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Archive for the ‘अपराध’ Category

खुलासाः राम रहीम को पुलिस से छुड़ाकर विदेश भेजने की थी तैयारी

Posted by mp samachar On October - 13 - 2017Comments Off on खुलासाः राम रहीम को पुलिस से छुड़ाकर विदेश भेजने की थी तैयारी

msg_2_copy_1507890031_618x347हरियाणा पुलिस की रिमांड में हनीप्रीत ने कई खुलासे किए हैं. लैपटॉप, मोबाइल की जानकारी देने के बाद अब हनीप्रीत ने एक और बड़ा खुलासा किया. दरअसल, 25 अगस्त के दिन राम रहीम को पुलिस के चंगुल से छुड़ाने का एक बड़ा प्लान तैयार किया गया था. जिसके तहत उसे छुड़वाकर विदेश भेज दिया जाता.

गुरमीत राम रहीम की करीबी हनीप्रीत ने हरियाणा पुलिस के सामने कई बड़े राज खोले हैं. हनीप्रीत ने बताया कि बीते 25 अगस्त को पुलिस की गिरफ्त से राम रहीम को छुड़वाने के बाद विदेश भेजने की तैयारी थी. हालांकि, हरियाणा पुलिस की मुस्तैदी के चलते यह प्लान कामयाब नहीं हो पाया.

राम रहीम को उम्मीद थी कि सुरक्षाकर्मी उसे पुलिस की गिरफ्त से छुड़वा लेंगे. फिर उसे सिरसा डेरा मुख्यालय या किसी सुरक्षित पहुंचा दिया जाएगा. हनीप्रीत उसे विदेश भगाने की पूरी तैयारी कर चुकी थी. वह विदेश में बैठे बाबा के करीबियों के संपर्क में थी. हनीप्रीत पर तीन विदेशी सिम कार्ड इस्तेमाल करने का आरोप भी है.

इससे पहले खुलासा हुआ था कि बाबा की गुफा के कुछ खास दरवाजे हनीप्रीत के फिंगरप्रिंट से खुलते थे. उन्हीं दरवाजों से हनीप्रीत डेरा का खजाना खाली करके 28 अगस्त को फरार हुई थी.

जानकारी के मुताबिक डेरा प्रमुख राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद 4 दिनों तक हनीप्रीत सिरसा में ही ठहरी थी. डेरे में मौजूद बाबा की गुफा के खास दरवाजे गुरमीत राम रहीम के अलावा सिर्फ हनीप्रीत के फिंगरप्रिंट से खुलते थे.

CID रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 28 अगस्त की रात को हनीप्रीत दो बड़े सूटकेस लेकर वहां से निकली थी. जांच में पता चला है कि पंचकूला हिंसा फैलाने के लिए काले धन का इस्तेमाल हुआ था. इसी बीच हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के गुरुसर मोडिया से कुछ अहम दस्तावेज भी बरामद किए है.

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि हनीप्रीत इंसा 25 अगस्त की रात लगभग 2 बजे सिरसा पहुंची थी और 28 अगस्त की रात एक कांग्रेसी नेता की जेड प्लस सिक्योरिटी की आड़ में दो बड़े सूटकेस लेकर डेरा सच्चा सौदा से राजस्थान की और चली गई थी. उसके साथ राम रहीम का परिवार भी काले शीशे वाली गाड़ियों में सवार होकर निकला था.

हनीप्रीत ने कहा था- बाबा को सजा हुई तो दुनिया से देश का नक्शा मिटा देंगे: SIT

Posted by mp samachar On October - 11 - 2017Comments Off on हनीप्रीत ने कहा था- बाबा को सजा हुई तो दुनिया से देश का नक्शा मिटा देंगे: SIT

imagesपंचकूला. राम रहीम की करीबी रही हनीप्रीत 6 दिन पुलिस रिमांड पर रही। पुलिस कहती रही कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रही। रिमांड खत्म होने पर मंगलवार को एसआईटी ने उसे और सुखदीप कौर को पंचकूला कोर्ट में पेश किया। एसआईटी ने कहा- हनीप्रीत ने ही देश विरोधी वीडियो बनाकर वायरल किया था। इस वीडियो में नारेबाजी की जा रही थी कि बाबा को सजा हुई तो हिंदुस्तान का नक्शा दुनिया से मिटा देंगे।

