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Archive for the ‘प्रदेश समाचार’ Category

09-3_2981700_835x547-mमुख्यमंत्री के गृह नगर जैत में गूंजी अवैध खनन की आवाज, किया जल सत्याग्रह सामाजिक-राजनीति कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर कहा नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान की गई घोषणाएं पूरी करें शिवराज पत्रिका न्यूज नेटवर्क भोपाल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह नगर जैत में मंगलवार को आधा दर्जन सामाजिक-राजनीतिक संगठनों ने एकजुट होकर नर्मदा नदी में हो रहे अवैध खनन पर सत्याग्रह किया।

नर्मदा सत्याग्रह संगठन, बेरोजगार सेना, आम किसान यूनियन, नर्मदा बचाओ अभियान सहित अन्य संगठनों ने यहां पहुंचकर नर्मदा नदी, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, किसानों की समस्या सहित कई मुद्दों पर मुख्यमंत्री से मांग की। सत्याग्रह में नर्मदा नदी से लगातार हो रहे अवैध खनन, नर्मदा संरक्षण की मांग की। सत्याग्रह में संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने जितनी घोषणाएं की वह चौहदवीं विधानसभा के आखिरी सत्र के दौरान पूरी करें।

सत्याग्रह में शामिल कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान की गई घोषणाएं अब तक पूरी नहीं की गई है। सत्याग्रह में पूर्व विधायक गिरिजा शंकर शर्मा, पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल, नर्मदा सत्याग्रह के आयोजक विनायक परिहार, बेरोजगार सेना के राष्ट्रीय प्रमुख अक्षय हुंका, आम किसान यूनियन के केदार सिरोह, किसान नेता विश्वास परिहार, अरविंद शर्मा, नर्मदा बचाओ अभियान के बलराम सहित अन्य सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर आवाज उठाई।

गौरतलब है कि नर्मदा के संरक्षण और अवैध खनन रोकने की मांग को लेकर शुरु किया गया सत्याग्रह मंगलवार को जैत पहुंचा। संगठनों के पदाधिकारियों ने जैत में नर्मदा में खड़े होकर जल सत्याग्रह भी किया। लंबे समय से अलग-अलग मांगों के लिए आवाज उठा रहे संगठनों ने जैत में एकजुट होकर एकता का प्रदर्शन किया। इन मांगों को लेकर एक मंच पर पहुंचे आधा दर्जन संगठन नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने नर्मदा को जीवित इकाई का दर्जा देने की घोषणा की, लेकिन इसका आदेश खानापूर्ति बनकर रह गया। मांग की गई कि इसका आदेश जारी कर नर्मदा नदी से अवैध खनन बंद कर माफियाओं पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया जाए। बड़े शहरों का गंदा अपशिष्ट नर्मदा में न मिले इसके लिए नालों पर ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाए। नर्मदा किनारे घटते वन क्षेत्र को रोकने और नर्मदा तट पर जंगल बढ़ाने का काम ठोस तरीके से किया जाए। जंगल-लकड़ी माफियाओं पर अंकुश लगाया जाए। नर्मदा का जल स्तर बढ़ाने के लिए चालू विधानसभा में कानून बनाया जाए।

नर्मदा नदी से हो रहे अवैध खनन लगातार हो रहा है। इससे नदी की जैव विविधता खतरे में हैं। मुख्यमंत्री ने नर्मदा को जीवित इकाई मानने की घोषणा की, लेकिन इस पर पालन नहीं हुआ। यदि चौहदवीं विधानसभा के अंतिम सत्र में नर्मदा के लिए हमारी मांगे पूरी नहीं की जाती और अवैध खनन पर पाबंदी नहीं की जाती हैं तो नर्मदा सत्याग्रह भोपाल में भी सत्र के समानांतर आगामी 25 जून से किया जाएगा। अक्षय हुंका, राष्ट्रीय प्रमुख, बेरोगार सेना ।

19_06_2018-pm-modiii_18099790_222028941आज से ठीक 60 दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंदन के वेस्‍टमिनिस्‍टर में आयोजित कार्यक्रम भारत की बात में जहां अपने मन की कई बातों को उजागर किया था। किसी को तब शायद ही इल्म रहा हो कि अब आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन ऑल आउट सरकार की पहली प्राथमिकताओं में से एक बन जाएगी। प्रधानमंत्री ने तभी चेताया था और बाद में रमजान के पवित्र महीने के मद्देनजर 16 मई को सरकार ने आतंकवादियों के खिलाफ अभियान पर एक माह के लिए रोक की घोषणा भी की थी।

