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December - 2017
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Archive for the ‘राजनीति’ Category

download (12)नई दिल्ली । गुजरात में आज दूसरे और अंतिम चरण के चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है। इसी कड़ी में
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गुजरात के बनासकांठा पहुंचे, वहां टोटाना आश्रम के दर्शन कर योगी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।

योगी ने कहा कि गुजरात की जनता ने दो काम इस चुनाव में अच्छे कर दिए, एक डॉ मनमोहन सिंह का मुंह खुलवा दिया और दूसरा राहुल गांधी को मंदिर जाना सिखा दिया।
आपको बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव का प्रचार शुरू होने के बाद से राहुल गांधी गुजरात के अलग-अलग मंदिरों के दर्शन कर चुके हैं। इसको लेकर भजपा कई बार हमलावर हो चुकी है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ-साथ बाकी नेताओं ने भी इसे चुनावी स्टंट बताते हुए पूछा था कि राहुल अबतक दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर क्यों नहीं गए?

दिल्ली एयरपोर्ट पर पब्लिक के बीच लाइन में खड़े दिखे राहुल, लोगों ने क्लिक की सेल्फी

Posted by mp samachar On December - 9 - 2017Comments Off on दिल्ली एयरपोर्ट पर पब्लिक के बीच लाइन में खड़े दिखे राहुल, लोगों ने क्लिक की सेल्फी

rahul_airport_1512804212_618x347कांगेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पिछले दो महीनों से बदले-बदले नजर आ रहे हैं. गुजरात चुनाव में प्रचार के लिए जाने वाले राहुल को कभी लोगों के साथ सेल्फी लेते तो कभी रेस्टोरेंट में आम लोगों के बीच खाने खाते देखा गया. लेकिन उनका नया रूप दिल्ली एयरपोर्ट पर भी देखने को मिला जब वह लाइन में लगकर फ्लाइट तक ले जाने वाली बस में बैठे.

दरअसल राहुल गांधी को दूसरे चरण के चुनावी प्रचार के लिए गुजरात रवाना हुए हैं, जहां उन्हें वडनगर, पाटन जिले के हारिज, बनासकांठा के कनोडर और वीजापुर में रैलियां करनी हैं. इसके लिए वो दिल्ली से रवाना हुए तो बोर्डिंग पास लेने के बाद वह बस में बैठने के लिए आम लोगों के साथ लाइन में खड़े दिखे.

फोटो में देखा जा सकता है कि राहुल लाइन में लगकर फोन पर बात कर रहे हैं और पीठ पर उनका काला बैग हमेशा की तरह टंगा हुआ है. राहुल के अपने साथ खड़ा देखकर यहां कुछ लोग उनके साथ सेल्फी भी लेते देखे गए. हालांकि राहुल के चारों तरफ एसपीजी के कमांडो थे, जो उनकी सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे थे.

कभी सेल्फी तो कभी चाय की चुस्की

इससे पहले भी राहुल गांधी जनता से अपना जुड़ाव दिखा चुके हैं. भरूच के एक रोड शो मतंशा नाम की एक लड़की के साथ सेल्फी क्लिक की थी. भरूच में राहुल गांधी के रोड शो के दौरान अप्रत्याशित रूप से एक लड़की ने राहुल की वैन पर चढ़कर उन्हें फूल गिफ्ट किए और उनके साथ सेल्फी ली. यही नहीं राहुल गांधी ने गुजरात में कांग्रेस के प्रचार के दौरान आदिवासी इलाके में जाकर उन लोगों के साथ पारंपरिक वेशभूषा में डांस भी किया था.

राहुल गांधी अपनी नुक्कड़ सभाओं के दौरान भी किसी आम जगह बैठकर चाय की चुस्कियां लेते कैमरे में कैद हुए और सूरत में कपड़ा मिल में कारीगरों के साथ कपड़ा बनाने का हुनर में समझते दिखे और कारीगरों की समस्याओं को सुना.

