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Archive for the ‘प्रदेश समाचार’ Category

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नई दिल्ली । शाहजहां ने पत्नी मुमताज की याद में ताजमहल बनवाया था तो वहीं कर्नाटक के एक किसान की कहानी भी इससे कुछ कम नहीं है, यहां पर किसान ने अपनी पत्नी की याद में मंदिर बनवाया है। राजू उर्फ राजसुस्वामी नाम के किसान ने बताया कि उसकी पत्नी की इच्छा थी।

हालांकि अभी तक मंदिर नहीं हुआ है। उसमें देवी-देवताओं की मूर्ति भी स्थापित की जानी है, जिसके बाद ही पूजना शुरू होगी। गावों के लोग भी अब येलंदुर तालुक जिले के कृष्णापुरा गांव में इस राजाम्मा मंदिर के बारे में जानना चाहते हैं।

राजू ने अपनी बहन की बेटी से शादी की थी। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता इस शादी के खिलाफ थे, हालांकि उनकी पत्नी के भाई ने इसका विरोध नहीं किया। शादी के कुछ दिन बाद ही उनकी पत्नी ने गांव में एक मंदिर बनाने की इच्छा जाहिर की। पत्नी के कहने पर राजू ने गांव में मंदिर का निर्माण शुरू कर दिया। इसी दौरान उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई। इसके बाद उन्होंने मंदिर में पत्नी की मूर्ति स्थापित करने विचार किया।


नई दिल्ली । भले ही यह कहा जाता है कि आप अपनी मर्जी से किसी भी पार्टी को वोट दे सकते हैं, लेकिन त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में अपनी मर्जी का वोट डालने पर एक 32 वर्षीय आदिवासी महिला को उसके ससुराल वालों ने ही मौत के घाट उतार दिया।

पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि वोट देने के बाद पीड़िता के ससुर और जेठ उसके घर में घुस आए। इसके बाद दोनों ने उसपर ईंट और डंडे से हमला कर दिया। जब पड़ोसी उस महिला को बचाने दौड़े तो दोनों आरोपी भाग निकले। पीड़िता के पति ने तीन लोगों को खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है, लेकिन अभी तक कोई भी गिरफ्तार नहीं किया गया है।

बताया गया कि आरोपियों ने महिला को इसलिए मारा कि उसने सीपीएम की बजाय बीजेपी को वोट दिया था। बीते 18 फरवरी को त्रिपुरा में विधानसभा की 59 सीटों के लिए वोट डाले गए। इस बार सीपीएम को बीजेपी सत्ता से उखाड़ने का दावा कर रही है।

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लेह में शनिवार को बड़ा विमान हादसा टला. बताया जा रहा है कि गो एयर प्लेन का इंजन फेल हो गया था, जिस वजह से विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करवानी पड़ी.

नई दिल्ली । लेह में शनिवार को बड़ा विमान हादसा टला. बताया जा रहा है कि गो एयर प्लेन का इंजन फेल हो गया था, जिस वजह से विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. इस प्लेन में 100 से ज्यादा यात्री सवार थे. प्लेन के पायलट द्वारा सूझबूझ और तत्परता दिखाने के कारण सभी यात्रियों की जान बच सकी. जानकारी के मुताबिक, शनिवार को गो एयर के विमान एयरबस 320 नियो 112 यात्रियों के साथ सुबह 9:20 पर उड़ान भरी. लेकिन टेक ऑफ होते ही पायलट ने पाया कि विमान का एक इंजन बंद हो गया है, जिससे विमान संतुलन खो सकता है.

यात्रियों की जान बचाने में तत्परता दिखाते हुए विमान के पायलट नीरज जोशी ने तुरंत दोबारा लेह एयपोर्ट पर लैंडिंग का फैसला लिया. उन्होंने एयर ट्रेफिक कंट्रोल को तुरंत इस बारे में सूचित किया. जिसके बाद विमान को इमरजेंसी लैंडिग के लिए स्वीकृति दी गई. एक ही इंजन के सहारे पायलट ने बड़ी सावधानी से सुबह 9:30 पर प्लेन को लैंड किया.