– SIT ने कहा कि वायरल वीडियो के सबूत हनीप्रीत के मोबाइल में है और मोबाइल सुखदीप के रिश्तेदार के घर बिजनौर में। पंचकूला में दंगा कराने के लिए हनीप्रीत के मार्क किए मैप लैपटॉप में हैं, अब ये सब बरामद करना है।
– एसआईटी ने ये भी कहा कि मोबाइल और लैपटॉप सिरसा डेरे में छिपाए गए हैं, जिसमें दंगों के लिए बनाए गए नक्शे और मेंबरों की ड्यूटी का जिक्र है।
– “वह पवन इंसां, आदित्य इंसां और गोबीराम के ठिकाने जानती है, इन्हें पकड़वा सकती है, 9 दिन का रिमांड दिया जाए। ये लोग हिमाचल के रामपुर बुशहर और गुड़गांव में हैं। उसके सहयोगी मोहिंदर इंसां को ग्वालियर के पास एक फार्म हाउस से पकड़ना है। ” कोर्ट ने 3 दिन का रिमांड दिया।
बाबा के पीए ने कबूला, दंगों के लिए हुआ था ब्लैक मनी का इस्तेमाल
– राम रहीम के पीए राकेश ने पुलिस को बताया कि सिरसा डेरे में 17 अगस्त को हुई मीटिंग में वह शामिल था। उसने बताया कि पंचकूला में दंगे की फंडिंग ब्लैक मनी से की गई थी।

– इस साजिश पर होने वाले खर्च का अनुमान लगाया गया और फिर फर्जी डॉक्यूमेंट्स तैयार कराए गए ताकि ब्लैक मनी को वाइट किया जा सके।
– राकेश को कोर्ट ने ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया है। हनीप्रीत के कहने पर बनाए जाली डॉक्युमेंट्स राजस्थान के गुुरुसर मोडिया में मौजूद हैं।
हनीप्रीत की चप्पल छूटने का शोर मचा लेकिन वह सुखदीप की निकली
– पुलिस की टीम हनीप्रीत को पंचकूला कोर्ट लाई। सिक्युरिटी पहले ही टाइट कर दी गई थी। कोर्ट के अंदर आने वालों की तलाशी ली जा रही थी। आर्मी को भी लगाया गया था।

– हनीप्रीत को सुनवाई के बाद बाहर लाया गया तो मीडियाकर्मी बीच में आ गए।
– पुलिस उसे बचाते हुए जल्दी में बस की ओर ले जाने लगी। इसी हड़बड़ाहट में एक महिला की चप्पल छूट गई।
– हनीप्रीत और सुखदीप कौर को बस में बैठा दिया गया। मीडिया ने समझा हनीप्रीत की चप्पल छूटी है, जो असल में सुखदीप की थी। सुखदीप डेरे की साध्वी है और उसे हनीप्रीत के साथ ही पकड़ा गया था।
ये अहम सबूत

– बाबा को दोषी करार दिए जाने से पहले ही समर्थक पंचकूला पहुंचने लगे थे। यहां से वीडियो बनाकर हनीप्रीत को भेजे जाते थे।
– हनीप्रीत चेक करती थी कि कहां समर्थक ज्यादा दिख रहे हैं और लोगों को कहां फिट करना है। इसके बाद दोबारा वीडियो बनवाकर उसे वायरल करती थी। दिन में 10-12 वीडियो बनवाए जाते थे।

– हनीप्रीत ने पंचकूला के नक्शों पर मार्क किया था कि कहां-कहां से शहर में दाखिल हो सकते हैं।
– समर्थकों को कहां से कहां तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है। रूट प्लान के साथ दंगा करने के लिए कहां रुकना है। ये सब प्लानिंग लैपटॉप में है। केस की मजबूती के लिए यह लैपटॉप मिलना बहुत जरूरी है।

पेशी के दौरान फिर रोई हनीप्रीत, जज ने पुलिस रिमांड तीन दिन और बढाई

Posted by mp samachar On October - 10 - 2017Comments Off on पेशी के दौरान फिर रोई हनीप्रीत, जज ने पुलिस रिमांड तीन दिन और बढाई

Screenshot_2017-10-10-17-16-44_1हरियाणा पुलिस हनीप्रीत से सच उगलवाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है लेकिन वह पुलिस को भटका रही है. पुलिस पूछताछ के लिए उसे बठिंडा भी ले जा चुकी है.

पंचकूला । बलात्कारी बाबा राम रहीम की सबसे बड़ी राजदार हनीप्रीत को आज पंचकूला कोर्ट में पेश किया गया है. कोर्ट ने हनीप्रीत की पुलिस रिमांड तीन दिन और बढ़ा दी है. इस दौरान हनीप्रीत कोर्ट रूम में ही रोने लगी. बता दें कि हनीप्रीत की छह दिनों की रिमांड आज खत्म हो चुकी है.

हरियाणा पुलिस हनीप्रीत से अभीतक कुछ खास नहीं उगलवा पाई है. ऐसे में देखना होगा कि कोर्ट हनीप्रीत को पुलिस रिमांड में भेजेगी या नहीं.
हनीप्रीत लगातार पुलिस से झूठ बोल रही है. पुलिस को अब आठ दिन से ज्यादा की रिमांड नहीं मिल सकती. दरअसल पुलिस रिमांड सिर्फ 14 दिन की होती है. चार अक्टूबर को छह दिन की रिमांड दी जा चुकी है.

हनीप्रीत से सच उगलवाने के लिए पुलिस ने उसके करीबी पर शिकंजा कसा है. इस करीबी का नाम राकेश है. ये राम रहीम और हनीप्रीत का सबसे बड़ा राजदार माना जा रहा है. पुलिस ने कल ड्राइवर राकेश से 13 घंटे पूछताछ की. इसके बाद हनीप्रीत और ड्राइवर राकेश को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई.