गुजरात विधानसभा चुनाव : शुरुआती 2 घंटों में 10 फीसदी मतदान

Posted by mp samachar On December - 9 - 2017Comments Off on गुजरात विधानसभा चुनाव : शुरुआती 2 घंटों में 10 फीसदी मतदान

अहमदाबाद: गुजरात विधानसभा के पहले चरण के चुनाव के दौरान शनिवार को 24,689 मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारें देखी जा सकती हैं. निर्वाचन आयोग को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वोटर वेरिफिकेशन पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) में खराबी की कई शिकायतें मिली हैं, जबकि कुछ स्थानों पर आचार संहिता के उल्लंघन की भी शिकायतें हैं.

निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने बताया कि शुरुआती दो घंटों में कच्छ, सौराष्ट्र और दक्षिणी क्षेत्रों सहित 19 जिलों की 89 सीटों पर 10 फीसदी मतदान हुआ.

राजकोट और अमरेली से मतदाता भारी संख्या में मतदान केंद्रों की ओर उमड़ रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि वहां सुबह आठ बजे से लेकर अब तक 16 फीसदी मतदान हुआ है. राजकोट ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के उम्मीदवार वाश्रम सगाथिया का वीडियो वायरल हो गया है. उन्हें वीडियो में मतदान करते हुए देखा जा सकता है, जबकि इस दौरान उनका एक साथी सेलफोन से वीडियो बना रहा है.

इस संबंध में निर्वाचन आयोग के समक्ष शिकायत की गई है. चुनाव आयोग को वलसाड जिले के कोसांबा क्षेत्र में ईवीएम मशीनों में खराबी की भी कई शिकायतें मिलीं. राजकोट पूर्व निर्वाचन क्षेत्र में भी ईवीएम में छेड़छाड़ की शिकायत मिली है.

बीजेपी नेताओं ने चलाया राहत कार्य कांग्रेस MLA बेंगलुरु में पड़े रहे : PM मोदी

Posted by mp samachar On December - 8 - 2017Comments Off on बीजेपी नेताओं ने चलाया राहत कार्य कांग्रेस MLA बेंगलुरु में पड़े रहे : PM मोदी

download (15)गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पाटन और बनासकांठा के लोग भाजपा और कांग्रेस के बीच का अंतर जानते हैं। जब यहां बाढ़ आई हुई थी, तो कांग्रेस के विधायक बेंगलुरु में आराम फरमा रहे थे, पर भाजपा नेता लोगों के साथ मिलकर काम कर रहे थे।

गुजरात में रैली को संबोधित करते पीएम मोदी।

पीएम ने कहा कि बीजेपी नेता लोगों को राहत सामग्री मुहैया करा रहे थे, जबकि कांग्रेस के नेता बेंगलुरु में स्वीमिंग पुल में नहा रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के भाभर, कलोल, हिम्मतनगर और निकोल क्षेत्रों में चार रैलियों को संबोधित करेंगे। बता दें कि गुजरात में 14 दिसंबर को दूसरे चरण के तहत मतदान होना है। वहीं इस बात की जानकारी पीएम मोदी ने ट्वीट कर के दी है।

People of Patan and Banaskantha know the difference between Congress and BJP. When there were floods here Congress MLAs were relaxing in Bengaluru whereas BJP leaders were working with people, helping in relief operations: PM in Banaskantha’s Bhabhar #GujaratElection2017pic.twitter.com/2Axm0BWdPa
— ANI (@ANI) December 8, 2017

बता दें कि मोदी ने गुरुवार को सूरत में एक रैली को संबोधित किया, जहां उन्होंने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर द्वारा उन्हें ‘नीच’ किस्म का शख्स कहने के बयान को लेकर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने सभी गुजरातियों का अपमान किया है जो चुनाव में बीजेपी के लिए मतदान करके कांग्रेस को मुंहतोड़ जवाब देंगे। कांग्रेस ने अय्यर के इस विवादित बयान पर हरकत में आते हुए गुरुवार को अय्यर को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनकी प्राथमिक सदस्यता निलंबित कर दी।

Will address rallies in Bhabhar, Kalol, Himmatnagar and Nikol. These can be watched live here. https://t.co/0ElF2AFuHr
— Narendra Modi (@narendramodi) December 8, 2017