विमान की एक ही इंजन के सहारे लैंडिंग होने से प्लेन के असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका रहती है. लेकिन गोएयर विमान के पायलट ने इस स्थिति को अच्छे से संभाला और प्लेन की सेफ लैंडिंग करवाई.
प्लेन के टेक ऑफ से पहले उसकी जांच की जाती है, लेकिन इसके बावजूद इंजन के खराब होने के बारे में पता नहीं चल सका. इस घटना को लेकर जांच शुरू कर दी गई है.

मुस्लिम वोट बटोरने निकले ‘ कांग्रेस’ के नसीमुद्दीन सिद्दिकी, क्या लगा पाएंगे अतीक अहमद के वोट बैंक में सेंध

Posted by mp samachar On February - 23 - 2018Comments Off on मुस्लिम वोट बटोरने निकले ‘ कांग्रेस’ के नसीमुद्दीन सिद्दिकी, क्या लगा पाएंगे अतीक अहमद के वोट बैंक में सेंध

7-23गाजियाबाद। बसपा के नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ जलालुद्दीन सिद्दीकी भी कांग्रेसी हो गए। नसीमुद्दीन सिद्दीकी कभी बसपा में नंबर दो की हैसियत के नेता माने जाते थे। जलालुद्दीन सिद्दीकी को उनका बेहद करीबी माना जाता है। पिछले वर्ष मई में जब बसपा को नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अलविदा कहा तो जलालुद्दीन सिद्दीकी ने भी 10 मई, 2017 को बसपा को अलविदा कह दिया था। इसके बाद न नसीमुद्दीन सिद्दीकी किसी राजनैतिक दल में गए और जब उन्होंने कोई नई पार्टी ज्वाइन नहीं की तो जलालुद्दीन सिद्दीकी भी इस अवधि में बिना पार्टी के केवल नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ रहे।
गुरुवार को जब नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस ज्वाइन की तो जलालुद्दीन सिद्दीकी भी उनके साथ कांग्रेसी हो गए। अब जलालुद्दीन सिद्दीकी के कांग्रेस में आने के बाद गाजियाबाद की कांग्रेस की मुस्लिम सियासत में इसके इफेक्ट दिखाई देंगे। कांग्रेस का वोट बैंक मुस्लिम भी माना जाता है।
एक दशक में यह वोट बैंक सपा की तरफ चला गया था और इस वोट बैंक में बसपा ने भी सेंध लगाई थी। लेकिन हाल के चुनावी नतीजे बता रहे हैं कि यह वोट बैंक वापस कांग्रेस की तरफ लौट रहा है। कांग्रेस अब अन्य दलों के मुस्लिम नेताओं को अपने पाले में लाने के लिए जुट गई है। यहां उसने पहला मास्टर स्ट्रोक नसीमुद्दीन सिद्दीकी के रूप में मारा है। गाजियाबाद में कांग्रेस को लंबे समय से एक मुस्लिम चेहरे की तलाश थी। यहां यदि कांग्रेस के मुस्लिम नेताओं की बात की जाए तो पूर्व कार्यवाहक जिलाध्यक्ष हाजी लियाकत, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता इस्माइल खान, नगर निगम में पार्षद दल के नेता जाकिर सैफी, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नसीम खान से आगे यह गिनती नहीं जाती है। जाकिर सैफी अच्छे नेता हैं। मुद्दों को मजबूती से उठाते हैं। लेकिन उनकी राजनीति का फोकस नगर निगम से आगे नहीं जा पाता है। इस्माइल खान कांग्रेस के पुराने नेता हैं। लेकिन उन्हें कांग्रेस से वह नहीं मिला जो उन्हें मिलना चाहिए था। कांग्रेस ने उनकी तरफ ध्यान नहीं दिया और फिर इस्माइल खान ने भी कांग्रेस की तरफ ध्यान देना बंद कर दिया। नसीम खान युवा नेता हैं। हज हाउस प्रकरण के बाद वह चर्चा में आए हैं। सोशल मीडिया पर उन्होंने मुस्लिम नेता को संगठन में मुख्य पद देने के लिए एक माहौल भी बनाया था। लेकिन वह भी सोशल मीडिया के ही नेता ज्यादा रहे और जन नेता बनने में अभी उन्हें समय लगेगा। कुल मिलाकर कांग्रेस में अभी स्थानीय स्तर पर ऐसे मुस्लिम नेताओं का अभाव है जो कांग्रेस को मुस्लिम राजनीति में एक मुकाम दिला सके।
