24
February - 2018
Saturday
SUBSCRIBE TO NEWS
SUBSCRIBE TO COMMENTS

Archive for the ‘राजनीति’ Category

विधायक ने कहा- कमेटी बनवा कर गिनवा लें विधानसभा में कितने भूत-प्रेत और आत्‍माएं

Posted by mp samachar On February - 23 - 2018Comments Off on विधायक ने कहा- कमेटी बनवा कर गिनवा लें विधानसभा में कितने भूत-प्रेत और आत्‍माएं

Rajasthan-Assembly-620x400भाजपा शासित राजस्‍थान की विधानसभा में गुरुवार (22 फरवरी) को चर्चा का विषय भूत-प्रेत और आत्‍माएं थीं। कई विधायकों का कहना था कि विधानसभा में भूत-प्रेत और बुरी आत्‍माओं का साया है, लिहाजा पूजा-पाठ, हवन कराया जाए। विधायकों ने इसके लिए अपनी-अपनी दलील भी दी। एक विधायक ने यहां तक कह दिया कि उपाध्‍यक्ष महोदय चाहें तो कमेटी बनाकर जांच कराएं कि विधानसभा में कितने भूत-प्रेत और आत्‍माएं हैं। बता दें कि हाल ही में राज्‍य के एक विधायक की स्‍वाइन फ्लू से मौत हो गई है और कई विधायक इस बीमारी के शिकार हैं। एक अन्‍य भाजपा विधायक की सड़क हादसे में जान चली गई है। इन घटनाओं के बाद विधायक दोष शांति की जरूरत बता रहे हैं।

विधायक कालूलाल गुर्जर ने दलील दी कि विधानसभा का भवन श्‍मशान भूमि पर बना है। यहां मृत बच्चे दफनाए जाते थे। हो सकता है कि कोई आत्मा हो, जिसे शांति न मिली हो। वह नुकसान पहुंचा रही हो। इसीलिए सदन में कभी एक साथ 200 विधायक नहीं रहे। गुर्जर ने सीएम के सामने यह बात रखते हुए विधानसभा में हवन कराने की मांग की है। एक अन्‍य विधायक हबीबुर्रहमान अशरफी का भी कुछ ऐसा ही मानना है। उनके मुताबिक भारतीय संस्कृति में ऐसी मान्यता है कि श्मशान भूमि पर भवन नहीं होना चाहिए। ऐसे में विधानसभा के मामले में क्यों नहीं माना जाता सकता। क्या कारण है कि कभी एक साथ 200 विधायक नहीं बैठ सके। अशरफी ने भी मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे के सामने यह दलील दी है।

कांग्रेस के धीरज गुर्जर ने अनुदान मांगों की बहस के दौरान पॉइंट ऑफ इंफर्मेशन के जरिये मामला उठाया। उन्‍होंने कहा कि भाजपा विधायक और सचेतक कालूलाल गुर्जर अंधविश्वास फैला रहे हैं। उनके बयानों से प्रदेशभर में हड़कंप मचा है। इस पर सभापति घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि मानव शरीर पंचमहाभूतों से बना है, इसलिए भूतों की चर्चा न करें। अध्यक्ष सुमित्रा सिंह के कार्यकाल में वास्तुदोष दूर करने के नाम पर उत्तर दिशा में बोरवेल खुदवाया गया था। लेकिन, उद्योग मंत्री राजपाल के जवाब के दौरान फिर मामला उठा।

मुस्लिम वोट बटोरने निकले ‘ कांग्रेस’ के नसीमुद्दीन सिद्दिकी, क्या लगा पाएंगे अतीक अहमद के वोट बैंक में सेंध

Posted by mp samachar On February - 23 - 2018Comments Off on मुस्लिम वोट बटोरने निकले ‘ कांग्रेस’ के नसीमुद्दीन सिद्दिकी, क्या लगा पाएंगे अतीक अहमद के वोट बैंक में सेंध