बता दें कि अय्यर ने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी को ‘चायवाला’ कहकर उन पर तंज कसा था, जिसका खामियाजा कांग्रेस पार्टी को उठाना पड़ा था। गुजरात में भाजपा बीते 22 वर्षो से सत्ता में है।

PM मोदी की कार्यशैली से नाराज BJP सांसद ने लोकसभा से दिया इस्तीफा

Posted by mp samachar On December - 8 - 2017Comments Off on PM मोदी की कार्यशैली से नाराज BJP सांसद ने लोकसभा से दिया इस्तीफा

patole_1512723695_618x347गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से एक दिन पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. महाराष्ट्र के भंडारा गोंदिया लोक सभा सीट से बीजेपी के सांसद नानाभाऊ पटोले ने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया है. पटोले ने इस्तीफा देने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर सवाल उठाया है.

2014 के लोकसभा चुनाव में नाना भाऊ पटोले एनसीपी के दिग्गज नेता प्रफुल्ल पटेल को शिकस्त देकर सांसद बने थे. पटोले पटोले पिछले काफी समय से बीजेपी नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नाराज चल रहे थे. पटोले का आरोप था कि मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री के सामने किसानों के मुद्दे उठाए थे, जिसे नहीं सुना गया था. इसके बाद उन्होंने ये बात मीडिया में भी कही थी. तभी से वो नाराज चल रहे थे.

शुक्रवार को इस्तीफा देने के बाद पटोले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है. पिछले सप्ताह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से पटोले की मुलाकात की भी खबर है. अब इस्तीफे के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे कांग्रेस में जा सकते हैं.

पटोले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से नाराज चल रहे थे. उन्होंने बीजेपी के पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा के नेतृत्व में चल रहे किसानों के आंदोलन में भी महाराष्ट्र में हिस्सा लिया था. पटोले ने पिछले महीने संवाददाता सम्मेलन कर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला था और कहा था कि किसानों को इस सरकार ने कुछ नहीं दिया. इसके अलावा पटोले ने जीएसटी, नोटबंदी को लेकर भी सरकार पर हमला बोला था.

दरअसल एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल की बीजेपी से बढ़ती नजदीकियां भी पटोले के इस्तीफे की वजह मानी जा रही है. पिछले दिनों जिस तरह से प्रफुल्ल पटेल ने बीजेपी के लिए दिल बड़ा किया है और गुजरात के राज्यसभा चुनाव में दोनों विधायकों के वोट कांग्रेस प्रत्याशी अहमद पटेल के बजाय बीजेपी के उम्मीदवार को दिलाए थे. इसके अलावा माना जा रहा है कि प्रफुल्ल पटेल के चलते ही गुजरात में कांग्रेस और एनसीपी के बीच गठबंधन नहीं हो सका है. इस तरह कांग्रेस भी प्रफुल्ल पटेल से नाराज चल रही थी. ऐसे में पटोले को भी अपना सियासी ठिकाना तलाशना था. इसी मद्देनजर उन्होंने पिछले दिनों कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल से मुलाकात की थी.

गुजरातः बुजुर्ग ने मनमोहन सिंह से पूछे ऐसे सवाल, पूर्व पीएम को जोड़ने पड़े हाथ

Posted by mp samachar On December - 8 - 2017Comments Off on गुजरातः बुजुर्ग ने मनमोहन सिंह से पूछे ऐसे सवाल, पूर्व पीएम को जोड़ने पड़े हाथ

download (6)राजकोटः पूर्व प्रधानमंत्री तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता और जाने माने अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह गुरुवार को राजकोट में एक प्रेस कांफ्रेंस के लिए आए थे। इसी दौरान एक बुजुर्ग घेरा तोड़कर कर उनके पास जा पहुंचा। बुजुर्ग की बातें सुन मनमोहन सिंह ने हाथ जोड़ लिए और काफी देर तक चुप खड़े रहे। मनमोहन को ऐसे खड़ा देख वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए।