इस दौरान हनीप्रीत बड़े शातिराना अंदाज से हर सवाल का गोलमोल जवाब देती रही. हनीप्रीत पुलिस को चमका दे रही है तो पुलिस मीडिया को चमका देने में लगी है. दरसअल पंचकुला हिंसा की साज़िश डेरे में रची गई थी, इसके लिए डेरे में 17 अगस्त को बैठक हुई थी. बैठक में हनीप्रीत और विपासना भी मौजूद थे.

वहीं, रोहतक जेल में बंद राम रहीम से मिलने कल उसके परिवार वाले आए थे. राम रहीम की मां और बेटा इनोवा कार से पहुंचे. यह लोग करीब 2.30 बजे गए थे. यह दूसरी बार है जब राम रहीम से मिलने कोई पहुंचा हो.

हनीप्रीत ने जेल में रखा करवा चौथ का व्रत, बोली-राम रहीम दोनों जहान के सुहाग

Posted by mp samachar On October - 9 - 2017Comments Off on हनीप्रीत ने जेल में रखा करवा चौथ का व्रत, बोली-राम रहीम दोनों जहान के सुहाग

ram-rahimचंडीगढ़ः रविवार को एक तरफ जहां आज देशभर की सुहागिन औरतों ने अपने सुहाग की सलामती और लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रखा वहीं 20 साल की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम की राजदार हनीप्रीत उर्फ प्रिंयका तनेजा ने भी पुलिस रिमांड पर व्रत रखा। हनीप्रीत ने एक गिलास पानी के साथ पूरा दिन गुजारा किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जब पुलिसकर्मी हनीप्रीत के लिए खाना लेकर हवालात में गए तो उसने कहा कि लोग उनके लिए व्रत रखते हैं जो उनका सुहाग होता है लेकिन हम व्रत रखते हैं हमारे पापा के लिए जो हमारे ही नहीं दोनों जहान के सुहाग हैं। हनीप्रीत ने कहा कि मैंने करवाचौथ अपने पापा (राम रहीम) के लिए रखा है जो देश की भलाई के लिए काम करते हैं। हालांकि पुलिस ने हनीप्रीत को व्रत पर कोई विशेष सुविधा नहीं दी और उससे पूछताछ की गई।

चांद बनता था राम रहीम
हर साल करवाचौथ वाला दिन डेरे में खास होता था। इस दिन रात के समय राम रहीम को पूजने वाली महिलाएं छलनी या चुनरी लेकर मजलिस में बैठ जाती थी और चांद की जगह आरोपी बाबा को देखकर अपना व्रत खोलती थी। हालांकि सिर्फ महिलाएं ही नहीं पुरुष भी राम रहीम के लिए व्रत रखते थे। कुंवारी लड़कियां भी इस कतार में शामिल थीं। राम रहीम इस दिन सामने बैठ जाता और लोग उसकी आरती उतारते, भजन गाते हुए अपना व्रत खोलते थे।

करवाचौथ पर भावुक हुई हनीप्रीत
करवा चौथ के दिन रिमांड पर महिला पुलिस अधिकारियों ने हनीप्रीत से कुछ समय के लिए पूछताछ की। इस दौरान एक-दो बार वह भावुक भी हुई। हालांकि वह पुलिस पूछताछ में खासा सहयोग नहीं कर रही है। बता दें कि हनीप्रीत तलाकशुदा है लेकिन फिर भी वह काफी समय से व्रत रख रही है और इस दिन पूरी सुहागिन की तरह तैयार होती थी।

दो दिन पहले उसने राम रहीम से मिलने की इच्छा जताई थी। उसने कहा, “पापाजी की कमर में दर्द रहता है। वह इस दर्द से परेशान होंगे इसलिए मेरा वहां होना जरूरी है। एक डॉक्टर ने हनीप्रीत से पूछा भी कि क्या तुम डॉक्टर हो या फिर कोई डिग्री ली हुई है जो बाबा के दर्द होने पर वहां जाने की बात कह रही हो।”

हनीप्रीत की राजदार सुखदीप कौर ने पुलिस के सामने किए 5 बड़े खुलासे

Posted by mp samachar On October - 7 - 2017Comments Off on हनीप्रीत की राजदार सुखदीप कौर ने पुलिस के सामने किए 5 बड़े खुलासे

sukhdeepडेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के ड्राइवर इकबाल सिंह की पत्नी सुखदीप कौर ने हनीप्रीत इंसा को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं. भटिंडा के बलुआना गांव की रहने वाली सुखदीप ने का परिवार राम रहीम और डेरा का सबसे करीबी माना जाता है. डेरा प्रेम के कारण यह परिवार एक दशक पहले अपना गांव छोड़कर सिरसा में जा कर बस गया था. हनीप्रीत की मदद करने वाली सुखदीप कौर को पुलिस ने जीरकपुर से गिरफ्तार किया है.