अब जब जलालुद्दीन सिद्दीकी कांग्रेस में आ गए हैं तो इसके इफेक्ट दिखाई देंगे। जलालुद्दीन सिद्दीकी राजनीति में एक लंबा अनुभव रखते हैं। मुस्लिमों के अलावा दलितों पर भी उनकी पकड़ ठीक है। राजनीति में सक्रिय रहते हैं। जलालुद्दीन सिद्दीकी के कांग्रेस में आने के बाद यहां कांग्रेस की मुस्लिम सियासत की स्टोरी में एक बड़ा ट्वीस्ट आएगा। जलालुद्दीन सिद्दीकी जब कांग्रेस में आएंगे तो वह अपने साथ अपने समर्थकों का एक बड़ा हुजूम लेकर आएंगे। आने वाले समय में जब कांग्रेस विपक्ष के तेवरों के साथ मैदान में उतरेगी तो यहां जलालुद्दीन सिद्दीकी को अपनी ताकत दिखानी होगी। यदि वह भीड़ के लिहाज से अपनी ताकत गाजियाबाद में दिखाएंगे तो इसका सीधा मैसेज दिल्ली के कांग्रेस दरबार में पहुंचेगा।
दो दशक से ज्यादा है सियासत का अनुभव
जलालुद्दीन सिद्दीकी को सियासत में दो दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने बसपा में 1992 में राजनीति शुरू की। बसपा ने उन्हें महानगर अध्यक्ष बनाया और 1992 से लेकर 1993 तक वह बसपा के महानगर अध्यक्ष रहे। इसके बाद उन्हें बसपा में मेरठ जोन का महासचिव बनाया गया। पहली बार वर्ष 1995 में वह बसपा के टिकट पर मेयर का चुनाव लड़े। 1997 में प्रदेश हज कमेटी के सदस्य रहे। वर्ष 2002 से 2005 तक दिल्ली प्रदेश प्रभारी रहे। वर्ष 2006 में उनकी पत्नी हसीना बेगम बसपा समर्थित उम्मीदवार के रूप में मेयर का चुनाव लड़ीं। यह वह दौर था जब उन्हें गुड़िया चुनाव चिह्न मिला था। इसका कारण भी रोचक बताया जाता है। बसपा यहां जिस उम्मीदवार को चुनाव लड़वाना चाहती थी, वह उम्मीदवार पार्टी का सिंबल न मिलने के कारण भाग गया था और तब बसपा सुप्रीमो मायावती ने जलालुद्दीन सिद्दीकी को बुलाकर चुनाव लड़ने के लिए कहा था। वर्ष 2006 से 2012 तक जलालुद्दीन सिद्दीकी बसपा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी रहे। जब-जब बसपा पर संकट आया, तब-तब जलालुद्दीन सिद्दीकी मैदान में आए। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में जब बसपा उम्मीदवार को पार्टी सुप्रीमो ने निष्कासित कर दिया, तब फिर से बसपा सुप्रीमो ने जलालुद्दीन सिद्दीकी को बुलाया और चुनाव लड़ने के लिए कहा। जलालुद्दीन सिद्दीकी साहिबाबाद से चुनाव लड़े। बड़ी बात यह है कि जलालुद्दीन सिद्दीकी की गिनती अवसरवादी नेताओं में नहीं होती है। वह जिस दल के साथ खड़े होते हैं तो फिर पूरे दिल और पूरी ताकत के साथ उसका साथ देते हैं। यही वजह है कि जब नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर राजनैतिक संकट आया तो जलालुद्दीन सिद्दीकी ने उनके लिए अपने राजनैतिक कॅरियर को बिना सोचे दांव पर लगा दिया और नसीमुद्दीन जब कांग्रेस में गए तो उन्होंने भी जलालुद्दीन सिद्दीकी के साथ ही कांग्रेस का हाथ थामा।

तेजस्वी यादव ने नीतीश पर लगाया ‘जहर’ देने की साजिश रचने का आरोप

Posted by mp samachar On February - 23 - 2018Comments Off on तेजस्वी यादव ने नीतीश पर लगाया ‘जहर’ देने की साजिश रचने का आरोप

download (6)छवि बिगाड़ने में लगे हुए नीतीश कुमार
तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि नीतीश कुमार और उनके समर्थक उनकी छवि बिगाड़ने और उनकी जान को नुकसान पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं. हालांकि तेजस्वी यादव के बजान के बाद ना तो राज्य सरकार की ओर से कोई बयान आया है और ना ही नीतीश कुमार ने इस पर अपनी कोई प्रतिक्रिया दी है, जिसके कारण प्रदेश में राजनीतिक माहौल और भी ज्यादा गरमा गया है.

