हुए बच्चे की मंगलवार की शाम मौत हो गई.

मैक्स हेल्थ केयर के प्राधिकारियों ने बताया हमें समय से पहले, 23 सप्ताह में ही जन्म लेने वाले बच्चे के निधन की दुख:द खबर मिली. वह जीवन रक्षक प्रणाली पर था. हमारी संवेदनाएं अभिभावकों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ हैं. हम समझते हैं कि समय से पहले पैदा होने वाले बच्चों के जीवित बचने की संभावना कम होती है लेकिन यह अभिभावकों और परिवार वालों के लिए हमेशा ही पीड़ादायी होता है. हम प्रार्थना करते हैं कि उन्हें यह दुख सहन करने की शक्ति मिले.

दिल्ली सरकार द्वारा इस मामले की जांच के लिए गठित पैनल ने मंगलवार को मैक्स अस्पताल को नवजात शिशुओं से संबंधित निर्धारित चिकित्सकीय मानकों का पालन न करने का दोषी पाया था. यह मामला 30 नवंबर को पैदा हुए जुड़वा बच्चों (एक लड़का और एक लड़की) से संबंधित है. इन बच्चों के अभिभावकों ने आरोप लगाया था कि शालीमार बाग के मैक्स अस्पताल ने बच्चों को मृत घोषित कर दिया था, जबकि बाद में पता चला कि उनमें से एक बच्चा (लड़का) जिंदा था.

अभिभावकों ने बताया कि उन्हें अस्पताल ने बताया कि दोनों बच्चे मृत पैदा हुए थे. अस्पताल ने इन नवजातों को एक पॉलीथिन बैग में डालकर उन्हें सौंपा था.

पुलिस ने बताया कि अंतिम संस्कार से कुछ देर पहले परिवार को मालूम हुआ कि एक बच्चे की सांसें चल रही हैं. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दो दिसंबर को कहा था कि अगर जांच में अस्पताल को चिकित्सकीय लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया तो उसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है.
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