सुखदीप कौर चंडीगढ़ से सटे जीरकपुर से उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वह हनीप्रीत की गाड़ी चला रही थी. उस पर दंगे भड़काने के आरोपी महेंद्र इंसा को राजस्थान में छिपाने का आरोप भी है. सुखदीप कौर की मदद से हनीप्रीत पंजाब के कई शहरों में घूम चुकी है. सूत्रों के मुताबिक दोनों का ठिकाना भटिंडा ही रहा है. एक और जहां हनीप्रीत अपनी पूछताछ के दौरान पुलिस को खूब बेवकूफ बना रही है वहीं दूसरी ओर गिरफ्तार की गई सुखदीप कौर ने पुलिस के सामने हनीप्रीत से जुड़े पांच राज खोले हैं.

डेरे में चलता है हनी का सिक्का

सुखदीप कौर ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि हनीप्रीत की हैसियत डेरे में नंबर 2 की है और आज भी उसका सिक्का चलता है. पिछले 38 दिनों के दौरान जब हनीप्रीत पुलिस की नजर से इधर-उधर भाग रही थी तो उसे जब भी उसे रुपए-पैसे की जरूरत होती थी वह डेरे के लोगों को फोन कर उनसे पैसे मंगाती थी.

फोन पर काफी देर तक बातें

हनीप्रीत फोन पर बातें करते वक्त सुखदीप कौर को गाड़ी से उतार देती थी. 38 दिनों के दौरान हनीप्रीत कई लोगों के साथ संपर्क में थी उसे जब भी किसी से कोई बात करनी होती थी तो सुखदीप कौर को गाड़ी से उतर जाने को कहती थी और चुपचाप किसी से बातचीत करती थी. बातें किसके साथ होती थीं इसका पता सुखदीप कौर को भी नहीं है.

सबूत मिटाने में माहिर है हनी

एक ओर जहां पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि हनीप्रीत कौर ने 38 दिनों के दौरान 17 सिम कार्ड का इस्तेमाल किया है वहीं दूसरी ओर उसकी मददगार सुखदीप ने पुलिस को बताया है कि अक्सर हनीप्रीत सिम कार्ड का इस्तेमाल करने के बाद या तो उसे तोड़ देती थी या फिर लापरवाही से उसे फेंक देती थी.

छिपा रखा है अपना मोबाइल

शातिर हनीप्रीत को मालूम है कि पुलिस के हत्थे अगर उसका मोबाइल फोन चढ़ा तो उसकी हेकड़ी दो मिनट में निकल जाएगी. हनीप्रीत ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि उसका फोन कहीं गिर गया है. अपने नाम से पंजीकृत सिम कार्ड के बारे में भी उसने गोलमोल जवाब दिया है. लेकिन सुखदीप कौर ने हनीप्रीत का भांडा फोड़ते हुए कहा है कि उसका मोबाइल फोन पंजाब के तरनतारन के किसी गांव में है. हालांकि पुलिस को अभी यह मालूम नहीं है कि यह मोबाइल फोन नष्ट कर दिया गया है या फिर किसी के सुपुर्द कर दिया गया है.

चप्पे-चप्पे की जानकारी रखती है

हनीप्रीत पूछताछ में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रही है. वह लगातार कह रही है कि उसे नहीं याद की वह 38 दिनों के दौरान वह कहां-कहां रही और कहां-कहां भटकी. लेकिन सुखदीप कौर ने पुलिस को बताया है कि हनीप्रीत को चप्पे-चप्पे की जानकारी है और 38 दिनों के दौरान वह जहां भी हनीप्रीत के साथ गई उन दोनों को कहीं भी रास्ता पूछने की जरूरत नहीं पड़ी. हनीप्रीत को सभी सड़कों और शहरों की जानकारी है ।

गौरतलब है कि 38 दिनों के सफर के दौरान ज्यादातर समय यह दोनों महिलाएं एक साथ रही हैं. सुखदीप ही हनीप्रीत की गाड़ी चलाती थी और हनीप्रीत शीशे पर तौलिया रखकर उसे निर्देश देती थी.

हनीप्रीत हैंडल करती थी डेरे का पूरा कैश, गुरमीत का परिवार भी था उसका मोहताज

Posted by mp samachar On October - 6 - 2017Comments Off on हनीप्रीत हैंडल करती थी डेरे का पूरा कैश, गुरमीत का परिवार भी था उसका मोहताज

-lockupnnnडेरा सच्‍चा सौदा का सारा कैश हनीप्रीत ही हैंडल करती थी। हनीप्रीत के आदेश पर ही वही डेरा प्रबंधन कमेटी कोई चीज खरीदती थी। बताया जाता है कि पंचकूला में 25 अगस्त को हुई आगजनी व उपद्रव के लिए धनराशि भी हनीप्रीत के आदेश पर ही डिलीवर किया गया था। जांच में यह बात सामने आई है कि हनीप्रीत ने पंचकूला में आगजनी के लिए 1.25 करोड़ रुपये डिलीवर कराए।

