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December - 2017
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Archive for the ‘प्रदेश समाचार’ Category

rahul-gandhi_650x400_41513059031अहमदाबाद: गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का आज आखिरी दिन है. आज शाम 5 बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा. एक ओर जहां पीएम मोदी सी प्लेन में बैठकर अंबाजी के दर्शन किए तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर में पूजा-पाठ किया. इसके बाद राहुल गांधी ने प्रेस कांन्फ्रेंस की और पीएम मोदी सहित बीजेपी सरकार पर कई आरोप लगा दिए. ये वही आरोप थे जो उन्होंने प्रचार अभियान के दौरान लगाए थे. कुल मिलाकर यह गुजरात विधानसभा चुनाव अपने कड़वे बयान के लिए हमेशा याद किया जाएगा. इस चुनाव की खास बात यह रही कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी प्रचार अभियान से दूरी बना रखी थी. दूसरे चरण के लिए मतदान 14 दिसंबर को होगा और नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे.
गुजरात विधानसभा चुनाव से जुड़ीं 15 बातें
गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन भी ‘मंदिर राजनीति’ चरम पर रही. पूरे चुनाव प्रचार अभियान के दौरान एक दिन शायद ही ऐसा रहा हो जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात में किसी मंदिर न गए हो. आज भी उन्होंने जगन्नाथ मंदिर के दर्शन किए. पीएम मोदी भी आज सी प्लेन पर बैठकर अंबाजी के दर्शन किए.
राहुल गांधी सोमनाथ मंदिरमें दर्शन के दौरान एक विवाद में फंस गए जब उनके दर्शन गैर हिंदू रजिस्टर में देखे गए. इसके बाद समूची कांग्रेस बैकफुट पर आ गई. कांग्रेस को राहुल गांधी की जनेऊ वाली तस्वीरें जारी करनी पड़ गईं.
राहुल गांधी ने पूरे प्रचार अभियान के दौरानहर रोज गुजरात से जुड़े मुद्दों पर एक सवालपूछा. आज उन्होंने 14वां सवाल पूछा.
गुजरात विधानसभा चुनाव वैसे तो विकास के मुद्दे पर लड़ा जाना था, लेकिन फिर ‘विकास पागल हो गया’ से जातिगत राजनीति, हिंदू- गैर हिंदू और फिर ‘जनेऊजाल’ में फंसते हुए ‘नीच’ वाले बयान तक पहुंच गया. यहां तक कि गुजरात चुनाव की गर्मी पाकिस्तान तक भी महसूस की गई.
इस पूरे चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी का नया रूप देखने को मिला और वह पिछले 13 सालों के राजनीतिक करियर में पहली बार सबसे ज्यादा परिपक्व दिखाई दिए. सरकार से उन्होंने तीखे सवाल भी पूछे और इसी बीच उनको कांग्रेस का अध्यक्ष भी बना दिया गया.
पिछले 22 सालों में पहली बार ऐसा हुआ जब बीजेपी को कांग्रेस से टक्कर मिलती दिखाई दे रही है. इसकी वजह पीएम मोदी का गुजरात से बाहर होना भी है. इस बीच आरक्षण के लिए शुरू हुए आंदोलनों ने भी गुजरात में बीजेपी के लिए परेशानी का सबब बने.
गुजरात चुनाव कड़वाहट भरे प्रचार अभियान के लिए भी जाना जाएगा एक ओर जहां पीएम मोदीको लेकर ‘नीच’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर बवाल हुआ तो बीजेपी नेताओं की ओर से किए गए पलटवार भी चर्चा में थे.
पीएम मोदी ने मणिशंकर अय्यर के नीच वाले बयान को मुद्दा बना दिया तो गुजरात चुनाव में पाकिस्तान के हस्तक्षेप की बात प्रधानमंत्री ने खुले मंच पर कह दी. देश के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हुआ था. पाकिस्तान ने भी इसमें खुद को घसीटने जाने पर आपत्ति जताई.
पाकिस्तान की ओर से इस बयान पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पाकिस्तान को नसीहत दी कि वह भारतीयों के बारे में लोकतंत्र की सीख न दे.
यह पूरा चुनाव शुरू से ही विवादों में घिरा रहा. पहले तो इसकी तारीखों की घोषणा न होने पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के बीजेपी से मिले होने के आरोप लगा दिया. इसके बाद चुनाव आयोग ने बीजेपी को नसीहत दी कि हाल ही में कम की गई जीएसटी की दरों को कम करने को फैसले को चुनाव प्रचार का हिस्सा न बनाए.
कई सालों को बाद ऐसा देखा गया कि कांग्रेस चुनाव प्रचार के दौरान ‘नरम हिंदुत्व’ की ओर झुकती नजर आई. राहुल गांधी का मंदिर जाना इसी का हिस्सा था. इस बात को कांग्रेस के नेता भी स्वीकारने में हिचकिचाए नहीं. इसकी वजह एंटनी समिति की वह रिपोर्ट थी जिसमेें 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार की वजह उसकी तुष्टिकरण की छवि भी रही है.
पूरे चुनाव प्रचार के अभियान पीएम मोदी सहित पूरी केंद्र सरकार गुजरात में प्रचार करते नजर आई.
राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार अभियान से पहले ही सबको नसीहत दे दी थी कि कोई भी पीएम मोदी पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करेगा. अब देखने वाली बात यह होगी कि मणिशंकर अय्यर का ‘नीच’ वाला बयान कितना क्या असर डालता है.
पूरे प्रचार के अभियान कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम पहली बार बीजेपी को कड़ी टक्कर देती दिखाई दी. इस बीच राहुल का पिद्दी वाला बयान भी चर्चा में रहा.
पाटीदारों को आरक्षण का वादा करके उनका समर्थन पाने वाली कांग्रेस के घोषणापत्र में इस मुद्दे पर कुछ भी साफ नहीं है. बीजेपी ने पहले चरण के चुनाव प्रचार के खत्म होने से एक दिन पहले विजन डॉक्यूमेंट जारी किया . राहुल गांधी ने इसको भी चुनावी मुद्दा बनाया था.