अब गठबंधन की मजबूरी को एक तरफ रख कर आतंक के अंत की ओर सरकार जुट गयी लगती है। राम माधव ने भी आज कहा, ‘रमजान के महीने में हमने सीजफायर कर दिया था। हमें उम्मीद थी कि राज्य में इसका अच्छा असर दिखेगा। यह कोई हमारी मजबूरी नहीं थी, न तो इसका असर आतंकवादियोें पर पड़ा और न हुर्रियत पर।

राम माधव ने कहा कि केंद्र सरकार ने घाटी में हालात संभालने के लिये पूरी कोशिश की है। आतंकवाद के खिलाफ हमने व्यापक अभियान चलाया था जिसका हमें फायदा भी हुआ। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। घाटी में शांति स्थापित करना हमारा एजेंडा था, लेकिन उस दिन प्रधानमंत्री ने जो लंदन के मंच से कहा था वो यहां आज के सन्दर्भ में याद दिलाना ज़रूरी हो जाता है।

जब दिया था पाकिस्तान को जवाब

लंदन के उस कार्यक्रम के दौरान सर्जिकल स्‍ट्राइक और पाकिस्‍तान से उपजे आतंकवाद से संबंधित एक सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि जब कोई टेरे‍रिज्‍म एक्सपोर्ट करने का उद्योग बना करके बैठा हो, मेरे देश के निर्दोष नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया जाता हो, युद्ध लड़ने की ताकत नहीं है, पीठ पर प्रयास करने के वार होते हों; तो ये मोदी है, उसी भाषा में जवाब देना जानता है।

पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारे जवानों को, टैंट में सोए हुए थे रात में, कुछ बुजदिल आकर उनको मौत के घाट उतार दें? आप में से कोई चाहेगा मैं चुप रहूं? क्‍या उनको ईंट का जवाब पत्‍थर से देना चाहिए कि नहीं देना चाहिए? और इसलिए सर्जिकल स्‍ट्राइक किया और मुझे मेरी सेना पर गर्व है, मेरे जवानों पर गर्व है। जो योजना बनी थी, उसको शत-प्रतिशत ..कोई गलती किए बिना उसे पूरा किया और सूर्योदय होने से पहले सब वापस लौट कर आ गए।

इसके आगे पीएम कहते हैं, ‘और हमारी नेकदिली देखिए- मैंने हमारे अफसर जो इसको ऑपरेट कर रहे थे, उन्‍हें कहा, कि आप हिन्‍दुस्‍तान को पता चले उससे पहले, मीडिया वहां पहुंचे उससे पहले, पाकिस्‍तान की फौज को फोन करके बता दो कि आज रात हमने ये किया है, ये लाशें वहां पड़ी होंगी, तुम्‍हें समय हो तो जा करके ले आओ।’

रोचक यह है कि पार्टी के शीर्ष कमान की ओर से किए गए गठबंधन से अलग होने के फैसले से पहले राज्य में उनके मंत्रियों को भी इस फैसले की भनक तक नहीं थी। इस बैठक से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान शाह और डोभाल के बीच जम्‍मू-कश्‍मीर के मौजूदा हालात तथा अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले की आशंका को लेकर बातचीत हुई।

20_06_2018-modi_farmers23_18101453_95040789नई दिल्ली: अहमदाबाद की एक अदालत ने करीब 15 साल पहले गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए धमकी भरे एक ईमेल के मामले में सुनवाई शुरू कर दी है. इस मामले में एक स्थानीय निवासी मोहम्मद रिजवान कादरी आरोपी है. सरकारी अभियोजक प्रतीक भट्ट ने कहा कि न्यायिक मजिस्ट्रेट जे एल परमार ने शिकायतकर्ता से जिरह के साथ पिछले हफ्ते मामले में सुनवाई शुरू कर दी. उन्होंने कहा कि अगली सुनवाई 27 जून को होगी. गुजरात पुलिस के आतंक विरोधी दस्ते के अनुसार कादरी ने दिसंबर, 2002 में मोदी को धमकी भरा ई-मेल भेजा था. ईमेल में उन्हें और उनके सहयोगियों ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल को फरवरी 2003 के अंत तक ‘‘खत्म’’ करने की धमकी दी थी.