पंचकूला पुलिस के सूत्रों ने खुलासा किया है कि हनीप्रीत के इशारे के बिना पंचकूला में आगजनी के लिए कोई भी पैसा डिलीवर नहीं किया गया। हनीप्रीत ने पंचकूला में आगजनी के लिए 1.25 करोड़ रुपये डिलीवर करवाए थे। यह राशि अलग-अलग लोगों के बीच बांटा गया। डेरा के 25 सदस्यीय कमेटी के प्रमुख चमकौर सिंह के पास से जो 24 लाख रुपये पुलिस रिमांड के दौरान बरामद हुए थे, वह भी इसी रकम में से बचे हुए थे।

यह भी पढ़ें: पंचकूला में दिए बयान से बठिंडा में मुकर गई हनीप्रीत, बोली- पहले झूठ बोला था

पंचकूला पुलिस जल्द ही हनीप्रीत से आगजनी के लिए राशि मुहैया करवाने की बात उगलवाने का दावा कर रही है। पुलिस को इस संबंध में काफी इनपुट मिल चुके हैं, पिछले दिनों में जो भी आरोपी पुलिस द्वारा दबोचे गए थे, उन्होंने हनीप्रीत का नाम प्रमुखता से लिया था।

राम रहीम का परिवार भी था हनीप्रीत का मोहताज

पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच में सामने आया है कि राम रहीम का खुद का परिवार भी पैसे के लिए हनीप्रीत का मोहताज था। हनीप्रीत चाहती थी तभी राम रहीम के परिवार को पैसा दिया जाता था, अन्यथा नहीं। इसलिए पुलिस को यकीन हो गया है कि पंचकूला में आगजनी की प्रमुख साजिशकर्ता हनीप्रीत ही है। ऐसे में अब हनीप्रीत की आने वाले समय में मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।

अंबाला से गुरमीत को भगाने की थी साजिश

पु‍लिस जांच में यह भी पता चला है कि राम रहीम को अंबाला से भगाने की साजिश रची गई थी। लेकिन, पंचकूला पुलिस द्वारा राम रहीम को अचानक रोहतक के सुनारिया जेल में ले जाने के निर्णय के कारण यह साजिश फेल हो गई। राम रहीम के समर्थकों की साजिश थी कि यदि पुलिस राम रहीम को अंबाला जेल ले जाती है तो रास्ते में ही हमला कर उसे छुड़वा लेंगे और इसके बाद उसे सिरसा या हिमाचल के किसी अन्य ठिकाने पर ले जाएंगे।

यह भी पढ़ें: हनीप्रीत की गिरफ्तारी पर हरियाणा-पंजाब के सीएम हुए आमने-सामने
जल्द गिरफ्त में होगा आदित्य इंसा

पंचकूला में आगजनी और दंगों का एक अन्य मुख्य अभियुक्त आदित्य इंसा की धरपकड़ के लिए पुलिस ने छापेमारी तेज कर दी गई है। हनीप्रीत से भी आदित्य के बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है। हनीप्रीत लगातार यही कह रही है कि आदित्य से 25 अगस्‍त के बाद से उसका कोई संपर्क नहीं था। 25 अगस्त के बाद उससे कोई बातचीत भी नहीं हुई।

यह भी पढ़ें: पुलिस को गोलमोल जवाब से उलझा रही बाबा की हनी, हाे सकता है नारको टेस्ट

दूसरी ओर, पुलिस को पूरा यकीन है कि आदित्य इंसा हनीप्रीत के संपर्क में था और वह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। वीरवार रात को हनीप्रीत से पुलिस द्वारा सख्ती भी बरती गई लेकिन हनीप्रीत पुलिस के काबू नहीं आ रही है। उधर, पुलिस दावा कर रही है कि आदित्य भी जल्दी उनकी गिरफ्त में होगा।

पंचकूला के पुलिस कमिश्नर एएस चावला ने कहा कि हनीप्रीत से कैश हैंडल के बारे में कुछ इनपुट मिले हैं। चमकौर सिंह के पास से बरामद हुआ पैसा भी डेरे से ही रिलीज किया गया था। यह पैसा पंचकूला में आगजनी के लिए भेजा गया था।

हनीप्रीत को पंजाब लेकर आई पुलिस, संगरूर के भवानीगढ़ व बठिंडा में जांच

Posted by mp samachar On October - 5 - 2017Comments Off on हनीप्रीत को पंजाब लेकर आई पुलिस, संगरूर के भवानीगढ़ व बठिंडा में जांच

7-policehoneyaaaaसंगरूर। डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की गोद ली बेटी हनीप्रीत और उसके साथ पकड़ी गई सुखदीप कौर काे लेकर पंचकूला पुलिस पंजाब गई है। पुलिस वहां उन जगहाें पर जांच करेगी जहां हनीप्रीत काे सुखदीप ने छिपा कर रखा था। दोनों को पंचकूला के सेक्टर 20 थाने से लेकर पुलिस की टीम गई है। टीम उसे लेकर संगरूर भी पहुंची है और इसके बाद उसे बठिंडा लेकर जाएगी।