जम्मू एंव कश्मीर में डॉक्यूमेंट्री बनाने पर फ्रांसीसी पत्रकार गिरफ्तार

Posted by mp samachar On December - 11 - 2017Comments Off on जम्मू एंव कश्मीर में डॉक्यूमेंट्री बनाने पर फ्रांसीसी पत्रकार गिरफ्तार

download (10)श्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने पैलेट गन पीड़ितों पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए एक फ्रांसीसी पत्रकार को हिरासत में लिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, कोमिटी पॉल एडवर्ड को श्रीनगर में वीजा नियमों का उल्लंघन करने के लिए हिरासत में लिया गया है।

अधिकारी ने बताया कि एडवर्ड को रविवार की शाम को कोठीबाग क्षेत्र से हिरासत में ले लिया गया है। वह अपने वृत्तचित्र की शूटिंग के लिए शहर में अलगाववादियों और पैलेट गन के पीड़ितों से मिल रहे थे। गौरतलब है कि पिछले साल जून में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में व्यापक स्तर पर हिंसा भड़की थी।

वहीं इस दौरान पथराव कर रहे युवाओं पर सुरक्षाबलों द्वारा इस्तेमाल की गई पैलेट गन से बड़ी संख्या में युवा घायल हुए थे, जिनमें से कुछ की आंखों की रोशनी पूरी तरह से या आंशिक रूप से चली गई। अधिकारी ने बताया कि एडवर्ड के पास भारत की यात्रा के लिए बिजनेस वीजा है, जो 22 दिसंबर 2018 तक वैध है।

गुजरात चुनावः शत्रुघ्न सिन्हा की PM मोदी को सीख, ‘बहानेबाजी छोड़ विकास मॉडल पर करें बात’