गौरतलब है कि पिछले दिनों ही पीएम मोदी की हत्या की साजिश रचने का खुलासा भी हुआ था. पुणे की पुलिस ने कोर्ट में एक लेटर पेश करते हुये दावा किया था कि माओवादी पीएम मोदी की ‘राजीव गांधी की तरह हत्या’ करने की साजिश रच रहे थे. पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनके संबंध प्रतिबंधित सीपीआई-माओवादी संगठन से हैं. इनके नाम दलित एक्टिविस्ट सुधीर धावले, वकील सुरेंद्र गडलिंग, एक्टिविस्ट महेश राउत, शोमा सेन और रोना विल्सन हैं. पुलिस ने इनको ‘अरबन माओइस्ट’ का शीर्ष नेता बताया है और इनको जनवरी में हुई भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार किया है. पीटीआई में छपी खबर की मानें तो पुलिस की ओर से दी गई जानकारी दी गई है कि यह चिट्ठी रोना विल्सन के दिल्ली आवास से बरामद हुई है. रोना विल्सन इस समय राजनीतिक कैदियों की रिहाई के लिये बनाई गई समिति के सदस्य हैं

हैप्पी बर्थडे राहुल गांधी: 48 के हुए कांग्रेस अध्यक्ष, पीएम मोदी ने दी बधाई

Posted by mp samachar On June - 19 - 2018Comments Off on हैप्पी बर्थडे राहुल गांधी: 48 के हुए कांग्रेस अध्यक्ष, पीएम मोदी ने दी बधाई

indexनई दिल्ली: आज कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का जन्मदिन है. राहुल गांधी आज 48 साल के हो गए हैं. इस मौके पर कांग्रेस की ओर से कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. सुबह 10.30 बजे इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ कांग्रेस दफ्तर में राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें जन्मदिन की शुभकानाएं देने पहुंचेंगे.

शाम 5.30 बजे मैराथन का आयोजन

आज शाम 5.30 बजे दिल्ली प्रदेश यूथ कांग्रेस दिल्ली मैराथन का आयोजन करेगी. यूथ कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि मैराथन में उनके कार्यकर्ता और जानेमाने एथलीट्स और खिलाड़ी हिस्सा लेंगे. यूथ कांग्रेस ने इस मैराथन को ‘रन फॉर एम्पलॉयमेंट और वुमेन सेफ्टी’ नाम दिया है. मैराथन पांच, रायसेना रोड स्थित इंडियन यूथ कांग्रेस दफ्तर से शुरू होकर कांग्रेस दफ्तक तक जाएगी.

पीएम मोदी ने दी राहुल को बधाई

राहुल गांधी के जन्मदिन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बधाई दी है. पीएम मोदी ने लिखा है, ”कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई. मैं उनकी लंबी आयु की कामना करता हूं.”

19 जून 1970 को राहुल गांधी का जन्म हुआ. दादी इंदिरा गांधी, पिता राजीव गांधी और मां सोनिया गांधी के लाडले राहुल, गांधी खानदान के बड़े बेटे तो थे ही, सबके चहेते भी थे.

राहुल गांधी के जीवन से जुड़ी कुछ मुख्य बातें-

– राहुल गांधी की शुरुआती शिक्षा दिल्ली के सैंट कोलंबस स्कूल से हुई थी
– साल 1981 में राहुल को देहरादून के दून पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के लिए भेजा गया
– 1989 में दिल्ली के सैंट स्टीफंस कॉलेज में राहुल गांधी ने अंडर ग्रेजुएट कोर्स के लिए दाखिला लिया
– लेकिन पहला साल पूरा करने के साथ ही उन्हें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी जाना पड़ा
– साल 1991 में पिता राजीव गांधी की हत्या के बाद राहुल गांधी को फ्लोरिडा के रॉलिंग कॉलेज शिफ्ट किया गया
– यहीं से साल 1994 में उन्होंने बीए की डिग्री ली
– पढ़ाई पूरी करने के बाद राहुल गांधी की वतन वापसी हुई.
– देश की राजनीति और हालात बहुत हद तक बदल चुके थे
– इसी बदले राजनीतिक हालात में कांग्रेस ने राहुल गांधी को देश की राजनीति में उतारा
– साल 2004 में राहुल गांधी ने अमेठी सीट से चुनाव लड़ा और जीत के साथ देश की संसद में पहली बार कदम रखा.
– मां सोनिया गांधी की देख रेख में राहुल ने इस दौरान पार्टी में कई अहम पदों पर काम किया
– धीरे-धीरे राहुल, कांग्रेस पार्टी के भीतर खुद के लिए जगह बनाने में कामयाब रहे.
– राहुल गांधी को साल 2013 में कांग्रेस का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया.
– 13 साल भारतीय राजनीति में खुद को मथने के बाद राहुल बड़ी पारी के लिए तैयार हो चुके हैं.