पुलिस टीम सबसे पहले हनीप्रीत को भवानीगढ़ लेकर पहुंची। सूचना है कि हनीप्रीत भवानीगढ़ के किसी गांव में दंगों के बाद ठहरी थी। बता दें कि दो दिन पहले हनीप्रीत को सुखदीप कौर के साथ पंजाब के जीरकपुर से पकड़ा गया था। इसके बाद खुलासा हुआ था कि हनीप्रीत प‍कड़े जाने से पहले चार दिनों तक बठिंडा में सुखदीप के साथ रही थी। पुलिस ने बुधवार को दोनों को अदालत में पेश किया था और इसके बाद उन्‍हें छह दिन के पुलिस रिमांड में भेज दिया गया था।

पुलिस टीम बठिंडा में निशानदेही के लिए हनीप्रीत और सुखदीप को लेकर गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि हनीप्रीत वहां अौर किन लाेगों के संपर्क में रही। हनीप्रीत और सुखदीप के साथ भारी सुरक्षा बल और महिला पुलिस की टीम भी है।

हनीप्रीत को बठिंडा ले जाती पुलिस टीम।

इससे पहले हनीप्रीत और सुखदीप को सुबह सात बजे पंचकूला के सेक्टर 23 स्थित चंडीमंदिर थाने से सेक्टर 20 थाने लाया गया। दोनों को पंचकूला हिंसा की जांच के लिए गठित एसआइटी बठिंडा लेकर गई है।

रेप केस: दोनों पीड़ित साध्वियों की हाई कोर्ट में याचिका, राम रहीम को हो उम्रकैद

Posted by mp samachar On October - 4 - 2017Comments Off on रेप केस: दोनों पीड़ित साध्वियों की हाई कोर्ट में याचिका, राम रहीम को हो उम्रकैद

rohtak_jailरेप केस में जेल की सजा काट रहे राम रहीम के खिलाफ दोनों साध्वियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके उम्रकैद की मांग की है. इस केस में पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम को दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा सुनाई है. इससे पहले राहत के लिए राम रहीम हाईकोर्ट गया था, लेकिन तकनीकी पेंच फंसने पर अब उसे दोबारा याचिका दायर करनी होगी.

सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने राम रहीम को 20 साल की सजा सुना चुकी है. कोर्ट ने दो साध्वियों से रेप केस में अलग-अलग 10-10 साल की सजा सुनाई थी. इसके अलावा 15-15 लाख रुपये दोनों मामलों में जुर्माना भी लगाया था. उस वक्त कोर्ट ने अपने फैसले में गुरमीत पर बेहद सख्त टिप्पणी की थी. उसके अपराध को रेयरेस्ट ऑफ दी रेयर मानते हुए सजा दी थी.

सीबीआई कोर्ट ने कहा था कि जो लड़कियां उसको भगवान की तरह पूजती थीं, उसने उन्हीं के साथ घिनौनी हरकत की है. ऐसा करके दोषी ने उनका विश्वास तोड़ा है. पीड़ितों का शारीरिक और मानसिक शोषण किया है. पीड़िता राम रहीम के संरक्षण में रहती थीं. वहां उनके साथ ये हरकत की गई. ये मामला कस्टोडियल रेप से कम प्रतीत नहीं हो रहा है.

कोर्ट ने माना रेयरेस्ट ऑफ दी रेयर केस

सीबीआई कोर्ट के जज जगदीप सिंह ने अपने फैसले में गुरमीत पर लगे आरोपों को बेहद गंभीर मानते हुए कहा था कि वो दया का हकदार नहीं है. कोर्ट का मानना था, ‘दोषी ने खुद को भगवान के रूप में पेश किया और अपनी ताकत का दुरुपयोग करते हुए मासूम लड़कियों के साथ रेप किया. यह मामला रेयरेस्ट ऑफ दी रेयर केस की श्रेणी में आता है.’

पीड़िता को राम रहीम ने गुफा में बुलाया

सीबीआई चार्जशीट के मुताबिक, पीड़िता ने बताया कि 28-29 अगस्त 1999 की रात को बाबा ने उसे अपनी गुफा में बुलाया. उस समय वह अकेला था. वहां पहुंचने पर बाबा ने उसे दरवाजा बंद करने के लिए कहा. इसके बाद वह दरवाजा बंद करके फर्श पर बैठ गई. बाबा ने उसे बेड पर आकर बैठने के लिए कहा और उससे बातें करने लगा.

माथे पर चूमा और शरीर को छूने लगा

राम रहीम ने पीड़िता से कहा कि एक लड़का उसके बारे में पता करते हुए डेरे पर आया था. जब पीड़िता ने अपनी सफाई दी, तो बाबा ने कहा था, ‘चिंता मत करो, तुम अब साध्वी बन चुकी हो और सब बाबा के नाम कर चुकी हो.’ इसके बाद उसने उसके माथे पर चूमा और शरीर को छूने लगा. विरोध करने पर उसको धमकियां देने लगा.