7-23गाजियाबाद। बसपा के नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ जलालुद्दीन सिद्दीकी भी कांग्रेसी हो गए। नसीमुद्दीन सिद्दीकी कभी बसपा में नंबर दो की हैसियत के नेता माने जाते थे। जलालुद्दीन सिद्दीकी को उनका बेहद करीबी माना जाता है। पिछले वर्ष मई में जब बसपा को नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अलविदा कहा तो जलालुद्दीन सिद्दीकी ने भी 10 मई, 2017 को बसपा को अलविदा कह दिया था। इसके बाद न नसीमुद्दीन सिद्दीकी किसी राजनैतिक दल में गए और जब उन्होंने कोई नई पार्टी ज्वाइन नहीं की तो जलालुद्दीन सिद्दीकी भी इस अवधि में बिना पार्टी के केवल नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ रहे।
गुरुवार को जब नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस ज्वाइन की तो जलालुद्दीन सिद्दीकी भी उनके साथ कांग्रेसी हो गए। अब जलालुद्दीन सिद्दीकी के कांग्रेस में आने के बाद गाजियाबाद की कांग्रेस की मुस्लिम सियासत में इसके इफेक्ट दिखाई देंगे। कांग्रेस का वोट बैंक मुस्लिम भी माना जाता है।
एक दशक में यह वोट बैंक सपा की तरफ चला गया था और इस वोट बैंक में बसपा ने भी सेंध लगाई थी। लेकिन हाल के चुनावी नतीजे बता रहे हैं कि यह वोट बैंक वापस कांग्रेस की तरफ लौट रहा है। कांग्रेस अब अन्य दलों के मुस्लिम नेताओं को अपने पाले में लाने के लिए जुट गई है। यहां उसने पहला मास्टर स्ट्रोक नसीमुद्दीन सिद्दीकी के रूप में मारा है। गाजियाबाद में कांग्रेस को लंबे समय से एक मुस्लिम चेहरे की तलाश थी। यहां यदि कांग्रेस के मुस्लिम नेताओं की बात की जाए तो पूर्व कार्यवाहक जिलाध्यक्ष हाजी लियाकत, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता इस्माइल खान, नगर निगम में पार्षद दल के नेता जाकिर सैफी, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नसीम खान से आगे यह गिनती नहीं जाती है। जाकिर सैफी अच्छे नेता हैं। मुद्दों को मजबूती से उठाते हैं। लेकिन उनकी राजनीति का फोकस नगर निगम से आगे नहीं जा पाता है। इस्माइल खान कांग्रेस के पुराने नेता हैं। लेकिन उन्हें कांग्रेस से वह नहीं मिला जो उन्हें मिलना चाहिए था। कांग्रेस ने उनकी तरफ ध्यान नहीं दिया और फिर इस्माइल खान ने भी कांग्रेस की तरफ ध्यान देना बंद कर दिया। नसीम खान युवा नेता हैं। हज हाउस प्रकरण के बाद वह चर्चा में आए हैं। सोशल मीडिया पर उन्होंने मुस्लिम नेता को संगठन में मुख्य पद देने के लिए एक माहौल भी बनाया था। लेकिन वह भी सोशल मीडिया के ही नेता ज्यादा रहे और जन नेता बनने में अभी उन्हें समय लगेगा। कुल मिलाकर कांग्रेस में अभी स्थानीय स्तर पर ऐसे मुस्लिम नेताओं का अभाव है जो कांग्रेस को मुस्लिम राजनीति में एक मुकाम दिला सके।
अब जब जलालुद्दीन सिद्दीकी कांग्रेस में आ गए हैं तो इसके इफेक्ट दिखाई देंगे। जलालुद्दीन सिद्दीकी राजनीति में एक लंबा अनुभव रखते हैं। मुस्लिमों के अलावा दलितों पर भी उनकी पकड़ ठीक है। राजनीति में सक्रिय रहते हैं। जलालुद्दीन सिद्दीकी के कांग्रेस में आने के बाद यहां कांग्रेस की मुस्लिम सियासत की स्टोरी में एक बड़ा ट्वीस्ट आएगा। जलालुद्दीन सिद्दीकी जब कांग्रेस में आएंगे तो वह अपने साथ अपने समर्थकों का एक बड़ा हुजूम लेकर आएंगे। आने वाले समय में जब कांग्रेस विपक्ष के तेवरों के साथ मैदान में उतरेगी तो यहां जलालुद्दीन सिद्दीकी को अपनी ताकत दिखानी होगी। यदि वह भीड़ के लिहाज से अपनी ताकत गाजियाबाद में दिखाएंगे तो इसका सीधा मैसेज दिल्ली के कांग्रेस दरबार में पहुंचेगा।
दो दशक से ज्यादा है सियासत का अनुभव
जलालुद्दीन सिद्दीकी को सियासत में दो दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने बसपा में 1992 में राजनीति शुरू की। बसपा ने उन्हें महानगर अध्यक्ष बनाया और 1992 से लेकर 1993 तक वह बसपा के महानगर अध्यक्ष रहे। इसके बाद उन्हें बसपा में मेरठ जोन का महासचिव बनाया गया। पहली बार वर्ष 1995 में वह बसपा के टिकट पर मेयर का चुनाव लड़े। 1997 में प्रदेश हज कमेटी के सदस्य रहे। वर्ष 2002 से 2005 तक दिल्ली प्रदेश प्रभारी रहे। वर्ष 2006 में उनकी पत्नी हसीना बेगम बसपा समर्थित उम्मीदवार के रूप में मेयर का चुनाव लड़ीं। यह वह दौर था जब उन्हें गुड़िया चुनाव चिह्न मिला था। इसका कारण भी रोचक बताया जाता है। बसपा यहां जिस उम्मीदवार को चुनाव लड़वाना चाहती थी, वह उम्मीदवार पार्टी का सिंबल न मिलने के कारण भाग गया था और तब बसपा सुप्रीमो मायावती ने जलालुद्दीन सिद्दीकी को बुलाकर चुनाव लड़ने के लिए कहा था। वर्ष 2006 से 2012 तक जलालुद्दीन सिद्दीकी बसपा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी रहे। जब-जब बसपा पर संकट आया, तब-तब जलालुद्दीन सिद्दीकी मैदान में आए। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में जब बसपा उम्मीदवार को पार्टी सुप्रीमो ने निष्कासित कर दिया, तब फिर से बसपा सुप्रीमो ने जलालुद्दीन सिद्दीकी को बुलाया और चुनाव लड़ने के लिए कहा। जलालुद्दीन सिद्दीकी साहिबाबाद से चुनाव लड़े। बड़ी बात यह है कि जलालुद्दीन सिद्दीकी की गिनती अवसरवादी नेताओं में नहीं होती है। वह जिस दल के साथ खड़े होते हैं तो फिर पूरे दिल और पूरी ताकत के साथ उसका साथ देते हैं। यही वजह है कि जब नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर राजनैतिक संकट आया तो जलालुद्दीन सिद्दीकी ने उनके लिए अपने राजनैतिक कॅरियर को बिना सोचे दांव पर लगा दिया और नसीमुद्दीन जब कांग्रेस में गए तो उन्होंने भी जलालुद्दीन सिद्दीकी के साथ ही कांग्रेस का हाथ थामा।