लोकसभा चुनाव तक मुझे कोई हिला भी नहीं सकता: कुमारस्वामी

Posted by mp samachar On June - 16 - 2018Comments Off on लोकसभा चुनाव तक मुझे कोई हिला भी नहीं सकता: कुमारस्वामी

No one can shake me till the Lok Sabha electionsबेंगलुरु । कांग्रेस को आंखें दिखाते हुए कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी ने कहा है कि लोकसभा चुनाव तक मुझे कोई हिला भी नहीं सकता। मेरे पास एक साल का समय है और इसका सदुपयोग राज्य के हित में होगा। गठबंधन की कर्नाटक सरकार जुलाई में अपना बजट पेश करेगी। रोचक तथ्य है कि कर्नाटक के सीएम रहे सिद्दरमैया राज्य का बजट पेश कर चुके हैं। सरकार का यह कदम कांग्रेस को रास नहीं आएगा।

एक समारोह में कुमारस्वामी ने अपने तीखे तेवर दिखाए और साफ कर दिया कि चिंता मत करो। उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। सीएम का यह भी कहना था कि जल्द ही वह किसानों के लिए कर्जा माफी योजना की घोषणा करेंगे। इसके लिए समग्र तरीके से तैयारी चल रही है। सभी पहलुओं का अध्ययन करके किसानों को राहत दी जाएगी। 15 दिनों में किसानों के लिए ऋण माफी योजना तैयार कर ली जाएगी।

उनका कहना था कि एक साल के समय को वह यूं ही व्यर्थ नहीं करेंगे। इस दौरान राज्य के हितों के लिए काम करेंगे। उनका कहना था कि वह परवाह नहीं कर रहे कि दूसरों ने क्या किया। उनकी चिंता केवल इस बात की है कि वह क्या करने वाले हैं। कुमारस्वामी का वक्तव्य इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि गठबंधन सरकार शुरू से ही तल्ख माहौल में बनी है। पहले मंत्रालयों का बंटवारा और फिर कांग्रेस विधायकों की नाराजगी से साफ है कि सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

जाहिर है कि सीएम के तेवर कांग्रेस के लिए परेशानी खड़ी करने वाले हैं। सीएम का यह भी कहना था कि कुछ लोगों को उनका फिर से बजट पेश करना परेशान करेगा। वह सोचते हैं कि सीएम नाम के लिए ऐसा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें किसी की परवाह नहीं है। वह कर्नाटक व इसके बाशिंदों के लिए खुलकर फैसले लेंगे। गौरतलब है कि 21 मई को हुए चुनाव में कर्नाटक में किसी को बहुमत हासिल नहीं हो सका था। कांग्रेस और जेडी (एस) ने एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा था। अलबत्ता बाद में दोनों एक साथ आ गए और सरकार का गठन कर दिया।

ईद के बाद कश्मीर में एकतरफा सीजफायर खत्म करने पर विचार कर रही है सरकार

Posted by mp samachar On June - 15 - 2018Comments Off on ईद के बाद कश्मीर में एकतरफा सीजफायर खत्म करने पर विचार कर रही है सरकार

rajnath sनई दिल्ली
केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में एकतरफा सीजफायर को खत्म करने का फैसला ले सकती है। सूत्रों का कहना है कि गुरुवार को केंद्रीय गृहमंत्री की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में सीजफायर की मियाद खत्म करने को लेकर चर्चा हुई है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि सरकार ऑपरेशन फिर से शुरू करने का अधिकारिक तौर पर ऐलान नहीं करेगी। बता दें कि केंद्र सरकार ने कश्मीर घाटी में शांति बहाली की दिशा में बीती 15 मई को जम्मू-कश्मीर में एकतरफा सीजफायर की घोषणा की थी। हालांकि इस फैसले के बाद भी सरकार ने सुरक्षाबलों को आतंकी हमलों की स्थिति में मनचाही कार्रवाई की छूट दी थी।