गुफा के अंदर राम रहीम ने किया रेप

पीड़िता ने राम रहीम से कहा वह उसे भगवान की तरह मानती है, तो उसने कहा कि यदि भगवान मानती हो तो तुम पर मेरा पूरा अधिकार है. इसके बाद उसने पीड़िता के साथ रेप किया. उसने कहा कि वह उसे पवित्र कर रहा है. इस घटना के बाद पीड़िता को नए डेरे से पुराने डेरे पर शिफ्ट कर दिया गया. बाबा की गुफा वहां भी थी.

पीड़िता ने तंग आकर बताई आपबीती

वहां भी राम रहीम ने उसके साथ रेप किया. इससे तंग आकर उसने अपने भाई रंजीत को आपबीती सुनाई. उसने उसे चुप रहने के लिए कहा. रंजीत की दोनों बेटियां भी डेरे में ही पढ़ा करती थी. इस वजह से उसने कहा कि परीक्षा खत्म होते ही वह उनको डेरे से ले जाएगा. कुछ दिनों बाद वह बहाना बनाके करके उनको वहां से ले आया था.

गलगोटिया कॉलेज में छात्र की मौत के बाद उठे सवाल, आखिर क्यों नहीं रुक रही रैगिंग

Posted by mp samachar On September - 29 - 2017Comments Off on गलगोटिया कॉलेज में छात्र की मौत के बाद उठे सवाल, आखिर क्यों नहीं रुक रही रैगिंग

ragging_ग्रेटर नोएडा. गलगोटिया कॉलेज के बीटेक फर्स्ट ईयर के छात्र महेंद्र प्रताप सिंह ने अपने इटावा स्थित घर पर आत्महत्या कर ली. छात्र के परिजन और दोस्तों ने इसे रैगिंग का परिणाम बताया है. हलांकि कॉलेज ने रैगिंग जैसी किसी बात के होने से इंकार किया है. कॉलेज के मुताबिक़ कॉलेज के अंदर एंटी रैगिंग सेल बने हुए हैं. किसी भी छात्र को परेशानी होती है तो वह यहां पर अपील कर सकता है. लेकिन महेंद्र या उसके किसी दोस्त ने ऐसी कोई भी शिकायत नहीं दर्ज कराई थी. इसलिए इस घटना के बारे में रैगिंग जैसी कोई वजह समझ नहीं आती. हलांकि कॉलेज अभी भी इस मामले में जांच करने की बात कह रहा है.

क्यों नहीं रुक रही रैगिंग

शहर के कॉलेजों में रैगिंग के मामले पहले भी सामने आते रहे है। रैगिंग से परेशान होकर कई स्टूडेंंट्स इस घटना से पहलेे भी सुसाइड कर चुके है। रैगिंग की घटनाओं को रोकने के लिए शासन और प्रशासन स्तर ठोस कदम उठाए गए। शासन के निर्देश पर टेक्निकल कॉलेजों में एंटी रैंगिग स्क्वायड का गठन किया गया था। स्क्वायड में कॉलेज मैनेजमेंट, प्रफेसर, पुलिस और प्रशासन को शामिल किया गया था। अगर किसी स्टूडेंंट्स के साथ में रैगिंग के मामला सामने आता है, तो उसे कमेटी से शिकायत करनी होती है। इसका फायदा भी हुआ। रैगिंग की घटनाओं में कमी आई, लेकिन पूरी तरह अंकुश नहीं लग सका।

नोएडा के नॉलेज पार्क में सैकडों मैनेजमेंट, इंस्टीटयूट, मेडीकल कॉलेज व यूनिवर्सिटी है। इनमें हर साल लाखों स्टूडेंट्स भविष्य संवारने के लिए आते हैं। लेकिन एक दशक से रैगिंग के भूत ने स्टूडेंंट्स को अपनी गिरफ्त में रखा है। आज भी रैगिंग के मामले सामने आ रहे है। रैंगिंग को लेकर सरकार को भी सख्त उठाने पड़े, लेकिन शुक्रवार को गलगोटिया कॉलेज के इंजीनियरिंग के एक स्टूडेंट के सुसाइड करने के बाद में अन्य स्टूडेंट्स भी सकते में आ गए हैं। स्टूडेंट्स की मानें तो रैगिंग जैसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए।

एडमिशन के दौरान भी लिया जाता है शपथ पत्र

सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक एडमिशन के दौरान स्टूडेंट्स को एक शपथ पत्र देना होता है। शपथ पत्र के मुताबिक रैगिंग करने पर एडमिशन कैंसिल और कानूनी कार्रवाई करने की जानकारी होती है। उसके बावजूद भी सीनियर छात्र रैगिंग करते हैं। पहले भी शपथ पत्र की वजह से कई स्टूडेंट्स के एडमिशन कैंसिल किए जा चुके हैं। उसके बाद भी छात्र मानने के लिए तैयार नहीं हैं।