तेजस्वी यादव ने नीतीश पर लगाया ‘जहर’ देने की साजिश रचने का आरोप

Posted by mp samachar On February - 23 - 2018Comments Off on तेजस्वी यादव ने नीतीश पर लगाया ‘जहर’ देने की साजिश रचने का आरोप

download (6)छवि बिगाड़ने में लगे हुए नीतीश कुमार
तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि नीतीश कुमार और उनके समर्थक उनकी छवि बिगाड़ने और उनकी जान को नुकसान पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं. हालांकि तेजस्वी यादव के बजान के बाद ना तो राज्य सरकार की ओर से कोई बयान आया है और ना ही नीतीश कुमार ने इस पर अपनी कोई प्रतिक्रिया दी है, जिसके कारण प्रदेश में राजनीतिक माहौल और भी ज्यादा गरमा गया है.

भूत के डर के कारण खाली किया बंगला
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और बिहार के पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव ने भूतों के डर से सरकारी बंगला छोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सुशील मोदी ने उनके सरकारी बंगले में भूत छोड़ दिया है. इसकी वजह से उन्होंने सरकारी बंगला खाली कर दिया है. उन्होंने कहा कि उनके पास पहले से बंगला है और उन्हें किसी सरकारी भीख की जरूरत नहीं है. उनके इस बयान पर जदयू ने पलटवार करते हुए कहा है कि उन्हें क्या जरूरत है नरपिशाचों के ऊपर भूत-पिशाच छोड़ने की. बड़ी मुश्किल से तो सबको इतने बड़े भूत से पीछा छूटा है. अब वापस भूत के पास रहना नहीं चाहते हैं.

यह भी पढ़ें : RJD की बैठक में बोले तेजस्वी यादव, ‘हम किसी से ना डरेंगे, ना झुकेंगे’

भीख की आवश्यकता नहीं
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने सरकारी बंगला खाली कर दिया है. उन्हें तीन, देशरत्न मार्ग का बंगला आवंटित किया गया था. तेजप्रताप ने कहा कि उनके पास पहले से 10 सर्कुलर रोड का बंगला है. उनको सरकारी भीख की जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सुशील मोदी ने इस सरकारी बंगले में भूत छोड़ दिया है, इसलिए वह इसे खाली कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान: पांच साल का विकास पांच माह में करने का वादा