भूत के डर के कारण खाली किया बंगला
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और बिहार के पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव ने भूतों के डर से सरकारी बंगला छोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सुशील मोदी ने उनके सरकारी बंगले में भूत छोड़ दिया है. इसकी वजह से उन्होंने सरकारी बंगला खाली कर दिया है. उन्होंने कहा कि उनके पास पहले से बंगला है और उन्हें किसी सरकारी भीख की जरूरत नहीं है. उनके इस बयान पर जदयू ने पलटवार करते हुए कहा है कि उन्हें क्या जरूरत है नरपिशाचों के ऊपर भूत-पिशाच छोड़ने की. बड़ी मुश्किल से तो सबको इतने बड़े भूत से पीछा छूटा है. अब वापस भूत के पास रहना नहीं चाहते हैं.

यह भी पढ़ें : RJD की बैठक में बोले तेजस्वी यादव, ‘हम किसी से ना डरेंगे, ना झुकेंगे’

भीख की आवश्यकता नहीं
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने सरकारी बंगला खाली कर दिया है. उन्हें तीन, देशरत्न मार्ग का बंगला आवंटित किया गया था. तेजप्रताप ने कहा कि उनके पास पहले से 10 सर्कुलर रोड का बंगला है. उनको सरकारी भीख की जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सुशील मोदी ने इस सरकारी बंगले में भूत छोड़ दिया है, इसलिए वह इसे खाली कर रहे हैं.

रेलवे ग्रुप डी में ITI की अनिवार्यता खत्म, 10वीं पास भी कर सकेंगे अप्लाई

Posted by mp samachar On February - 23 - 2018Comments Off on रेलवे ग्रुप डी में ITI की अनिवार्यता खत्म, 10वीं पास भी कर सकेंगे अप्लाई

indian_railways_iti_2018223_121239_23_02_2018पटनाः बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने रेलवे में आईटीआई की अनिवार्यता खत्म करने पर रेल मंत्री पीयूष गोयल को फोन कर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस फैसले से युवकों को बड़ी राहत मिलेगी। उनको फॉर्म भरने और परीक्षा देने का मौका मिलेगा।

मोदी ने कहा कि ग्रुप सी के तहत 26,500 अस्सिटेंट लोकोपायलट और तकनीकी पदों की रिक्तियों के लिए आईटीआई की अनिवार्यता स्वागतयोग्य है लेकिन ग्रुप डी के लिए यह जरूरी नही था।

रेल मंत्री का कहना है कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने छात्रों की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया था। रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड ने इस पर विचार करते हुए यह फैसला लिया।

कबड्डी एवं खो-खो प्रतियोगिता का टास उछालकर शुभारंभ

Posted by mp samachar On February - 22 - 2018Comments Off on कबड्डी एवं खो-खो प्रतियोगिता का टास उछालकर शुभारंभ

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दमोह विधायक कप प्रतियोगिता के फाइनल में आज तहसील मैदान में आयोजित कार्यक्रम में वित्त और वाणिज्यिक कर मंत्री पहुंचे। उन्होंने यहां कबड्डी एवं खो-खो प्रतियोगिता का टास उछालकर पराम्पारिक रूप से शुभारंभ किया। इसके पूर्व कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर एडीशनल एसपी अरविन्द दुबे ने पुष्प गुच्छ भेंटकर मंत्री जी का स्वागत किया।

भाजपा को चुनौती देने में कांग्रेस ही सक्षम: शरद पवार

Posted by mp samachar On February - 22 - 2018Comments Off on भाजपा को चुनौती देने में कांग्रेस ही सक्षम: शरद पवार