सूत्रों के मुताबिक, रमजान सीजफायर सिर्फ ईद के दिन तक ही जारी रहेगा। इसी दौरान अमरनाथ यात्रा भी शुरू हो जाएगी। ऐसे में आंतकियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए रमजान सीजफायर खत्म करना जरूरी होगा। सूत्रों का कहना है कि सरकार सीजफायर के साथ सेना के हाथ नहीं बांधना चाहती है। माना जा रहा है कि ईद पर सीजफायर की मियाद खत्म होने के बाद घाटी में सेना एक बार फिर आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन काउंटर इंसर्जेंसी ऑपरेशन शुरू कर सकेगी।

एक न्यूज चैनल से बातचीत में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा कि हम रमजान के दौरान घाटी में आम आदमी को राहत देना चाहते थे। ताकि वे इस पवित्र महीने में शांतिपूर्वक अपने काम कर सकें। रमजान के दौरान हम खुद अपने रुख में फंस गए। लोग इससे खुश हैं और हमारा उद्देश्य पूरा हो गया है।

राजनाथ ने घाटी के दौरे पर की थी सुरक्षा की समीक्षा
बता दें कि मई महीने में सरकार द्वारा घाटी में एकतरफा सीजफायर का ऐलान किए जाने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर घाटी का दो दिवसीय दौरा किया था। इस दौरे पर राजनाथ सिंह ने घाटी में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की थी। इस बैठक के बाद इस बात की अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार आने वाले वक्त में सीजफायर की मियाद को बढ़ा सकती है। हालांकि अपनी यात्रा के दौरान ही पत्रकारों से बात करते हुए राजनाथ सिंह ने यह कहा था कि सीजफायर की अवधि बढ़ाने का फैसला विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों से मिलने वाली रिपोर्ट्स और उच्च पदस्थ अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद लिया जाएगा।

गृहमंत्री के घर हुई बैठक में चर्चा
इसी क्रम में गुरुवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें केंद्र सरकार के गृह सचिव समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में कश्मीर घाटी में एकतरफा सीजफायर की अवधि को आगे नहीं बढ़ाने को लेकर चर्चा की। हालांकि अब तक गृह मंत्रालय की ओर से इस संबंध में कोई भी आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि रमजान में हुई तमाम आतंकी घटनाओं और अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर सरकार अब सीजफायर की तारीख को आगे नहीं बढ़ाएगी।

सीजफायर के बीच घाटी में होती रही आतंकी साजिश
गौरतलब है कि घाटी में सीजफायर के ऐलान के बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की ओर से सरकार के फैसले का स्वागत किया गया था। इसके साथ ही इन सभी ने सरकार के फैसले के बाद घाटी में शांति व्यवस्था कायम होने और सीजफायर का फैसला सफल होने की भी बात कही थी। वहीं सीजफायर के ऐलान के बीच आतंकियों ने कश्मीर घाटी में तमाम हमलों को भी अंजाम दिया था। रमजान के महीने में घाटी में आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर के कई जिलों में सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड हमले किए थे। इसके अलावा घाटी के कई स्थानों पर सियासी नेताओं के घर पर हमले और हथियार लूट की वारदात भी हुई थी।

रायपुर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी, छत्तीसगढ़ को देंगे कई सौगात

Posted by mp samachar On June - 14 - 2018Comments Off on रायपुर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी, छत्तीसगढ़ को देंगे कई सौगात

-pmप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ के दौरे पर पहुंचे हैं। इस दौरान रायपुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री रमन सिंह ने उनका फूल देकर स्वागत किया है। प्रधानमंत्री यहां से भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण परियोजना का लोकार्पण करने के लिए जाएंगे। बता दें कि राज्य में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

प्रधानमंत्री थोड़ी देर में छत्तीसगढ़ में इंटरनेट कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए भारत नेट परियोजना के द्वितीय चरण की परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। इसके अलावा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई नगर के विशाल भवन का शिलान्यास भी करेंगे। साथ ही भिलाई में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

मोदी केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत रायपुर से जगदलपुर तक यात्री विमान सेवा की सौगात देंगे। इससे छत्तीसगढ़ का आदिवासी बहुल बस्तर संभाग देश के हवाई यातायात के मानचित्र में शामिल हो जाएगा। भिलाई पहुंचने से पहले वे नया स्मार्ट सिटी का भी दौरा करेंगे।

दूसरी पत्नी और बेटी के विवाद ने उजाड़ दी भय्यू महाराज की जिंदगी, अंतिम संस्कार अाज

