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कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अध्ययन और आकलन आवश्यक

Posted by mpsamachar On January - 8 - 2013Comments Off on कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अध्ययन और आकलन आवश्यक

parshuramराज्य में संचालित कल्याणकारी योजनाओं को जनहित में और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सुशासन स्कूल अपने प्रयास बढ़ाएगा । इसके साथ ही सहकारिता, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास से संबंधित राज्य सरकार के नए कार्यक्रमों के प्रभाव का अध्ययन भी करवाया जाएगा । मुख्य सचिव श्री आर. परशुराम की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में सुशासन स्कूल की कार्यकारिणी की बैठक में यह जानकारी दी गई । बैठक में सुशासन एवं नीति विश्लेषण स्कूल द्वारा संचालित कार्यों की जानकारी दी गई ।

मुख्य सचिव श्री परशुराम ने कहा कि राज्य में जिला उद्योग केंद्रों की कार्य-प्रणाली, मंडी समितियों के कार्यों और ग्राम आरोग्य केंद्रों की भूमिका के संबंध में भी अध्ययन करवाया जाए । रानी दुर्गावती अनुसूचित जाति,जनजाति स्वरोजगार योजना के क्रियान्वयन एवं प्रभाव का विस्तृत आकलन भी आवश्यक है। इस अध्ययन से कार्यक्रमों के बेहतर अमल में सहयोग मिलेगा। बैठक में बताया गया कि सुशासन एवं नीति विश्लेषण स्कूल द्वारा गत वर्ष लोक सेवा प्रबंधन विभाग की ओर से 16 शासकीय विभाग के लिए लोक सेवा मैनेजरों और कार्यालय सहायक की नियुक्ति में सहयोग प्रदान किया गया। इसी तरह लोक सेवा गारंटी अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए एक लाख जन-प्रतिनिधियों और दस हजार अधिकारियों के प्रशिक्षण का दायित्व भी वहन किया गया । लोक सेवाओं के प्रदाय के कार्य का प्रभाव आकलन विभिन्न संस्थाओं से करवाया गया । प्रशासन को जनकेंद्रित बनाने की दिशा में सुशासन स्कूल द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है ।

प्रमुख सचिव लोक सेवा प्रबंधन एवं सुशासन तथा नीति विश्लेषण स्कूल के महानिदेशक श्री इकबाल सिंह बैंस ने बताया कि सुशासन स्कूल द्वारा सूरजधारा योजना, कृषक प्रशिक्षण, राष्ट्रीय कृषि बीमा और डीजल पंप योजनाओं का प्रभाव आकलन करवाकर प्रतिवेदन संबंधित विभागों को सौंपे गए हैं।

बैठक में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती अरुणा शर्मा, प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन, श्री सुदेश कुमार, सचिव सूचना प्रौद्योगिकी श्री हरिरंजन राव, वित्त सचिव श्री एस.एन.मिश्रा, संचालक सुशासन स्कूल श्री अखिलेश अर्गल उपस्थित थे।

शहरी सीमा तथा राष्ट्रीय राजमार्गों के पास स्थित ग्राम-पंचायतों में सुनियोजित बसाहट के प्रयास होंगे

Posted by mpsamachar On November - 29 - 2012Comments Off on शहरी सीमा तथा राष्ट्रीय राजमार्गों के पास स्थित ग्राम-पंचायतों में सुनियोजित बसाहट के प्रयास होंगे

प्रदेश के शहरी क्षेत्रों, विशेषकर भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के पास स्थित ग्राम-पंचायतों और राजमार्गों के आसपास अनियमित और अनियंत्रित तरीके से बसाहट की प्रवृत्ति बढ़ी है। इस प्रवृत्ति की रोकथाम और अनियमितताओं पर लगाम कसने के लिये राज्य सरकार द्वारा संबंधित कानूनों और नियमों में आवश्यक संशोधन पर विचार किया जा रहा है। इससे इन बसाहटों में बुनियादी सुविधाओं के व्यवस्थित इंतजाम के साथ-साथ संबंधित ग्राम-पंचायतों की राजस्व आय में भी बढ़ोत्तरी हो सकेगी।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा सामाजिक न्याय मंत्री श्री गोपाल भार्गव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न एक उच्च-स्तरीय बैठक में इस बारे में विभिन्न मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। बैठक में श्री भार्गव ने निर्देश दिये कि शहरी क्षेत्रों और राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास की ग्राम-पंचायतों में अनियमित रूप से कॉलोनियों के विकास और भवन निर्माण पर निगरानी के लिये कानूनी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करवाया जाये। इस उद्देश्य से बैठक में दो अलग-अलग समितियों के गठन का निर्णय भी लिया गया, जो निश्चित समयावधि में कानूनी प्रावधानों में जरूरी बदलाव और नये प्रावधानों के बारे में सुझाव देगी।

बैठक में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती अरुणा शर्मा, प्रमुख सचिव आवास एवं पर्यावरण श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री एस.पी.एस. परिहार तथा सचिव विधि-विधायी श्री अनिल वर्मा, आयुक्त पंचायत श्री विश्वमोहन उपाध्याय  और आयुक्त नगर एवं ग्राम निवेश श्री के.सी. गुप्ता ने इस समस्या से जुड़े विभिन्न मसलों पर अपने सुझाव दिये। इस दौरान ऐसी ग्राम-पंचायतों को, जिन्हें नगर पंचायत बनाये जाने का निर्णय लिया गया है, के विघटन की प्रक्रिया संबंधी कानूनी प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। बैठक में संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भागीदारी की।

वी.आई.टी. विश्वविद्यालय द्वारा प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की पेशकश

Posted by mpsamachar On October - 13 - 2012Comments Off on वी.आई.टी. विश्वविद्यालय द्वारा प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की पेशकश

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आज यहाँ मंत्रालय में वी.आई.टी. यूनिवर्सिटी, वेल्लोर के चेयरमेन डॉ. जी. विश्वनाथन ने भेंट की। उन्होंने मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव की जानकारी देते हुए मध्यप्रदेश शासन से सहयोग की अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों का स्वागत है। उनको पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों की राज्य में स्थापना हो। वी.आई.टी. यूनिवर्सिटी के चेयरमेन डॉ. विश्वनाथन ने बताया कि वेल्लोर स्थित उनकी यूनिवर्सिटी में मध्यप्रदेश के भी 900 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से 150 छात्र-छात्राएँ भोपाल से हैं। डॉ. विश्वनाथन ने बताया कि राज्य में उनके द्वारा प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रारंभिक तैयारियाँ शुरू कर दी गयी हैं।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव तकनीकी शिक्षा श्रीमती अजिता वाजपेयी पाण्डे, अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती अरूणा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव, सचिव श्री एस.के. मिश्रा और सचिव उच्च शिक्षा श्री जे.एन. कंसोटिया उपस्थित थे।

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