2018_2image_13_17_351488300rajthackeray-sharadpawa-llमुंबई: नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) अध्यक्ष शरद पवार ने आखिरकार तीन महीने पहले किए गए अपने ऐलान को सच कर ही दिया। उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे से किया अपना वादा पूरा किया है। ठाकरे द्वारा लिए गए इंटरव्यू में शरद पवार ने बड़ी ही बेबाकी से सवालों के जवाब दिए। करीब दो घंटे तक चले इस इंटरव्यू में पवार ने आरक्षण से लेकर पीएम मोदी पर खुलकर बात की।

आर्थिक आधार पर मिले आरक्षण
महाराष्ट्र में मराठा समुदाय के लोग काफी समय से नौकरी और शिक्षा में आरक्षण की मांग कर रहे हैं। इसके लिए पिछले साल अगस्त में विशाल मूक मोर्चा आंदोलन निकाला गया था। आरक्षण पर पवार ने कहा कि इसे आर्थिक आधार पर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह काफी संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने कहा कि इसमे कोई दो राय नहीं है कि दलित और आदिवासियों को आरक्षण मिलना चाहिए लेकिन अलग-अलग जाति के लोग भी इसके लिए रैली निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं इस मामले में पूरी तरह से साफ हूं कि आरक्षण जाति के आधार पर नहीं बल्कि आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को मिलना चाहिए।

कांग्रेस के आएंगे अच्छे दिन
इंटरव्यू के दौरान पवार ने एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 1999 में उनके कांग्रेस छोड़ने की वजह सोनिया गांधी थीं। सोनिया प्रधानमंत्री बनना चाहती थीं लेकिन तब इस पद की दौड़ में मनमोहन सिंह और वे खुद थे। एक दिन घर में मीडिया रिपोर्ट से पता चला कि सोनिया सरकार बनाने का दावा पेश करने जा रही हैं बस उसी समय मैंने कांग्रेस छोड़ दी। वहीं उन्होंने कहा कि राहुल गांधी में अब पहले से काफी बदलाव आया है। अब राहुल पूरी तरह से पार्टी की जिम्मेदारी उठा रहे हैं और पिछले दिनों चुनावों में कांग्रेस का जैसे प्रदर्शन रहा उसे देखकर लग रहै है कि जल्द ही राहुल पार्टी के अच्छे दिन लेकर आएंगे। राहुल अगर ऐसे ही आगे बढ़ते रहेंगे तो जनता भी उन्हें अपना लेगी।

गुजरात नहीं देश के पीएम हैं मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पवार ने कहा कि उन्हें समझना चाहिए कि वे गुजरात नहीं देश चला रहे हैं। दोनों में काफी अंतर है। देश को चलाने के लिए एक सुदृढ़ टीम की जरूरत है जो देश के कोने से लोगों की समस्याएं समझें और उन पर काम करे। लेकिन मोदी तो अकेले ही सबकुछ करना चाहते हैं, टीम मे नहीं रहना चाहते जोकि देश हित में नहीं होगा।

राज ठाकरे और शरद पवार के बीच यह सारी बातचीत ‘शोध मराठी मन का’ विषय पर चर्चा के दौरान हुई। ठाकरे खुद पवार का हाथ पकड़ उन्हें मंच पर लेकर आए। राज ने पवार के 50 साल के राजनीतिक सफर के हर पहलू पर बात की। बता दें कि नवंबर 2017 में इस विशेष बातचीत की घोषणा BVG ग्रुप के फाउंडर डायरेक्टर हनुमंत गायकवाड़ ने की थी। दोनों नेताओं की मुलाकात पहले 6 जनवरी को होनी थी लेकिन भीमा कोरेगांव हिंसा की वजह से इसे रद्द कर दिया गया था।

लालू के बेटे तेज प्रताप ने भूत के डर से छोड़ा बंगला, कहा- नीतीश ने भेजा

Posted by mp samachar On February - 22 - 2018Comments Off on लालू के बेटे तेज प्रताप ने भूत के डर से छोड़ा बंगला, कहा- नीतीश ने भेजा

tejpratap_650x400_41519233784पटनाः राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने 3 देशरत्न मार्ग पर मिला सरकारी बंगला पिछले हफ्ते खाली कर दिया। तेजप्रताप का कहना है कि बंगले पर भूत हैं इसलिए वह सरकारी बंगला छोड़ रहें हैं।