Posted by mp samachar On February - 22 - 2018Comments Off on मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान: पांच साल का विकास पांच माह में करने का वादा

download (3)भोपाल: मध्य प्रदेश के दो विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव में प्रचार अंतिम दौर में है. सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर हमले कर रहे. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पांच साल का विकास पांच माह में करने का वादा कर रहे हैं, तो दूसरी ओर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री चौहान को घोषणावीर बताया. राज्य के शिवपुरी जिले के कोलारस और अशोकनगर के मुंगावली विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव का प्रचार जोरों पर है. दोनों स्थानों पर भाजपा व कांग्रेस के नेता डेरा डाले हुए हैं. आलम यह है कि हर दूसरे गांव में 100 से 500 मतदाताओं के बीच नेता सभाएं कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने बुधवार को अपनी सभाओं में कहा, लोकतंत्र में चुनाव जनता की भलाई और विकास के लिए होता है. भाजपा सरकार ने पूरे प्रदेश में विकास की गंगा बहाई है, लेकिन मुंगावली क्षेत्र में विधायक भी कांग्रेस के थे और सांसद तो कई वर्षो से कांग्रेस के हैं. उन्होंने मुंगावली के विकास में कोई रुचि नहीं ली. जिसके कारण मुंगावली विधानसभा क्षेत्र विकास की दौड़ में पिछड़ गया है. भाजपा सरकार पांच महीने में पांच साल का कार्य मुंगावली में पूरा करेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा, कांग्रेस के जमाने में प्रदेश में सड़कें नहीं होती थीं. हमने प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया. अनेक विकास के काम भाजपा कर रही है, लेकिन कांग्रेस के लोग विकास के काम रुकवाने का षड्यंत्र रचते हैं. कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवराज के भाषणों की खिल्ली उड़ाई। उन्होंने अपनी सभाओं में कहा, राज्य के मुख्यमंत्री घोषणावीर हैं. उन्होंने अबतक न जाने कितनी घोषणाएं इस क्षेत्र के लिए की, मगर पूरी एक भी नहीं हुई.

राज्य की पूरी सरकार इस इलाके में डेरा डाले हुए है, मतदाताओं से तमाम वादे किए जा रहे हैं. सड़क-सड़क और गांव-गांव में बड़े-बड़े नेता घूमने को मजबूर हैं. यहां के मतदाता वास्तविकता को जानते हैं. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने मुंगावली में कई जनसभाओं को संबोधित करते हुए कहा, आपके वोट में क्षेत्र का विकास छिपा हुआ है. आप भाजपा प्रत्याशी बाईसाहब को वोट देकर मुंगावली क्षेत्र के विकास का रास्ता खोलें.

भाजपा उपाध्यक्ष व सांसद प्रभात झा एवं जिलाध्यक्ष जयकुमार सिंघई के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने मुंगावली विधानसभा उपचुनाव के केन्द्रीय पर्यवेक्षक राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में कहा गया है कि मुंगावली विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी पूरी तरह आचार संहिता का उल्लंघन कर रही है. कोलारस में मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने जलाभिषेक यात्राओं और आम सभाओं के माध्यम से आम जनता के बीच जन संवाद एवं जनसंपर्क किया. उन्होंने कहा, हमने कोलारस क्षेत्र के विकास के लिए गुंजारी नदी को जीवित करने का प्रयास किया.

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने भी कई चुनावी सभाओं को संबोधित किया. उन्होंने मतदाताओं से कांग्रेस के पक्ष में मतदान की अपील की, और प्रदेश की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों को कोसा. यादव ने कहा, भाजपा राज में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है. भाजपा की मंत्री यशोधरा राजे मतदाताओं को धमकी दे रही हैं. वह कह रही हैं कि कांग्रेस को वोट दिया तो उनका हुक्का-पानी और सारी सरकारी सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी.

भाजपा की दूसरी मंत्री मायासिंह ने क्षेत्र के मतदाताओं को धमकाते हुए कहा कि यदि भाजपा के उम्मीदवार को वोट नहीं दिया तो न तो तुम्हें मकान मिलेगा, न गैस का कनेक्शन, न कन्यादान योजना के लाभ और न ही बच्चों की शिक्षा-दीक्षा का लाभ. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा, चित्रकूट के बाद मुंगावली और कोलारस विधानसभा उपचुनाव में मुख्यमंत्री चौहान के विकास के दावों की पोल खुल गई है. मुख्यमंत्री ने कोलारस विधानसभा उपचुनाव में प्रचार का जो तरीका अपनाया है, उसने प्रचार के स्तर को तो गिराया ही है, साथ ही यह भी बताया है कि वह यहां की जनता से विकास नहीं, दया के आधार पर वोट चाहते हैं.

उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान पर प्रतिक्रिया जाहिर की, जिसमें चौहान ने कहा था कि छह माह के लिए वोट दे दो. सिंह ने कहा, यह मुख्यमंत्री की गरिमा के प्रतिकूल है. 13 साल के मुख्यमंत्री जो प्रदेश को बीमारू राज्य से बाहर करने और विकास के तमाम दावे करता हो, वह इस स्तर पर वोट मांग रहे हैं तो इससे स्पष्ट है कि विकास की ढोल में पोल है.

भाजपा को चुनौती देने में कांग्रेस ही सक्षम: शरद पवार

Posted by mp samachar On February - 22 - 2018Comments Off on भाजपा को चुनौती देने में कांग्रेस ही सक्षम: शरद पवार

2018_2image_13_17_351488300rajthackeray-sharadpawa-llमुंबई: नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) अध्यक्ष शरद पवार ने आखिरकार तीन महीने पहले किए गए अपने ऐलान को सच कर ही दिया। उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे से किया अपना वादा पूरा किया है। ठाकरे द्वारा लिए गए इंटरव्यू में शरद पवार ने बड़ी ही बेबाकी से सवालों के जवाब दिए। करीब दो घंटे तक चले इस इंटरव्यू में पवार ने आरक्षण से लेकर पीएम मोदी पर खुलकर बात की।

आर्थिक आधार पर मिले आरक्षण
महाराष्ट्र में मराठा समुदाय के लोग काफी समय से नौकरी और शिक्षा में आरक्षण की मांग कर रहे हैं। इसके लिए पिछले साल अगस्त में विशाल मूक मोर्चा आंदोलन निकाला गया था। आरक्षण पर पवार ने कहा कि इसे आर्थिक आधार पर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह काफी संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने कहा कि इसमे कोई दो राय नहीं है कि दलित और आदिवासियों को आरक्षण मिलना चाहिए लेकिन अलग-अलग जाति के लोग भी इसके लिए रैली निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं इस मामले में पूरी तरह से साफ हूं कि आरक्षण जाति के आधार पर नहीं बल्कि आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को मिलना चाहिए।

कांग्रेस के आएंगे अच्छे दिन
इंटरव्यू के दौरान पवार ने एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 1999 में उनके कांग्रेस छोड़ने की वजह सोनिया गांधी थीं। सोनिया प्रधानमंत्री बनना चाहती थीं लेकिन तब इस पद की दौड़ में मनमोहन सिंह और वे खुद थे। एक दिन घर में मीडिया रिपोर्ट से पता चला कि सोनिया सरकार बनाने का दावा पेश करने जा रही हैं बस उसी समय मैंने कांग्रेस छोड़ दी। वहीं उन्होंने कहा कि राहुल गांधी में अब पहले से काफी बदलाव आया है। अब राहुल पूरी तरह से पार्टी की जिम्मेदारी उठा रहे हैं और पिछले दिनों चुनावों में कांग्रेस का जैसे प्रदर्शन रहा उसे देखकर लग रहै है कि जल्द ही राहुल पार्टी के अच्छे दिन लेकर आएंगे। राहुल अगर ऐसे ही आगे बढ़ते रहेंगे तो जनता भी उन्हें अपना लेगी।

गुजरात नहीं देश के पीएम हैं मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पवार ने कहा कि उन्हें समझना चाहिए कि वे गुजरात नहीं देश चला रहे हैं। दोनों में काफी अंतर है। देश को चलाने के लिए एक सुदृढ़ टीम की जरूरत है जो देश के कोने से लोगों की समस्याएं समझें और उन पर काम करे। लेकिन मोदी तो अकेले ही सबकुछ करना चाहते हैं, टीम मे नहीं रहना चाहते जोकि देश हित में नहीं होगा।

राज ठाकरे और शरद पवार के बीच यह सारी बातचीत ‘शोध मराठी मन का’ विषय पर चर्चा के दौरान हुई। ठाकरे खुद पवार का हाथ पकड़ उन्हें मंच पर लेकर आए। राज ने पवार के 50 साल के राजनीतिक सफर के हर पहलू पर बात की। बता दें कि नवंबर 2017 में इस विशेष बातचीत की घोषणा BVG ग्रुप के फाउंडर डायरेक्टर हनुमंत गायकवाड़ ने की थी। दोनों नेताओं की मुलाकात पहले 6 जनवरी को होनी थी लेकिन भीमा कोरेगांव हिंसा की वजह से इसे रद्द कर दिया गया था।