मनसुखभाई नाम का बुजुर्ग हाथ में एक किताब लिए अचानक एसपीजी के घेरे के बीच खड़े मनमोहन के बाद पहुंच गया। पहले एसपीजी ने सोचा कि यह कांग्रेस कार्यकर्त्ता है लेकिन जब जवानों को सारा माजरा समझ आया तो उन्होंने बुजुर्ग को वहां से हटाया। सभी में इसी बात की चर्चा थी कि आखिर बुुजुर्ग ने पूर्व पीएम को ऐसे क्या कहा कि उन्होंने हाथ जोड़ दिए।

मीडिया ने जब मनसुखभाई से बात की तो उन्होंने बताया कि मैं कांग्रेस के घोटालों की किताब लेकर मनमोहन सिंह के पास गया था और उनसे यूपीए सरकार में हुए घोटालों के बारे में सवाल किया। मनसुखभाई ने सिंह से पूछा कि आपके कार्यकाल में 20 लाख करोड़ के घोटाले हुए हैं, आपके नेता जेल में है और कई बाहर घूम रहे हैं तो ऐसे में मैं कांग्रेस को वोट क्यों दूं।

मनसुखभाई कहा कि मनमोहन ने उनके किसी सवाल का जवाब नहीं दिया और जवानों ने उन्हें वहां से हटा दिया। बताया जा रहा है कि किसी समय मनसुखभाई कांग्रेस से जु़डे हुए थे। वे कांग्रेस के कार्यकाल में हुए घोटालों से आहत थे इसलिए पूर्व पीएम से जवाब चाहते थे लेकिन उन्होंने मौन धरे रखा।

रैली से लौट रहे BJP कार्यकर्ताओं की हीराबाजार में उछाली गई टोपी

Posted by mp samachar On December - 8 - 2017Comments Off on रैली से लौट रहे BJP कार्यकर्ताओं की हीराबाजार में उछाली गई टोपी

सोशल मीडिया पर गुजरात का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में सड़क पर खड़े स्थानीय लोग बीजेपी कार्यकर्ताओं के सिर पर लगी टोपी उछालते दिख रहे हैं. दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने इस वीडियो को ट्वीट किया है.

वीडियो में दिख रहा है कि सूरत के हीरा बाजार की सड़क के दोनों साइड लोगों को हुजूम खड़ा है और उनके बीच से बीजेपी के कार्यकर्ता अपनी बाइक से गुजर रहे हैं. हालांकि सड़क पर बहुत भीड़ है, बीजेपी कार्यकर्ताओं की रफ्तार धीमी है. इस दौरान सड़क किनारे खड़े लोग बीजेपी कार्यकर्ताओं की टोपी और झंडे उछाल रहे हैं. स्थानीय लोगों के इस व्यवहार के बावजूद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किसी तरह का कोई प्रतिरोध नहीं किया.

बताया जा रहा है कि हीरा बाजार में पटेल समुदाय के लोग बीजेपी कार्यकर्ताओं की टोपी उछाल रहे थे. उन्होंने यहां रैली का विरोध किया था. हालांकि स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये वीडियो कब का है.

दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा कि बीजेपी ने गुजरात में विकास किया होता, तो ऐसा स्वागत नहीं होता. बता दें कि जिग्नेश मेवानी वडगाम (सुरक्षित) सीट से विधानसभा चुनाव मैदान में है. कांग्रेस ने जिग्नेश को समर्थन दिया है.

गुजरात में बीजेपी से छिन सकती है सत्ता, कांग्रेस से कांटे का मुकाबला: सर्वे

Posted by mp samachar On December - 5 - 2017Comments Off on गुजरात में बीजेपी से छिन सकती है सत्ता, कांग्रेस से कांटे का मुकाबला: सर्वे

BJP-may-lose-from-in-power-in-Gujarat-Kante-ki-Mukabla-survey-news-in-hindi-220001नई दिल्ली. गुजरात में 9 दिसंबर और 14 दिसंबर को दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं. राज्य में सत्ताधारी पार्टी बीजेपी और कांग्रेस में कांटे की टक्कर चल रही है. ऐसा हम इसलिए कह रहे है क्योंकि चुनाव से ठीक पांच दिन पहले एक हिन्दी न्यूज चैनल के सर्वे में यह बात निकल कर सामने आ रही है कि 22 साल से गुजरात में राज कर रही बीजेपी को कांग्रेस पटेलों की मदद से कड़ी टक्कर दे रही है.