तेजप्रताप यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने बंगले में भूत छोड़ा है जिसकी वजह से उन्हें बहुत परेशानी हो रही थी। उनका कहना है कि उन्हें सरकारी भीख की जरूरत नही है, उनके पास पहले से बंगला है।

तेजप्रताप यादव ने पिछले साल जून महीने में अपने आवास पर दुश्मन मारन जाप भी करवाया था। उन्होंने पंडितों की सलाह पर इसी सरकारी आवास का दक्षिण दिशा की तरफ खुलनेवाला दरवाजा भी बंद करवा दिया था।

राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव का कहना है कि तेजप्रताप यादव ने दूसरा नोटिस मिलने के बाद बंगला खाली करने का निर्णय ले लिया था। सूत्रों के अनुसार, नोटिस में 15 गुना किराया वसूलने की चेतावनी दी गई थी। बता दें कि यह बंगला तेजप्रताप यादव को उस समय मिला जब वह बिहार के स्वास्थ्य मंत्री पद पर थे।

सियासतः बिपिन रावत के बयान पर भड़के बदरुद्दीन, AIUDF बढ़ रही है तो सेना प्रमुख चिंतित क्यों

Posted by mp samachar On February - 22 - 2018Comments Off on सियासतः बिपिन रावत के बयान पर भड़के बदरुद्दीन, AIUDF बढ़ रही है तो सेना प्रमुख चिंतित क्यों

206873-bipin-rawatनई दिल्ली: भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत इस समय उत्तर भारत के दौरे पर हैं. अपने इस दौरे में उन्होंने भारत के लिए चीन और पाकिस्तान के खतरनाक मंसूबों पर चिंता जाहिर की और कहा कि चीन और पाकिस्तान भारत की मजबूती को हिलाने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं इसलिए उन्होंने परोक्ष युद्ध का रास्ता चुना है. उत्तर पूर्व के रास्ते भारत आने वाले शरणार्थियों को सेना प्रमुख ने चीन की चाल बताया.

इस मौके पर सेना प्रमुख के एक बयान पर विवाद हो गया है. जनरल रावत ने एक राजनीतिक संगठन का जिक्र कर दिया जिस पर विवाद हो गया है. पड़ोसी देशों की ओर इशारा करते हुए जनरल रावत ने कहा कि जिस तरह कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए आतंकवादी भेजे जाते हैं. उसी तरह उत्तर भारत में अशांति फैलाने के लिए अवैध आबादी को भारत में भेजा जाता है. इसके पीछे सेना प्रमुख ने वोट बैंक की राजनीति को दोषी बताया. उन्होंने कहा कि यहां में AIUDF नाम का राजनीतिक संगठन तेजी से बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि इस पार्टी का विकास बीजेपी के मुकाबले तेज हुआ है. उन्होंने कहा कि जनसंघ का आज तक का जो सफर रहा है उसके मुकाबले एआईयूडीएफ का विकास तेजी से हुआ है.

उल्लेखनीय है कि एआईयूडीएफ (ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) नाम का संगठन मुस्लिमों की आवाज उठाता है.

सेना प्रमुख के इस बयान के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेदादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने जनरल बिपिन रावत के बयान पर आपत्ति दर्ज की है. उन्होंने कहा है कि सेना प्रमुख को राजनीतिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए. उनका काम किसी राजनीतिक पार्टी पर कमेंट करना नहीं है. लोकतंत्र और संविधान इसकी इजाजत देता है.

ओवैसी ने अपने ट्विटर पर लिखा कि सेना हमेशा जनता द्वारा चुनी गई सरकार के अंतर्गत काम करती है.

यहीं पर सेना रावत ने डोकलाम के मुद्दे पर कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है. सिलिगुड़ी कॉरिडोर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस पर खतरे का ख्याल रखा जा सकता है, लेकिन हमें उत्तर पूर्व की समस्याओं को समग्रता में देखना होगा. इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि चीन की नजर सिलिगुड़ी कॉरिडोर पर है, जिससे वह नॉर्थ ईस्ट के कई इलाकों को हासिल करने का सपना देख रहा है.

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