Posted by mp samachar On June - 13 - 2018Comments Off on दूसरी पत्नी और बेटी के विवाद ने उजाड़ दी भय्यू महाराज की जिंदगी, अंतिम संस्कार अाज

anna-modi-bhayyuji_इंदौर । दुनिया को संयम और मुक्ति की सीख देने वाले भय्यू महाराज, दूसरी पत्नी डॉ. आयुषी और बेटी कुहू के बीच चल रहे विवाद से टूट गए थे। दर्जनों ऐसे मौके आए जब पत्नी और बेटी आमने-सामने हो गई। दोनों के बीच सुलह और सब कुछ सामान्य करने के प्रयास भय्यू महाराज करते रहे, लेकिन स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती चली गई। मंगलवार को बेटी पुणे से इंदौर आने वाली थी, तब उनके घर मौजूद परिजन और कर्मचारियों को भी विवाद होने का भय सता रहा था। भय्यू महाराज को भी शायद इस बात का अंदेशा हो गया था। हजारों लोगों को उनकी समस्याओं का चुटकियों में हल बताने वाले भय्यू महाराज शायद जब अपनी समस्या का हल नहीं तलाश पाए तो उन्होंने खुद की जीवनलीला समाप्त कर ली। आज दोपहर एक बजे भय्यूजी महाराज का अंतिम संस्कार होगा।

कलह की पहली वजह: बेटी को पिता की दूसरी शादी पसंद नहीं थी

जानकारी के मुताबिक दूसरी पत्नी को घर लाते ही बेटी ने पूजा का सामान फेंक दिया। पहली पत्नी माधवी के निधन के बाद भय्यू महाराज ने डॉ. आयुषी से शादी करने के निर्णय के बारे में बेटी कुहू को नहीं बताया था। वह शादी से सहमत नहीं थी। गुस्से के कारण कुहू शादी में भी शामिल नहीं हुई। डॉ. आयुषी जब पहली बार घर आईं तो कुहू ने इसका विरोध किया। दोनों में कहासुनी भी हुई। कुहू ने गुस्से में भय्यू महाराज के पूजन स्थल से दीपक और सामान फेंक दिया। डॉ. आयुषी को इससे बहुत तकलीफ हुई। उन्होंने भय्यू महाराज से कहा- ‘तुमने कुहू की इस हरकत का विरोध क्यों नहीं किया।’ भय्यू महाराज ने कहा कि बेटी नादान है। उसकी मां इस दुनिया में नहीं है। समय के साथ-साथ सब सामान्य हो जाएगा। डॉ. आयुषी को बुरा लगा। वह कुहू की हरकत से ज्यादा इस बात से दुखी हुई कि उनके पति ने उनका साथ नहीं दिया।

कलह की दूसरी वजह: घर से हटवा दी पहली पत्नी की तस्वीरें

डॉ. आयुषी ने शादी के कुछ समय बाद मकान का रंगरोगन करवाया। पुताई के दौरान उन्होंने कुहू की मां व भय्यू महाराज की पहली पत्नी माधवी की सारी तस्वीरें हटवा दीं। जब कुहू पूणे से घर आई और मां की तस्वीरें गायब देखी तो हंगामा कर दिया। डॉ. आयुषी और कुहू के बीच जमकर कहासुनी हुई। उस वक्त भी भय्यू महाराज बेटी के पक्ष में खड़े रहे। उन्होंने डॉ. आयुषी को समझाने की कोशिश की और कहा वह बेटी को कैसे डांट सकते हैं। इन दोनों घटनाओं से डॉ. आयुषी और गुस्सैल हो गई। अब वह भय्यू महाराज और उनके करीबी कर्मचारियों से भी सीधे लड़ने लगी थी। भय्यू महाराज बेटी और पत्नी के बीच फंस चुके थे। घर का हर कर्मचारी इस बात से भयभीत रहता था कि घर में किसी भी वक्त बवाल मच सकता है।