सीपी जोशी को 1 वोट से हराने वाले भाजपा नेता कल्याण सिंह चौहान का निधन

Posted by mp samachar On February - 21 - 2018Comments Off on सीपी जोशी को 1 वोट से हराने वाले भाजपा नेता कल्याण सिंह चौहान का निधन

850_8501519198684l8dy_bjp-leader-kalyan-singh-chauhan-passed-awayजयपुर: राजस्थान के नाथद्वारा से भारतीय जनता पार्टी के विधायक कल्याण सिंह चौहान का मंगलवार देर रात उदयपुर के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 58 वर्ष के थे। कैंसर से जूझ रहे चौहान का लंबी बीमारी के बाद GBH अमेरिकन हॉस्पिटल में रात 2 बजे निधन हो गया। वह पिछले तीन-चार दिनों से यहां भर्ती थे और पिछले ढाई वर्ष से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। मुख्यमंत्री वसंधुरा राजे ने सिंह के निधन पर शोक जताया है। उनके आकस्मिक निधन के बाद बुधवार को राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही एक दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उनके सम्मान में सदन में दो मिनट का मौन रखा गया उसके बाद सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। चौहान नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र से BJP के विधायक थे। चौहान ने 2008 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस नेता सीपी जोशी सिर्फ एक वोट के अंतर से हराया था। वहीं, 2013 में उन्होंने कांग्रेस के ही देवकीनंदन गुर्जर को लगभग 16 हजार वोटों के अंतर से मात दी थी। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने नाथद्वारा विधायक कल्याण सिंह के निधन पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि चौहान एक सजग जनप्रतिनिधि थे। CM ने कहा कि उन्होंने हमेशा गरीबों पिछड़ों सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए आवाज उठाई। उनका निधन हम सभी के लिए अपूरणीय क्षति है।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत की आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने नाथद्वारा विधायक कल्याण सिंह चौहान के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि चौहान का निधन पार्टी के लिए एक क्षति है। बीजेपी के मीडिया प्रभारी आनंद शर्मा ने कहा कि सिंह को अपने इलाज के लिए अक्सर अस्पताल जाना पड़ता था। पिछले वर्ष अलवर से बीजेपी सांसद महंत चांदनाथ, अजमेर से बीजेपी सांसद सांवरलाल जाट और मांडलगढ़ से विधायक कीर्ति कुमारी का बीमारी के चलते निधन हो गया था।

PM मोदी कर्नाटक के बाहुबली महामस्तकाभिषेक में हुए शामिल

Posted by mp samachar On February - 19 - 2018Comments Off on PM मोदी कर्नाटक के बाहुबली महामस्तकाभिषेक में हुए शामिल

2018_2image_10_08_367660300modikarnatak-llमैसूर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मैसुरु तथा हासन जिले के श्रवणबेलागोला में भगवान गोमतेश्वर के 88वें महामस्तिकभिषेक से जुड़े कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने हैदराबाद में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की वर्ल्ड कांग्रेस को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में टेक्नोलॉजी का काफी महत्व है और सभी का इससे जुड़ना भी काफी जरूरी है।

बता दें कि देर रात मैसूर पहुंचने पर मंदाकाली हवाई अड्डे पर उनका स्वागत राज्यपाल वाजूभाई वाला, मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवे गौड़ा ,केंद्रीय मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा और अनंत कुमार ने किया। मोदी दो दिवसीय कर्नाटक दौरे पर हैं। वे यहां एक रैली को भी संबोधित करेंगे

गुजरात निकाय चुनाव में बीजेपी को मिली जीत, कांग्रेस का भी शानदार प्रदर्शन

Posted by mp samachar On February - 19 - 2018Comments Off on गुजरात निकाय चुनाव में बीजेपी को मिली जीत, कांग्रेस का भी शानदार प्रदर्शन

NBT-image (2)अहमदाबाद
गुजरात विधानसभा चुनाव में जीत के बाद निकाय चुनाव के रूप में बीजेपी ने अपनी पहली परीक्षा में कांग्रेस को शिकस्त दे दी है। राज्य में 75 नगरपालिकाओं में से बीजेपी ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की है। शुरुआत में बीजेपी को कड़ी टक्कर देती दिख रही कांग्रेस को 27 सीटों पर जीत मिली है। अन्य को 4 सीटें मिली हैं। हालांकि पिछले चुनाव की तुलना में बीजेपी को 16 सीटों का नुकसान हुआ है। पिछले निकाय चुनाव में बीजेपी ने 60 सीटें जीती थीं। पीएम नरेंद्र मोदी के गृहनगर वडनगर में बीजेपी ने 28 में 27 सीटें जीतकर कांग्रेस का सफाया कर दिया है।