Posted by mp samachar On December - 11 - 2017Comments Off on गुजरात चुनावः शत्रुघ्न सिन्हा की PM मोदी को सीख, ‘बहानेबाजी छोड़ विकास मॉडल पर करें बात’

download (4)पटना साहिब सीट से बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने गुजरात चुनाव के दौरान पीएम मोदी को बेतुके मुद्दे ना उठाने की दी सलाह
शत्रुघ्न सिन्हा ने पीएम मोदी को जनता से उनके ‘गुजरात विकास मॉडल’ की बात करने की हिदायत दी है. शत्रघ्न सिन्हा ने बीजेपी को मणिशंकर अय्यर के घर हुई डिनर पार्टी को लेकर निशाना साधने पर भी सवाल किए है.

नई दिल्ली बीजेपी के ‘शत्रु’ सांसद ने पीएम नरेंद्र मोदी पर गुजरात चुनाव के दौरान उठाए जा रहे मुद्दों को लेकर बड़ा हमला बोला है. बिहार के पटना साहिब से बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने गुजरात चुनाव के दौरान विकास के मुद्दे को छोड़ अलग मुद्दों को लेकर आने को आश्चर्यजनक बताया है.

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि केवल चुनाव जीतने के हर रोज नई-नई कहानियां लेकर विपक्ष पर हमला करना कहां तक ठीक है? शत्रुघ्न सिन्हा ने पीएम मोदी को जनता से उनके ‘गुजरात विकास मॉडल’ की बात करने की हिदायत दी है. शत्रुघ्न सिन्हा ने बीजेपी को मणिशंकर अय्यर के घर हुई डिनर पार्टी को लेकर निशाना साधने पर भी सवाल किए है.

शत्रुघ्न सिन्हा ने गुजरात चुनाव के दौरान पीएम मोदी और बीजेपी के प्रचार अभियान पर सवाल उठाते हुए एक के बाद एक दो ट्वीट किए. अपने पहले ट्वीट में शत्रुघ्न सिन्हा ने लिखा, ‘आदरणीय सर, सिर्फ किसी भी तरह चुनाव जीतने के लिए, आप अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ अंतिम चरण प्रक्रिया में रोज अनसुलझे और अविश्वसनीय मुद्दों को लेकर आ रहे हैं. अब चुनावों में पाकिस्तान उच्चायुक्त और जनरल को जोड़ दिया है. इनक्रेडिबल!’

अपने अगले ट्वीट में पूर्व केंद्रीय मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा ने लिखा, ‘महोदय! नई-नई कहानियां गढ़ने और बहानेबाजी करने की बजाय सीधे उन मुद्दों पर बात करनी चाहिए जो वादे हमने जनता से किए, जैसे आवास, रोजगार, हेल्थ, शिक्षा , ‘विकास मॉडल’. सांप्रदायिकता फैलाने वाले वातावरण को रोकें और स्वस्थ राजनीति और स्वस्थ चुनावों में वापस जाएं. जय हिन्द!

आपको बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा के नाम से चल रहे जिस ट्विटर अकाउंट पर ये ट्वीट किए गए हैं वह वेरिफाइड नहीं हैं. लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि यह शत्रुघ्न सिन्हा का ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट है.

Conquer over Negativity”

Posted by mp samachar On December - 8 - 2017Comments Off on Conquer over Negativity”

Negativity is a toxic element which destroy our life badly.It starts with just a thought or a feeling or may be with a sentence spoken by someone else.Negativity is a disease which destroys our mental and physical health.Destructive thoughts are obstacles in the way of success.