डॉ. आयुषी ने भय्यू महाराज के सामने अपने माता-पिता को साथ रखने का प्रस्ताव रख दिया। दबाव में भय्यू महाराज ने अपने घर के सामने ही बड़ा बंगला किराए पर लिया और डॉ. आयुषी के माता-पिता को ठहराया। जैसे ही कुहू को इस बारे में पता चला, उसने पिता से नाराजगी जताई। भय्यू महाराज ने बेटी को समझाने का प्रयास किया और कहा कि वह कुछ समय में सब कुछ ठीक कर देंगे। उन्होंने स्कीम-74 में 60 लाख रुपये का प्लॉट खरीद लिया है। वहां बड़ा बंगला बनाकर कुहू के साथ रहेंगे। कुहू ने उनकी बातों पर विश्वास करने से इन्कार कर दिया। भय्यू महाराज को हर वक्त यही लगता था कि पत्नी और बेटी में किसी भी वक्त हाथापाई हो सकती है। आश्रम के कर्मचारी और नौकर-नौकरानी भी गृह कलह से सहमे-सहमे रहते थे।

कुहू करीब तीन महीने बाद मंगलवार को इंदौर लौटी थी। वह सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंची और पिता को देखा। पिता को खून से सना देख बदहवास हो गई। दोपहर में वह गुस्से में घर (सिल्वर स्प्रिंग) पहुंची और डॉ. आयुषी की तस्वीरों को फोड़ना शुरू कर दिया। उनके साथ मौजूद कांग्रेस की महिला नेता ने उसे संभाला और कमरे में लेकर गई। मां और बेटी में मारपीट न हो, इसके लिए दोनों को अलग रखा और उनके कमरों के बाहर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात करना पड़ा।

जब केजरीवाल बोले- ‘2019 के आम चुनाव में भाजपा के लिए प्रचार करूंगा, घर-घर जाकर कहूंगा कि BJP का साथ दो’

Posted by mp samachar On June - 12 - 2018Comments Off on जब केजरीवाल बोले- ‘2019 के आम चुनाव में भाजपा के लिए प्रचार करूंगा, घर-घर जाकर कहूंगा कि BJP का साथ दो’

arvind-kejriwal-announce-in-delhi-assembly-to-support-bjp-in-2019दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है. इस दौरान विधानसभा में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर 2019 से पहले दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल जाता है तो वह बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार करेंगे और दिल्ली की जनता से बीजेपी के पक्ष में वोट करने की अपील करेंगे.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं बीजेपी को बताया चाहता हूं, अगर 2019 चुनाव से पहले दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल जाता है तो यकीन दिलाता हूं कि दिल्ली का हर वोट तुम्हारे पक्ष में जाएगा, मैं तुम्हारे लिए प्रचार करूंगा’. अगर तुम ऐसा नहीं करते तो दिल्ली वासी अपने-अपने घर के बाहर ‘बीजेपी दिल्ली छोड़ो’ का बोर्ड लगाएंगे.

अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को दिल्ली विधानसभा में कहा, ‘दिल्ली ऐतिहासिक शहर है. राजनीति में दिल्ली का दुर्भाग्य रहा कि यहां राजाओं का राज रहा, जनता का शासन नहीं हुआ. महाराजा अकबर, औरंगज़ेब, बहादुरशाह जफर फिर अंग्रेज़ और महाराज नजीब जंग और अब महाराज अनिल बैजल का राज चल रहा है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘लोगों ने आज़ादी और जनतंत्र के लिए कुर्बानी दी, ताकि जनता राज करेगी. सरकार जनता के हिसाब से काम करेगी और जनता सरकार से सवाल कर सकती है. पूरे देश मे जनता का राज है लेकिन दिल्ली में एलजी राज चल रहा है.’

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में वायसराय हटाकर एलजी का राज चल रहा है. उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली का क्या कसूर है कि आज़ादी नहीं मिली. दिल्ली में हाफ सिटीजन हैं, ये दिल्ली का अपमान है. उन्होंने पूछा कि हम आधे नागरिक क्यों हैं, दिल्ली के लोग पढ़े-लिखे हैं फिर सेकंड क्लास सिटीजन क्यों?

दिल्ली के सीएम ने कहा, ‘दिल्ली के लोग मोहल्ला क्लीनिक मांगते है, दिल्ली के लोग अच्छे स्कूल, अस्पताल, राशन मांगते हैं लेकिन बीजेपी के वायसराय कहते है नहीं बनने देंगे. क्या पीएम किसी से मिलते हैं, राजनाथ सिंह मिलते हैं, एलजी से कोई मिल सकता है? सबसे अहम सवाल है कि दिल्ली में किसकी चलेगी. महाराज एलजी की या चुनी हुई सरकार की?’