ओपिनियम पोल के मुताबिक विधानसभा चुनाव में बीजेपी एक बार फिर सत्ता में लौट सकती है और उसे 95 सीटें मिल सकती है जबकि कांग्रेस 82 सीटों पर कब्जा जमा सकती है. ऐसे में अगर सीटों का ये अंतर और घटा तो ओपिनियम पोल के मुताबिक कांग्रेस भी गुजरात में वापसी कर सकती है.

कांग्रेस-बीजेपी को मिलेंगे बराबर वोट: सर्वे

बात अगर दोनों पार्टियों के वोट शेयर की करें तो ओपनियम पोल के मुताबिक बीजेपी और कांग्रेस दोनों को 43-43 फीसदी वोट मिल सकते हैं जबकि 14 फीसदी वोट अन्य के खाते में जा सकता है.

सौराष्ट्र कच्छ के शहरी इलाके में बीजेपी तो ग्रामीण इलाके में कांग्रेस लोगों की पहली पसंद

बात अगर गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ के शहरी क्षेत्रों की करें तो ओपनियन पोल के मुताबिक यहां बीजेपी कांग्रेस को काफी पीछे छोड़ रही है. बीजेपी को यहां 46 फीसदी वोट मिलने की संभावना दिख रही है जबकि कांग्रेस को 16 फीसदी कम सिर्फ 30 फीसदी वोट मिलता दिख रहा है.गुजरात के सौराष्ट्र कच्छ क्षेत्र में विधानसभा की 54 सीटें हैं. ऐसे में ओपिनियन पोल के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस ने बीजेपी पर बढ़त बना ली है. ग्रामीण इलाकों में बीजेपी को जहां सिर्फ 43 फीसदी वोट मिलता दिख रहा है वहीं कांग्रेस को 49 फीसदी वोट मिलने की संभावना है. वहीं बात अगर शहरी इलाकों की करे तो यहां बीजेपी कांग्रेस से आगे निकलती दिख रही है. सर्वे के मुताबिक सौराष्ट्र-कच्छ के शहरी इलाकों में बीजेपी को 45 तो कांग्रेस को 39 फीसदी वोट शेयर मिलता दिख रहा है.

उत्तर गुजरात में कांग्रेस को बीजेपी से ज्यादा मिलेंगे वोट: सर्वे

अगर उत्तर गुजरात की बात करें तो ओपिनियन पोल के मुताबिक बीजेपी को यहां करारा झटका लगा है. इस इलाके में कांग्रेस ने बीजेपी पर 4 फीसदी वोटों की बढ़त बनाकर रखी है. उत्तर गुजरात में कांग्रेस को 49 फीसदी वोट मिलने की संभावना है जबकि बीजेपी को यहां सिर्फ 45 फीसदी वोट ही मिल सकते हैं.

दक्षिण गुजरात में शहरी इलाके में कांग्रेस तो ग्रामीण इलाके में बीजेपी आगे

अब अगर दक्षिण गुजरात को देखें तो यहां विधानसभा की कुल 35 सीटें है. यहां के ग्रामीण इलाकों में बीजेपी कांग्रेस से आगे दिख रही है. ओपनियन पोल के आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस को जहां 42 फीसदी वोट मिलता दिख रहा है वहीं बीजेपी को 44 फीसदी वोट मिलने की संभावना जताई गई है.

दक्षिण गुजरात के शहरी इलाकों में बीजेपी कांग्रेस से पिछड़ती नजर आ रही है. कांग्रेस को जहां 43 फीसदी वोट मिलने की संभावना जताई गई है वहीं बीजेपी को सिर्फ 36 फीसदी वोट मिलता दिख रहा है.