There are some ways to overcome from negative thoughts:-Try to think always positive and avoid negative thinking.Positive or constructive thoughts help you face your day to day situation.Don’t regret about your past mistakes or never thought about your past life.While we used to our past experiences to make decisions and adjust our actions.Constructive thinking gives us a way to happy when things are going good,but problem’s in perspective and deal with them in a practical way.We can defeat negative thoughts only by changing our view towards situation.Success and failure are always become parallel its totally depend on our perception.I don’t say positive thinking becomes always right but it will be definitely constructive.Positive way will always give a energy to do something worthy.Negativity gives you always failure and it will down your morale.One more important thing is our self confidence increase our positive thinking.
“Always believes on yourself’this attitude will gives you always positive hike in your life.”

PM मोदी की कार्यशैली से नाराज BJP सांसद ने लोकसभा से दिया इस्तीफा

Posted by mp samachar On December - 8 - 2017Comments Off on PM मोदी की कार्यशैली से नाराज BJP सांसद ने लोकसभा से दिया इस्तीफा

patole_1512723695_618x347गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से एक दिन पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. महाराष्ट्र के भंडारा गोंदिया लोक सभा सीट से बीजेपी के सांसद नानाभाऊ पटोले ने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया है. पटोले ने इस्तीफा देने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर सवाल उठाया है.

2014 के लोकसभा चुनाव में नाना भाऊ पटोले एनसीपी के दिग्गज नेता प्रफुल्ल पटेल को शिकस्त देकर सांसद बने थे. पटोले पटोले पिछले काफी समय से बीजेपी नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नाराज चल रहे थे. पटोले का आरोप था कि मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री के सामने किसानों के मुद्दे उठाए थे, जिसे नहीं सुना गया था. इसके बाद उन्होंने ये बात मीडिया में भी कही थी. तभी से वो नाराज चल रहे थे.

शुक्रवार को इस्तीफा देने के बाद पटोले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है. पिछले सप्ताह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से पटोले की मुलाकात की भी खबर है. अब इस्तीफे के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे कांग्रेस में जा सकते हैं.

पटोले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से नाराज चल रहे थे. उन्होंने बीजेपी के पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा के नेतृत्व में चल रहे किसानों के आंदोलन में भी महाराष्ट्र में हिस्सा लिया था. पटोले ने पिछले महीने संवाददाता सम्मेलन कर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला था और कहा था कि किसानों को इस सरकार ने कुछ नहीं दिया. इसके अलावा पटोले ने जीएसटी, नोटबंदी को लेकर भी सरकार पर हमला बोला था.

दरअसल एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल की बीजेपी से बढ़ती नजदीकियां भी पटोले के इस्तीफे की वजह मानी जा रही है. पिछले दिनों जिस तरह से प्रफुल्ल पटेल ने बीजेपी के लिए दिल बड़ा किया है और गुजरात के राज्यसभा चुनाव में दोनों विधायकों के वोट कांग्रेस प्रत्याशी अहमद पटेल के बजाय बीजेपी के उम्मीदवार को दिलाए थे. इसके अलावा माना जा रहा है कि प्रफुल्ल पटेल के चलते ही गुजरात में कांग्रेस और एनसीपी के बीच गठबंधन नहीं हो सका है. इस तरह कांग्रेस भी प्रफुल्ल पटेल से नाराज चल रही थी. ऐसे में पटोले को भी अपना सियासी ठिकाना तलाशना था. इसी मद्देनजर उन्होंने पिछले दिनों कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल से मुलाकात की थी.

गुजरातः बुजुर्ग ने मनमोहन सिंह से पूछे ऐसे सवाल, पूर्व पीएम को जोड़ने पड़े हाथ

Posted by mp samachar On December - 8 - 2017Comments Off on गुजरातः बुजुर्ग ने मनमोहन सिंह से पूछे ऐसे सवाल, पूर्व पीएम को जोड़ने पड़े हाथ

download (6)राजकोटः पूर्व प्रधानमंत्री तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता और जाने माने अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह गुरुवार को राजकोट में एक प्रेस कांफ्रेंस के लिए आए थे। इसी दौरान एक बुजुर्ग घेरा तोड़कर कर उनके पास जा पहुंचा। बुजुर्ग की बातें सुन मनमोहन सिंह ने हाथ जोड़ लिए और काफी देर तक चुप खड़े रहे। मनमोहन को ऐसे खड़ा देख वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए।