उन्होंने कहा, ‘अब दिल्ली की जनता को अपनी लड़ाई पड़ेगी. तिलक ने कहा कहा था कि स्वराज हमारा अधिकार है अब हमें भी यही करना पड़ेगा. दिल्लीवालों को अपने सम्मान, अपने हक़, बराबरी और अपने बच्चों के सपने पूरे करने के लिए लड़ना होगा. अंग्रेजो भारत छोड़ो के बाद अब हमारा नारा होगा- एलजी दिल्ली छोड़ो.’

दिल्ली की केजरीवाल सरकार लगातार सड़क से लेकर सदन तक दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की कोशिश में जुटी है. पार्टी का आरोप है कि केंद्र शासित प्रदेश होने की वजह से दिल्ली सरकार के कामों में बाधा डाली जा रही है. साथ ही छोटे-छोटे कामों के लिए दिल्ली के लोगों को परेशान किया जा रहा है.

गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नारा दिया था कि ‘एलजी दिल्ली छोड़ो’ और दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए अभियान चलाने का ऐलान किया था.

केजरीवाल के साथ सीपीआई

सीपीआई ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि नई दिल्ली को छोड़कर दिल्ली के बचे हुए हिस्से को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाना चाहिए. पार्टी महासचिव ने एस सुधाकर रेड्डी ने कहा कि हम चाहते हैं कि दिल्ली में से नई दिल्ली को काटना चाहिए, जहां केंद्र सरकार के दफ्तर हैं उसे अलग रखना चाहिए और बचे हुए राज्य को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाना चाहिए.

यूपीएससी पास किए बिना बनेंगे अफसर, मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

Posted by mp samachar On June - 11 - 2018Comments Off on यूपीएससी पास किए बिना बनेंगे अफसर, मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

pm-modi1अधिकारी बनने के लिए अब यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा पास करना जरूरी नहीं होगा। दरअसल मोदी सरकार ने नौकरशाही में प्रवेश पाने का अब तक सबसे बड़ा बदलाव कर दिया है। एक फैसले के बाद अब प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले सीनियर अधिकारी भी सरकार का हिस्सा बन सकते हैं। लैटरल एंट्री के जरिए सरकार ने इस योजना को नया रूप दिया है। रविवार को इन पदों पर नियुक्ति के लिए डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनेल ऐंड ट्रेनिंग (DoPT) के लिए विस्तार से गाइडलाइंस के साथ अधिसूचना जारी की गई।
प्राइवेट कंपनी में काम करने वालों को भी मौका

शुरू से ही पीएम नरेन्द्र मोदी ब्यूरोक्रेसी में लैटरल एंट्री के के हिमायती रहे हैं। इसलिए सरकार अब इसके लिए सर्विस रूल में जरूरी बदलाव भी करेगी। डीओपीटी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार मंत्रालयों में जॉइंट सेक्रटरी के पद पर नियुक्ति होगी। इनका टर्म 3 साल का होगा और अगर अच्छा प्रदर्शन हुआ तो 5 साल तक के लिए इनकी नियुक्ति की जा सकती है।

इन पदों पर आवेदन के लिए अधिकतम उम्र की सीमा तय नहीं की गई है जबकि न्यूनतम उम्र 40 साल है। इनका वेतन केंद्र सरकार के अंतर्गत जॉइंट सेक्रटरी वाला होगा। सारी सुविधा उसी अनुरूप ही मिलेगी। इन्हें सर्विस रूल की तरह काम करना होगा और दूसरी सुविधाएं भी उसी अनुरूप मिलेंगी। मालूम हो कि किसी मंत्रालय या विभाग में जॉइंट सेक्रटरी का पद काफी अहम होता है और तमाम बड़े नीतियों को अंतिम रूप देने में या उसके अमल में इनका अहम योगदान होता है।

आवेदन देने की अंतिम तारीख 30 जुलाई

इनके चयन के लिए बस इंटरव्यू होगा और कैबिनेट सेक्रटरी के नेतृत्व में बनने वाली कमिटी इनका इंटरव्यू लेगी। योग्यता के अनुसार सामान्य ग्रेजुएट और किसी सरकारी, पब्लिक सेक्टर यूनिट, यूनिवर्सिटी के अलावा किसी प्राइवेट कंपनी में 15 साल काम का अनुभव रखने वाले भी इन पदों के लिए आवेदन दे सकते हैं। आवेदन में योग्यता इस तरह तय की गई है कि उस हिसाब से कहीं भी 15 साल का अनुभव रखने वालों के सरकार के टॉप ब्यूरोक्रेसी में डायरेक्ट एंट्री का रास्ता खुल गया है।

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