जाफराबाद नगरपालिका में पहले ही बीजेपी को निर्विरोध रूप से जीत मिली। इसमें वलसाड के धरमपुर में बीजेपी ने 14 वॉर्ड में जीती जबकि कांग्रेस को 10 वॉर्ड में जीत मिली। वलसाड के पारडी में बीजेपी और कांग्रेस का मुकाबला बराबरी का रहा। यहां बीजेपी और कांग्रेस ने 14-14 वॉर्डों में जीत हासिल की।

नवसारी के बिलीमोरा में बीजेपी ने 21 वॉर्डों पर जीत दर्ज की वहीं, कांग्रेस को 3 और निर्दलीय को 13 सीटें मिलीं। निकाय चुनाव में बीजेपी ने दक्षिण गुजरात ने सभी सीटों में जीत हासिल की। पार्डी और वलसाड में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला बराबरी का रहा। वहीं सोनगढ़ में बीजेपी को 21 और कांग्रेस को 7 सीटें मिली।

बता दें कि 2013 में हुए नगरपालिका चुनाव में यहां बीजेपी को 60 सीटें मिली थीं। उस लिहाज से इस बार बीजेपी की सीट कम हुई है वहीं कांग्रेस के खाते में नई सीटें जुड़ी हैं। गुजरात के 28 जिलों की 75 निकाय सीटों पर शनिवार को चुनाव हुए थे। निकाय चुनाव में 64.4 फीसदी वोट पड़े थे।

कांग्रेस ने फुलपुर से मनीष मिश्रा और गोरखपुर से सुरहिता को मैदान में उतारा

Posted by mp samachar On February - 17 - 2018Comments Off on कांग्रेस ने फुलपुर से मनीष मिश्रा और गोरखपुर से सुरहिता को मैदान में उतारा

16_02_2018-raj_babbarउत्तर प्रदेश में फूलपुर और गोरखपुर के उपचुनाव को लोकसभा चुनाव से पहले जनता की नब्ज टटोलने का जरिया माना जा रहा है। राजनीति पार्टियां इसे रिहर्सल के तौर पर देख रही हैं। उप चुनाव का मैसेज पूरे देश में जाएगा ऐसे में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही शह-मात के खेल में जुटे हैं। कांग्रेस ने लोकसभा उप चुनाव के उम्मीदवार घोषित कर फुलपुर से मनीष मिश्रा और गोरखपुर से सुरहिता करीम को मैदान में उतारा है। यूपी की राजनीति में अहम किरदार निभाने वाली बहुजन समाज पार्टी के फैसले पर सब की निगाहें टिकी हैं। बसपा में मंथन का दौर जारी है। हालांकि अंदरखाने में बसपा ने अपने पत्ते तय कर लिए हैं। जोर आजमाइश के चुनाव में बसपा दूर से नजारा देखने की तैयारी में है। मतलब फूलपुर उपचुनाव में अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी।

कांग्रेस ही भाजपा को हरा सकती: राजबब्बर

प्रदेश महासचिव मनीष मिश्रा युवक कांग्रेस में सक्रिय रहे हैं और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के सचिव रहे जीएन मिश्रा के पुत्र हैं। कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार घोषित करने से उपचुनाव में विपक्ष के साझा प्रत्याशी को उतारने की उम्मीद खत्म हो गयी। प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने कहा कि गठबंधन अथवा साझा उम्मीदवार को उतराने के लिए सपा को फैसला लेना होगा। उन्होंने दावा किया कि केवल कांग्रेस ही भाजपा को हरा सकती है। उन्होंने पूरी मजबूती से चुनाव लडऩे का दावा करते हुए कहा कि जल्द की प्रभारी बनाकर प्रचार अभियान शुरू किया जाएगा।

भाजपा-सपा ने अभी प्रत्याशी नहीं उतारे

फूलपुर उप चुनाव के लिए नामाकंन फार्म भरे जा रहे हैं। हालांकि अब तक भाजपा और सपा ने अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। सभी राजनीतिक दल एक दूसरे के प्रत्याशी के नाम का इंतजार कर रहे हैं। बसपा भी यह कहकर ठहरी हुई है कि भाजपा प्रत्याशी की घोषणा के बाद वह अपने पत्ते खोलेगी लेकिन, वरिष्ठ नेताओं की मानें तो पार्टी ने प्रत्याशी न उतारने का फैसला कर लिया है। कदम फूंक-फूंक कर इसलिए रखा जा रहा है कि इसे वाकओवर की तरह देखकर बसपा को बदनाम न किया जा सके। हालांकि बसपा से तमाम दावेदारों ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती से संपर्क साध टिकट की मांग की है लेकिन, फूलपुर से दूरी बनाकर पार्टी नए समीकरण साधने की तैयारी में है। ऐसा ही गोरखपुर उपचुनाव को लेकर भी है। वहां भी पार्टी न लडऩे का फैसला लेने की तैयारी में है।