मध्य गुजरात में बीजेपी-कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर

हालांकि बात अगर मध्य गुजरात की करें तो यहां विधानसभा की 40 सीटें हैं. मध्य गुजरात में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मात्र 1 फीसदी वोट का अंतर दिख रहा है. बीजेपी को जहां 41 फीसदी वोट मिल सकता है वहीं कांग्रेस को 40 फीसदी वोट मिलने की संभावना है. हालांकि मध्य गुजरात के ग्रामीण इलाके में कांग्रेस आगे हैं और उसे 47 फीसदी वोट मिल सकते हैं जबकि बीजेपी को सिर्फ 43 फीसदी वोट मिलने की ही संभावना जताई गई है. गुजरात के अगर इन चार क्षेत्रों के वोट शेयर को मिला दें तो पता दोनों ही पार्टियों को बराबर वोट शेयर 43-43 फीसदी मिलता दिख रहा है. ऐसे में 9 और 14 दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर तय है.

पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की लोकप्रियता में आई कमी

खासबात यह है कि ओपनियन पोल के मुताबिक राज्य में पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की लोकप्रियता में भी कमी आई है. अगस्त में हार्दिक की लोकप्रियता 61% थी जबकि अक्टूबर में 64% और नवंबर में यह घटकर 58% रह गई है. यह ओपिनियन पोल एबीपी न्यूज के लिए सर्वे एजेंसी लोकनीति और सीएसडीएस ने 23 से 30 नवंबर के बीच 50 विधानसभा क्षेत्रों के 200 बूथों पर जाकर 3655 लोगों की राय लेकर की है.

मैं लोकतंत्र को बचाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगा : शरद यादव

Posted by mp samachar On December - 5 - 2017Comments Off on मैं लोकतंत्र को बचाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगा : शरद यादव

sharad-yadav_650x400_61503835411 (1)नई दिल्ली: शरद यादव ने मंगलवार को राज्य सभा से अयोग्य करार दिए जाने के एक दिन बाद लोकतंत्र को बचाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई. शरद ने ट्वीट किया, “मुझे राज्यसभा से अयोग्य घोषित किया गया क्योंकि बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को हराने के लिए बनाए गए महागठबंधन को 18 महीने बाद सत्ता में बने रहने के लिए तोड़ दिया गया. अगर इस गैर-लोकतांत्रिक कार्यशैली के खिलाफ बोलना मेरी गलती है तो मैं लोकतंत्र को बचाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगा.”

शरद ने पुष्टि की कि सोमवार रात उन्हें एक नोटिस भेजा गया. उन्होंने कहा, “मुझे मेरी पत्नी ने सूचित किया था कि रात लगभग 10 बजे एक नोटिस आया था.” उन्होंने कहा कि नोटिस 15 पृष्ठों से अधिक का है, इसलिए वह इस पर बाद में टिप्पणी करेंगे.

उपराष्ट्रपति व राज्यसभा अध्यक्ष एम. वैंकेया नायडू ने सोमवार को यादव और अली अनवर की राज्यसभा सदस्यता रद्द कर दी थी. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाले जद (यू) गुट ने यादव और अंसारी की अयोग्यता के लिए याचिका दायर की थी, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई. नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ फिर से जुड़ने के लिए राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस संग अपने महागठबंधन को तोड़ दिया था, जिसके बाद शरद, अंसारी और जदयू का एक धड़ा नीतीश से अलग हो गया था. पिछले महीने निर्वाचन आयोग ने नीतीश कुमार की अगुवाई वाले गुट को ही असली पार्टी बताया था और उसे चुनाव चिन्ह तीर का इस्तेमाल करने की अनुमति भी दी थी.

एक फरवरी के इस आदेश ने दी थी अयोध्या विवाद की चिंगारी को हवा

Posted by mp samachar On December - 4 - 2017Comments Off on एक फरवरी के इस आदेश ने दी थी अयोध्या विवाद की चिंगारी को हवा

04_12_2017-babri_masjidअयोध्या के विवादित ढांचे को लेकर हिंदू-मुस्लिम समुदाय अपने-अपने दावे तो अरसे से कर रहे थे लेकिन इस चिंगारी को हवा दी 31 साल पहले फैजाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के एक आदेश ने। 1 फरवरी 1986 को दिये गये इसी आदेश से इस ढांचे पर 37 वर्षों से लगे ताले को खोलने का रास्ता साफ हुआ। इस आदेश में न्यायाधीश ने यह अनुमति भी दे दी थी कि दर्शन व पूजा के लिए लोग रामजन्मभूमि जा सकते हैैं।