मनसुखभाई नाम का बुजुर्ग हाथ में एक किताब लिए अचानक एसपीजी के घेरे के बीच खड़े मनमोहन के बाद पहुंच गया। पहले एसपीजी ने सोचा कि यह कांग्रेस कार्यकर्त्ता है लेकिन जब जवानों को सारा माजरा समझ आया तो उन्होंने बुजुर्ग को वहां से हटाया। सभी में इसी बात की चर्चा थी कि आखिर बुुजुर्ग ने पूर्व पीएम को ऐसे क्या कहा कि उन्होंने हाथ जोड़ दिए।

मीडिया ने जब मनसुखभाई से बात की तो उन्होंने बताया कि मैं कांग्रेस के घोटालों की किताब लेकर मनमोहन सिंह के पास गया था और उनसे यूपीए सरकार में हुए घोटालों के बारे में सवाल किया। मनसुखभाई ने सिंह से पूछा कि आपके कार्यकाल में 20 लाख करोड़ के घोटाले हुए हैं, आपके नेता जेल में है और कई बाहर घूम रहे हैं तो ऐसे में मैं कांग्रेस को वोट क्यों दूं।

मनसुखभाई कहा कि मनमोहन ने उनके किसी सवाल का जवाब नहीं दिया और जवानों ने उन्हें वहां से हटा दिया। बताया जा रहा है कि किसी समय मनसुखभाई कांग्रेस से जु़डे हुए थे। वे कांग्रेस के कार्यकाल में हुए घोटालों से आहत थे इसलिए पूर्व पीएम से जवाब चाहते थे लेकिन उन्होंने मौन धरे रखा।

जिंदा बच्चे को मृत बताने वाला मैक्स हॉस्पिटल दोषी, नवजात ने तोड़ा दम

Posted by mp samachar On December - 6 - 2017Comments Off on जिंदा बच्चे को मृत बताने वाला मैक्स हॉस्पिटल दोषी, नवजात ने तोड़ा दम

maxमैक्स अस्पताल में पिछले हफ्ते समय से पूर्व जन्मे जिस बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया था, उसने इलाज के दौरान कल शाम दम तोड़ दिया. बीते 30 नवंबर को मैक्स अस्पताल में एक महिला ने जुड़वां बच्चों (एक लड़का और एक लड़की) को जन्म दिया था. जिनमें बच्ची मृत ही पैदा हुई थी.

पुलिस उपायुक्त (उत्तरपश्चिम) असलम खान ने पुष्टि की कि 30 नवंबर को पैदा हुए बच्चे की मंगलवार की शाम मौत हो गई.

मैक्स हेल्थ केयर के प्राधिकारियों ने बताया हमें समय से पहले, 23 सप्ताह में ही जन्म लेने वाले बच्चे के निधन की दुख:द खबर मिली. वह जीवन रक्षक प्रणाली पर था. हमारी संवेदनाएं अभिभावकों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ हैं. हम समझते हैं कि समय से पहले पैदा होने वाले बच्चों के जीवित बचने की संभावना कम होती है लेकिन यह अभिभावकों और परिवार वालों के लिए हमेशा ही पीड़ादायी होता है. हम प्रार्थना करते हैं कि उन्हें यह दुख सहन करने की शक्ति मिले.

दिल्ली सरकार द्वारा इस मामले की जांच के लिए गठित पैनल ने मंगलवार को मैक्स अस्पताल को नवजात शिशुओं से संबंधित निर्धारित चिकित्सकीय मानकों का पालन न करने का दोषी पाया था. यह मामला 30 नवंबर को पैदा हुए जुड़वा बच्चों (एक लड़का और एक लड़की) से संबंधित है. इन बच्चों के अभिभावकों ने आरोप लगाया था कि शालीमार बाग के मैक्स अस्पताल ने बच्चों को मृत घोषित कर दिया था, जबकि बाद में पता चला कि उनमें से एक बच्चा (लड़का) जिंदा था.