पहले भी हो चुकी है मौत

गलगोटिया कॉलेज के स्टूडेंट के सुसाइड करने की घटना 5 साल पहले भी सामने आई थी। परिजनों ने उस दौरान आरोप लगाए थे कि छात्र को कॉलेज में प्रताड़ित किया जाता था। साथ ही उसकी एक वीडियो क्लिप बनाकर शिकायत करने पर डराया जाता था। बाद में उसनेे घर जाकर सुसाइड कर ली थी। इस घटना ने प्रशासन पर उंगलिया उठी थी। इस घटना के बाद भी कोई सबक नहीं लिया गया और अब यह घटना हो गई। हालाकि इस तरह के मामले में कॉलेज मैनेजमेंट रैगिंग न बताकर कार्रवाई करने से पल्ला झाड़ लेते हैं.

पिछले साल ही हुई दो घटना

3 अक्टूबर 2016- इंजीनियरिंग छात्र के साथ रैगिंग की गई। सीनियर छात्रों ने पीड़ित छात्र की बेल्ट और रॉड से बुरी तरह पिटाई की थी। साथ ही आरोपियों ने पूरी घटना का वीडियो भी बनाया। इस मामले में पुलिस ने परिजनोंं ने 11 सीनियर छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई थी।
16 सितंबर 2016- यहां की एक यूनिवर्सिटी में 6 सीनियर छात्रों पर रैगिंग करने का आरोप लगा था। पीड़ित छात्र के साथ में मारपीट की गई और उसेे नग्न हालत में हॉस्टल में घुमाया गया था।

फिर विवादों में रेयान इंटरनेशनल स्कूल, थर्ड डिग्री टॉर्चर से अस्पताल पहुंचा बच्चा

Posted by mp samachar On September - 29 - 2017Comments Off on फिर विवादों में रेयान इंटरनेशनल स्कूल, थर्ड डिग्री टॉर्चर से अस्पताल पहुंचा बच्चा

ryan-school-punjabलुधियाना: गुड़गांव में 7 साल के प्रद्युमन की हत्या के बाद एक बार फिर से रेयान इंटरनेशनल स्कूल सुर्खियों में है। इस बार पंजाब के लुधियाना में स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल में एक टीचर की क्रूरता सामने आई है। लुधियाना के जमालपुर स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 10 साल के एक बच्चे को टीचर द्वारा इतनी बेरहमी से पीटा गया कि बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पिटाई के बाद बच्चे के शरीर पर चोट के निशान साफ देखे जा सकते हैं।परिजनों का आरोप है कि एक अन्य टीचर ने भी वहां पहुंचकर बच्चे को बेरहमी से पीटा। घटना के बाद परिजनों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है। वहीं पुलिस ने शिकायत दर्ज कर आगे की जांच शुरु कर दी है।

पुलिस ने शुरु कर दी है जांच
इस घटना को लेकर पुलिस प्रशासन का कहना है कि हमने शिकायत दर्ज कर जांच शुरु कर दी है और जांच में अगर स्कूल प्रशासन दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जमालपुर थाने के एसएचओ ने बताया कि प्रापर्टी डीलिंग का काम करने वाले जसविंदर सिंह का 10 साल का बेटा मनसुख रेयान इंटरनेशनल स्कूल में चौथी कक्षा का छात्र है।

स्कूल प्रशासन ने आरोपों को नकारा
वहीं दूसरी तरफ इस घटना को लेकर स्कूल के प्रिंसिपल गुरपाल आनंद ने साफ कहा है कि प्रकरण से जुड़े बच्चे की पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। बुधवार को हुई मारपीट की शिकायत मिलने के बाद मनसुख को एक महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया था। बच्चे और उसके परिजनों की ओर से लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। स्कूल में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। वीडियो फुटेज की जांच कराई जाएगी।

1 दिन पहले हुआ था किसी अन्य बच्चे से झगड़ा
बच्चे के पिता जसविंदर के मुताबिक, बुधवार को मनसुख की स्कूल में ही एक अन्य बच्चे से किसी बात को लेकर मारपीट हो गई थी। इस मारपीट में दूसरे बच्चे को कुछ चोट आई। जब गुरुवार को मनसुख स्कूल गया तो एक दिन पूर्व हुई मारपीट के मामले को लेकर उसकी क्लास टीचर ने फटकार लगाते हुए उसकी पिटाई शुरू कर दी। इसी दौरान वहां एक और टीचर आया और उसने भी मनसुख को पीटा। थाना जमालपुर के एसएचओ अवतार सिंह का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

CBI के अंडर है प्रद्युमन मर्डर केस की जांच
आपको बता दें कि 8 सितंबर को गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के प्रद्युमन की चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी गई थी। वहीं पुलिस ने हत्या के आरोप में स्कूल बस के ड्राइवर अशोक को गिरफ्तार किया था। इस घटना के बाद स्कूल को कई दिनों के लिए बंद भी रखा गया था। वहीं रेयान के मालिकों के खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया गया। फिलाहल इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।

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