25 जनवरी 1986 को अयोध्या के वकील उमेश चंद्र पांडेय ने फैजाबाद के मुंसिफ (सदर) हरिशंकर द्विवेदी की अदालत में विवादास्पद ढांचे को रामजन्मभूमि मंदिर बताते हुए उसके दरवाजे पर लगे ताले को खोलने के लिए याचिका दाखिल की। यह कहते हुए कि रामजन्मभूमि पर पूजा-अर्चना करना उनका बुनियादी अधिकार है। मुंसिफ ने इस मामले में कोई आदेश पारित नहीं किया क्योंकि इस संदर्भ में मुख्य वाद हाईकोर्ट में विचाराधीन था। लिहाजा उन्होंने एप्लीकेशन को निस्तारित करने में असमर्थता जतायी। उन्होंने कहा कि मुख्य वाद के रिकार्ड के बिना वह आदेश पारित नहीं कर सकते। उमेश चंद्र पांडेय ने इसके खिलाफ 31 जनवरी 1986 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश फैजाबाद की अदालत में अपील दायर की। उनकी दलील थी कि मंदिर में ताला लगाने का आदेश पूर्व में जिला प्रशासन ने दिया था, किसी अदालत ने नहीं।

एक फरवरी 1986 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण मोहन पांडेय ने उनकी अपील स्वीकार की। इस मामले में जज ने फैजाबाद के तत्कालीन जिलाधिकारी इंदु कुमार पांडेय और एसएसपी कर्मवीर सिंह को कोर्ट में तलब किया था। दोनों ने अदालत को बताया कि ताला खोलने से कानून व्यवस्था के बिगडऩे की आशंका नहीं है। जज ने इस मामले में बाबरी मस्जिद के मुख्य मुद्दई मोहम्मद हाशिम व एक अन्य पक्षकार के तर्कों को भी सुना। राज्य सरकार ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में वकील उमेश चंद्र पांडेय की याचिका का विरोध किया। यह कहते हुए कि रामजन्मभूमि के गेट पर लगे ताले को खोलने से कानून व्यवस्था भंग होने की आशंका है। न्यायाधीश ने सरकार की यह दलील ठुकराते हुए कहा कि रामजन्मभूमि पर ताला लगाने का कोई भी आदेश किसी भी अदालत में पूर्व में नही दिया है।

1 फरवरी 1986 को मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद जज ने कहा कि वह मुकदमे का फैसला उसी दिन शाम 4.15 बजे करेंगे। शाम 4.15 बजे उन्होंने ताला खोलने का आदेश दिया। न्यायाधीश ने इस बात की भी अनुमति दी कि जनता दर्शन व पूजा के लिए रामजन्मभूमि जाए। अपने आदेश में उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया गया है कि राज्य सरकार अपील दायर करने वाले तथा हिंदुओं पर रामजन्मभूमि में पूजा या दर्शन में कोई बाधा और प्रतिबंध न लगाए। न्यायाधीश के आदेश देने के बमुश्किल 40 मिनट बाद ही सिटी मजिस्ट्रेट फैजाबाद रामजन्मभूमि मंदिर पहुंचे और उन्होंने गेट पर लगे ताले खोल दिये। इसके बाद से ही इस प्रकरण पर सभी पक्षकार अधिक सक्रिय हुए।

top इंदौर उज्जैन खण्डवा गुना ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ग्वालियर चर्चा दुष्कृत्य निधन पन्ना पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी प्रदेश बधाई बाबा रामदेव बैठक भेंट भोपाल मंत्रालय मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी मध्यप्रदेश मनरेगा मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री निवास मुख्यमंत्री श्री चौहान मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मुलाकात युवा राज्यपाल राज्यपाल श्री राम नरेश यादव राज्य शासन राज्य सरकार रोजगार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग लोकार्पण विकास विमोचन शुभारंभ श्री शिवराजसिंह चौहान श्री शिवराज सिंह चौहान सहकारिता सीहोर स्वास्थ्य हत्या