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सहकारिता क्षेत्र में इस वर्ष एक लाख मीट्रिक टन भण्डारण क्षमता बढ़ेगी

Posted by mpsamachar On December - 21 - 2012Comments Off on सहकारिता क्षेत्र में इस वर्ष एक लाख मीट्रिक टन भण्डारण क्षमता बढ़ेगी

प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से भण्डारण क्षमता को बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इस वर्ष एक लाख मीट्रिक टन भण्डारण क्षमता की वृद्धि की जायेगी।

राज्य के 15 जिलों में संचालित एकीकृत सहकारी विकास परियोजना के माध्यम से 18 हजार मीट्रिक टन भण्डारण क्षमता का विकास किया गया है। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम एवं राज्य शासन के वित्तीय सहयोग से भण्डार गृह निर्माण योजना भी प्रारंभ की गई है। इस योजना में हाउसिंग बोर्ड 30 हजार मीट्रिक टन क्षमता के 60 गोदाम का निर्माण कर रहा है। सहकारिता की एक अन्य योजना राष्ट्रीय कृषि विकास के अंतर्गत 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता के 50 नये गोदाम का निर्माण किया जा रहा है।

राज्य सरकार ने प्रदेश की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को गोदाम निर्माण के लिये निःशुल्क जमीन उपलब्ध करवाने का भी निर्णय लिया है। इस संबंध में जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये गये हैं।

सभी महाविद्यालय को जोड़ा जाएगा नेशनल नॉलेज नेटवर्क से

Posted by mpsamachar On December - 21 - 2012Comments Off on सभी महाविद्यालय को जोड़ा जाएगा नेशनल नॉलेज नेटवर्क से

प्रदेश के सभी महाविद्यालय को नेशनल नॉलेज नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही 100 महाविद्यालय में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट क्लास शुरू करने का निर्णय भी उच्च शिक्षा विभाग द्वारा लिया गया है।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा है कि मुख्यालय स्तर पर वीडियो कांफ्रेसिंग के लिए स्टूडियो बनवाया जाएगा। इससे ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचल में उच्च शिक्षा के विस्तार में मदद मिलेगी। स्मार्ट क्लास प्रारंभ करने के लिए आवश्यक कार्यवाही सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रारंभ कर दी गई है।

प्रदेश में सतही जल स्त्रोत आधारित 27 योजना का क्रियान्वयन

Posted by mpsamachar On December - 18 - 2012Comments Off on प्रदेश में सतही जल स्त्रोत आधारित 27 योजना का क्रियान्वयन

प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार स्तर पर नल कनेक्शन द्वारा सुरक्षित एवं पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध करवाये जाने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 27 सतही जल स्त्रोत आधारित योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर एवं ग्वालियर में संचालित इन योजनाओं के लिए बजट में 761 करोड़ 12 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इन योजनाओं का लाभ 614 ग्राम को मिलेगा। स्वीकृत पेयजल योजनाओं की मॉनीटरिंग मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा की जा रही है। स्वीकृत सतही पेयजल योजना के लिए सर्वे का काम तेज गति से किया जा रहा है।

भोपाल सर्किल में 287 करोड़ की 2 योजना स्वीकृत की गई हैं। इन योजनाओं से 242 गाँव की आबादी को नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। इंदौर सर्किल में 91 करोड़ 37 लाख लागत की 8 योजना का फायदा 117 ग्राम को, जबलपुर सर्किल में 254 करोड़ 35 लाख लागत की 11 योजना क्रियान्वित की जा रही हैं। जबलपुर सर्किल में की योजनाओं का लाभ 181 गाँव को मिलेगा। ग्वालियर सर्किल में 6 सतही पेयजल स्त्रोत योजना स्वीकृत की गई हैं। जल निगम की 128 करोड़ 40 लाख रुपये की योजना से ग्वालियर सर्किल के 74 गाँव की आबादी को घर पर पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत जून 2012 में मध्यप्रदेश जल निगम का गठन किया गया है। निगम द्वारा स्वीकृत योजना में सीवेज की पर्याप्त व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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