अभिभावकों ने बताया कि उन्हें अस्पताल ने बताया कि दोनों बच्चे मृत पैदा हुए थे. अस्पताल ने इन नवजातों को एक पॉलीथिन बैग में डालकर उन्हें सौंपा था.

पुलिस ने बताया कि अंतिम संस्कार से कुछ देर पहले परिवार को मालूम हुआ कि एक बच्चे की सांसें चल रही हैं. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दो दिसंबर को कहा था कि अगर जांच में अस्पताल को चिकित्सकीय लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया तो उसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है.
max hospital

LIVE: SC में जस्टिस मिश्रा की अगुवाई में अयोध्या मामले की सुनवाई शुरू

Posted by mp samachar On December - 5 - 2017Comments Off on LIVE: SC में जस्टिस मिश्रा की अगुवाई में अयोध्या मामले की सुनवाई शुरू

04_12_2017-scaytअयोध्या के राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई शुरू हो गई है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली बेंच अाज से नियमित सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट में शिया वक्फ बोर्ड ने मंदिर का समर्थन किया। वहीं वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट के सामने इलाहाबाद हाई कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों को पढ़ा अौर कहा कि सभी सबूत कोर्ट के सामने पेश नहीं किए गए।

उत्तर प्रदेश राज्य के प्रतिनिधित्व कर रहे अडिशनल सॉलिसिटिर जनरल तुषार मेहता ने कपिल सिब्बल के सभी दावों को गलत बताया। मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि सभी संबंधित दस्तावेज और जरूरी अनुवादित कॉपियां जमा की जा चुकी हैं।

कोर्ट में सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल ने 5 जजों की बेंच से सुनवाई की मांग की। उन्होंने 2019 के आम चुनाव के बाद सुनवाई की मांग की। कहा कि 2019 के आम चुनाव में इस मसले को उठाया जा सकता है।

अयोध्या की विवादित जमीन पर रामलला विराजमान और हिंदू महासभा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। वहीं, दूसरी तरफ सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने भी सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अर्जी दाखिल कर दी है। इसके बाद इस मामले में कई और पक्षकारों ने याचिकाएं लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने 9 मई 2011 को इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए मामले की सुनवाई करने की बात कही थी।

अयोध्या के विवादास्पद ढांचे को लेकर हाई कोर्ट ने जो फैसला दिया था उसके बाद तमाम पक्षों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की गई थी और याचिका सुप्रीम कोर्ट में 6 साल से लंबित है। पिछले साल 26 फरवरी को भाजपा नेता सुब्रमण्यन स्वामी को इस मामले में पक्षकार बनाया गया था। स्वामी ने राम मंदिर निर्माण के लिए याचिका दायर की थी।
11 अगस्त को 3 जजों की स्पेशल बेंच ने अयोध्या मामले की सुनवाई की थी। सुप्रीम कोर्ट में 7 साल बाद अयोध्या मामले की सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने कहा था कि 7 भाषा वाले दस्तावेज का पहले का अनुवाद किया जाए। कोर्ट से साथ ही कहा कि वह इस मामले में आगे कोई तारीख नहीं देगा।
वहीं इस मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल और राजीव धवन होंगे और रामलला का पक्ष हरीश साल्वे रखेंगे। कोर्ट देखेगा कि दस्तावेजों का ट्रांसलेशन पूरा हुआ है या नहीं। ट्रांसलेशन नहीं होने पर पेच फंस सकता है, लेकिन अदालत कह चुकी है कि अब सुनवाई नहीं टलेगी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला

28 साल सुनवाई के बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दो एक के बहुमत से 30 सितंबर, 2010 को जमीन को तीन बराबर हिस्सों रामलला विराजमान, निर्मोही अखाड़ा और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में बांटने का फैसला सुनाया था। भगवान रामलला को वही हिस्सा दिया गया, जहां वे विराजमान हैं। हालांकि, हाई कोर्ट का फैसला किसी पक्षकार को मंजूर नहीं हुआ और सभी 13 पक्षकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। सुप्रीम कोर्ट ने मई 2011 को अपीलों को विचारार्थ स्वीकार करते हुए मामले में यथास्थिति कायम रखने का आदेश दिया था, जो यथावत लागू है।

विवादित ढांचे के नीचे हैं मंदिर के साक्ष्य

विवादित ढांचे के नीचे हिंदू मंदिर होने के साक्ष्य मिले हैं। 30 सितंबर, 2010 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के तीन में से दो न्यायाधीशों जस्टिस सुधीर अग्रवाल और धर्मवीर शर्मा ने अपने फैसले में माना कि अयोध्या में विवादित ढांचा हिंदू मंदिर तोड़ कर बनाया गया था। दोनों जजों के फैसले का आधार भारत पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की रिपोर्ट है। एएसआइ की रिपोर्ट कहती है कि विवादित ढांचे के नीचे हिंदू मंदिर था। मस्जिद बनाने में मंदिर के अवशेषों का इस्तेमाल हुआ था। हालांकि, तीसरे न्यायाधीश एसयू खान के अनुसार, इस बात का कोई सुबूत नहीं मिलता कि बाबर ने मस्जिद किसी मंदिर को तोड़ कर बनाई थी। उन्होंने ये जरूर माना कि मस्जिद का निर्माण बहुत पहले नष्ट हो चुके मंदिर के अवशेषों पर हुआ था।

हिंदू संगठनों की दलील

-श्रीरामलला विराजमान और हिंदू महासभा आदि ने दलील दी है कि हाई कोर्ट ने भी रामलला विराजमान को संपत्ति का मालिक बताया है।

-वहां पर हिंदू मंदिर था और उसे तोड़कर विवादित ढांचा बनाया गया था। ऐसे में हाई कोर्ट एक तिहाई जमीन मुसलमानों को नहीं दे सकता है।

-यहां न जाने कब से हिंदू पूजा-अर्चना करते चले आ रहे हैं, तो फिर हाई कोर्ट उस जमीन का बंटवारा कैसे कर सकता है?

मुस्लिम संगठनों की दलील

-सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और अन्य मुस्लिम पक्षकारों का कहना है कि बाबर के आदेश पर मीर बाकी ने अयोध्या में 528 में 1500 वर्गगज जमीन पर मस्जिद बनवाई थी।

-इसे बाबरी मस्जिद के नाम से जाना जाता है। मस्जिद वक्फ की संपत्ति है और मुसलमान वहां नमाज पढ़ते रहे।

-22 और 23 दिसंबर 1949 की रात हिंदुओं ने केंद्रीय गुंबद के नीचे मूर्तियां रख दीं और मुसलमानों को वहां से बेदखल कर दिया।

प्रद्युम्न मर्डर केस: अब सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ने सुनवाई से खुद को किया अलग

Posted by mp samachar On December - 4 - 2017Comments Off on प्रद्युम्न मर्डर केस: अब सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ने सुनवाई से खुद को किया अलग

04_12_2017-murderpradumanप्रद्युम्न हत्याकांड के बाद देशभर के स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गाइडलाइन बनाने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खानविलकर खुद को अलग कर लिया है। प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर के साथ वकील आभा शर्मा व अन्य वकीलों ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