बसपा का मकसद मतों का बिखराव रोकना

बसपा का एक मकसद लोकसभा से पहले पार्टी की समीक्षा होने से बचाना और दूसरा मतों का बिखराव रोकना है। इसके लिए एकजुट विपक्ष और गठबंधन की राजनीति को बल मिलेगा, जिसके जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजय रथ को रोका जा सके। वैसे भी फूलपुर संसदीय सीट गांधी परिवार की परंपरागत सीट रही है। यहां से प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू समेत दिग्गजों ने चुनाव लड़ा था। ऐसे में बसपा दूर से लड़ाई देखने की तैयारी में है। इसका तर्क बसपा के वरिष्ठ नेता ऐसे दे रहे हैं कि पार्टी ने कई बार उपचुनाव में हिस्सा नहीं लिया। ऐसा होने पर ऐसा पहली बार नहीं होगा।

कांग्रेस नेता का विवादित बयान- ‘रमन सिंह की नींद हुई हराम, रात को पीते हैं शराब’

Posted by mp samachar On February - 16 - 2018Comments Off on कांग्रेस नेता का विवादित बयान- ‘रमन सिंह की नींद हुई हराम, रात को पीते हैं शराब’

205255-congress515नई दिल्लीः वर्ष 2019 में होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एक बार फिर से राज्य की सियासत गर्मा गई है. कांग्रेस और बीजेपी के बीच तल्ख टिप्पणियों का दौर भी शुरू हो गया है. बयानों के बीच कांग्रेस के आदिवासी नेता कवासी लखमा ने प्रदेश के सीएम रमन सिंह पर विवादित बयान दे डाला. एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कवाली लखमा ने कहा, ‘जब से हमारे पुनिया साहब आए हैं, तब से रमन सिंह चैन से नहीं सोते हैं, वो रात को एक-एक पैग मारते होंगे, रमन सिंह को जरूर नींद नहीं आ रही होगी.’

पीएल पुनिया को कांग्रेस ने बनाया राज्य प्रभारी
बता दें कि विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस ने पीएल पुनिया को राज्य प्रभारी का कार्यभार सौंपा है. पीएल पुनिया के राज्य प्रभारी का कार्यभार संभालने के बाद कांग्रेस को उम्मीद है कि वह इन चुनावों में शानदार प्रदर्शन करेगी. गौरतलब है कि कवासी ने वर्ष 2008 में कोटा विधानसभा सीट से विधायक बने थे. कवासी का नाम सुर्खियों में वर्ष 2013 में आया था जब प्रदेश में कई नक्सली हमले हुए थे.

कांग्रेस ने ही किया था कवासी पर शक
वर्ष 2013 में छत्तीसगढ़ में बस्तर जिले के घने जंगलों में कांग्रेसी नेताओं के एक काफिले पर भारी हथियारों से लैस नक्सलियों के एक बेहद घातक हमले में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता महेंद्र कर्मा समेत कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई थी. इसके साथ ही इस हमले में पूर्व केंद्रीय मंत्री वी सी शुक्ला और 19 अन्य लोग घायल हुए थे. दरभा घाटी में हुए नक्सली हमले में जहां कांग्रेस के सभी नेताओं को मार दिया गया था वहीं उन्हें सुरक्षित छोड़ दिया गया था, जिसके बाद कांग्रेस ने उन पर शक किया था. हालांकि वक्त के साथ उन्होंने प्रदेश में पार्टी के लिए खास जगह बनाई और विधायक बने.

adhi mahotsav 2017 adhi mahotsav bhopal adhi mahotsav news bhopal haat bazaar top trifed bhopal आदि महोत्सव इंदौर उज्जैन खण्डवा गुना ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ग्वालियर चर्चा निधन पन्ना पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी बाबा रामदेव बैठक भेंट भोपाल भोपाल हाट मंत्रालय मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री निवास मुख्यमंत्री श्री चौहान मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मुलाकात युवा राज्यपाल राज्यपाल श्री राम नरेश यादव राज्य शासन राज्य सरकार राष्ट्रीय जनजातीय उत्सव रोजगार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग लोकार्पण विमोचन शुभारंभ श्री शिवराजसिंह चौहान श्री शिवराज सिंह चौहान सीहोर हत्या