प्रद्युम्न के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में कहा है कि इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से फ्री एंड फेयर और फुलप्रूफ जांच कराई जाए। देश के सभी स्कूलों के मैनेजमेंट की जवाबदेही, देनदारी और जिम्मेदारी तय की जाए। भविष्य में स्कूल के भीतर बच्चों के साथ किसी भी तरह की घटना होती हैं तो मैनेजमेंट, डायरेक्टर, प्रिंसिपल, प्रमोटर सबके खिलाफ लापरवाही बरतने के आरोप के तहत कार्रवाई हो।

इस याचिका में यह भी कहा गया है कि रेयान की घटना के बाद से देशभर के अभिभावकों में डर का माहौल है। बच्चों की सुरक्षा के लिए जो पॉलिसी तैयार की गई है, ज्यादातर स्कूल उसका पालन नहीं करते। सुप्रीम कोर्ट आदेश जारी करे कि इनका सही तरह से पालन हो।

इसके अलावा देशभर में बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त गाइडलाइन बनाई जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि जो पहले से ही जो दिशा-निर्देश बनाए गए हैं अगर कोई स्कूल उनका पालन नहीं करता तो उन स्कूलों का लाइसेंस रद किया जाना चाहिए।

इससे पहले पिछले 15 सितंबर को कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया था। सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की मदद करेंगे। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई रेयान स्कूल गुरुग्राम के मृत बच्चे प्रद्युम्न के पिता की याचिका के साथ करने का फैसला किया था।

जानिए मथुरा-अयोध्या समेत इन 4 नई नगर निगमों के चुनावी नतीजे

Posted by mp samachar On December - 1 - 2017Comments Off on जानिए मथुरा-अयोध्या समेत इन 4 नई नगर निगमों के चुनावी नतीजे

ayodhya.jpg_1512116180_618x347उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में वोटों की गिनती जारी है. इस बार यूपी में 4 नई नगर निगमों में शामिल किया गया है. पिछली बार की 12 निगमों में से 10 पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. लेकिन इस बार सहारनपुर, मथुरा, फिरोजाबाद और अयोध्या को भी नगर निगम में शामिल किया गया है.

अयोध्या

रामलला की नगरी अयोध्या में बीजेपी के मेयर प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है. यहां से बीजेपी के ऋषिकेश उपाध्याय को जीत मिली है वह अयोध्या के पहले मेयर होंगे. सपा प्रत्याशी गुलशन बिंदू दूसरे नंबर पर रहे. राम मंदिर की वजह से अयोध्या राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र सरकार है. सीएम योगी ने 14 नवंबर को अयोध्या से ही निकाय चुनाव में प्रचार अभियान की शुरूवात की थी.

मथुरा

भगवान कृष्ण की भूमि मथुरा में भी बीजेपी का डंका बोल रहा है. यहां से बीजेपी के मुकेश आर्य बढ़त बनाए हुए हैं. कांग्रेस ने इस सीट से मोहन सिंह को मैदान में उतारा था. इलाके से बीजेपी के श्रीकांत शर्मा को कैबिनेट में भी जगह दी गई है. यहां तक की जिला पंचायत, विधानसभा और लोकसभा सीटों पर भी बीजेपी का ही कब्जा है. इसके बाद अब नगर निगम की सीट पर भी बीजेपी जीत की तरफ अग्रसर है.

सहारनपुर

पश्चिमी यूपी की सहारनपुर नगर निगम सीट से बीजेपी के संजीय वालिया करीब 22 हजार आगे चल रहे हैं. शुरूवाती चरणों में बीएसपी के हाजी फ़ज़लुर्ररहमान ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी थी लेकिन बाद में वो पिछड़ते जा रहे हैं. यहां के वार्ड संख्या 29 से बीजेपी को जीत मिली है.

फिरोजाबाद

सपा के गढ़ माने जाने वाले फिरोजाबाद में बीजेपी ने सेंध लगा दी है. यहां से बीजेपी की नूतन राठौर करीब 50 हजार वोट से आगे चल रही हैं. बीएसपी की पायल राठौर नंबर दो पर चल रही हैं. यहां से सपा नेता रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव सांसद हैं.

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