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राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण-मरम्मत संबंधी मुद्दों का जल्दी समाधान करे केन्द्र

Posted by mpsamachar On January - 29 - 2013Comments Off on राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण-मरम्मत संबंधी मुद्दों का जल्दी समाधान करे केन्द्र

shivraj-manmohanमुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से मुलाकात कर दृढ़तापूर्वक आग्रह किया है कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण एवं मरम्मत से संबंधित मुद्दों का जल्दी समाधान करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों संबंधी मुद्दे मध्यप्रदेश के लिए लम्बे समय से परेशानी का कारण बने हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को इस परिदृश्य का उल्लेख करते हुए पत्र भी सौंपा। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे समाधान के लिए संबंधित मंत्री से चर्चा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का ध्यान प्रदेश से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक तीन, राष्ट्रीय राजमार्ग-7 की ओर दिलाते हुए कहा कि ये मार्ग सबसे ज्यादा खराब हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि तत्काल मरम्मत के लिए 57 करोड़ रुपये ही व्यय होंगे। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों की मरम्मत पर मध्यप्रदेश द्वारा खर्च किये गये दो सौ करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री से मुलाकात में श्री चौहान ने कहा कि पूरे देश में राष्ट्रीय राजमार्गों का संधारण राज्यों के लोक निर्माण विभागों के राष्ट्रीय राजमार्गों विभागों द्वारा किया जाता है और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में इस संबंध में कोई प्रक्रिया तक नहीं अपनाई गई है और न ही राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि मध्यप्रदेश ने अपने संसाधन से राष्ट्रीय राजमार्गों के संधारण पर 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि खर्च की है। यह एक ऐतिहासिक कदम है जब किसी राज्य ने केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से क्षतिपूर्ति राशि लिए बिना जनहित में यह कदम उठाया है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का ध्यान मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट की ओर आकृष्ट करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों की निर्माण परियोजनाओं में से कुछ सहयोगी पीछे हट गये हैं जिसके कारण क्रियान्वयन में विलम्ब हो रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग बहुत ज्यादा खराब हालत में हैं। इनके नियमित संधारण में लगातार अनदेखी होने के कारण वे वाहन चलाने योग्य नहीं रहे।

श्री चौहान ने प्रधानमंत्री को सौंपे अपने पत्र में कहा कि मध्यप्रदेश में दो श्रेणियों के राष्ट्रीय राजमार्ग है। पहली श्रेणी में वे राष्ट्रीय राजमार्ग आते हैं जो राज्य सरकार को मध्यप्रदेश राज्य सड़क विकास निगम को अद्यतन और पुनः विकास के लिए सौंपे गये हैं। ये परियोजनाएं राज्य की एजेंसी द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी आधार पर केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ करारनामा कर क्रियान्वित किये जा रही हैं। उन्होंने कहा कि करारनामे में राज्य सरकार और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की भूमिका का स्पष्ट उल्लेख है। राज्य सरकार तत्परता के साथ अपनी जिम्मेदारियां पूरी कर रही है लेकिन केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को सौंपी गई जिम्मेदारियां निभाने में गंभीर रूप से कमी है।

श्री चौहान ने प्रधानमंत्री को बताया कि केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भूमि अधिग्रहण, वायएबिलिटी गैप फंडिंग और अन्य परियोजना पूर्व गतिविधियों के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराने से संबंधित करीब 250 करोड़ रुपये के दावे बिना किसी कारण लंबित हैं। इस अनावश्यक विलम्ब से सहयोगियों के मन में अनिश्चितता का भाव पैदा हो रहा है और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भी विलम्ब हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मे राष्ट्रीय राजमार्ग की दूसरी श्रेणी में वे सड़कें आती हैं जो भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को केन्द्रीय मंत्रालय द्वारा पुनः निर्माण और विकास के लिए दी गई है। इनमें मुख्य रूप से आगरा, मुम्बई राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक तीन, राष्ट्रीय-7 और राष्ट्रीय राजमार्ग 69 हैं जो मध्यप्रदेश से गुजरते हैं। ये प्रदेश में परिवहन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इनका काम सार्वजनिक-निजी आधार पर लिया गया है लेकिन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा अभी इन पर काम ही शुरू नहीं हुआ है।

मध्यप्रदेश में उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

Posted by mpsamachar On January - 28 - 2013Comments Off on मध्यप्रदेश में उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

shivraj-singh1मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक परिदृश्य बदलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने प्रत्येक गाँव से छोटे-बड़े व्यवसाय एवं उद्योग-धंधों के लिये युवाओं से आगे आने का आव्हान किया। श्री चौहान शनिवार को दमोह जिले के संग्रामपुर और जबेरा में जन-समुदाय को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं को उद्योग-व्यवसाय के लिये 50 हजार से 25 लाख रुपये तक का बैंक ऋण दिलवाने की योजनाएँ शुरू की हैं। इन योजनाओं में मार्जिन-मनी सरकार द्वारा जमा करने, बैंक गारंटी और ब्याज अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल विकास के लिये प्रशिक्षण दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मई से हर गाँव में 24 घंटे बिजली मिलेगी, जिससे गाँव-गाँव में उद्योग-धंधे चलेंगे। उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के लिये भी युवाओं को ऋण मिलेगा, जिसकी बैंक गारंटी सरकार लेगी।

श्री चौहान ने जबेरा को नगर पंचायत घोषित करने संबंधी कार्यवाही का आश्वासन दिया। उन्होंने संग्रामपुर में तालाब निर्माण के लिये कलेक्टर को निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से चर्चा की और योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में उनकी राय और सुझाव प्राप्त किये।

मुख्यमंत्री ने पतलोनी के ग्रामीणों से निभाया वादा

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को दमोह जिले की यात्रा के दौरान ग्राम पतलोनी के ग्रामीणों से मिलकर अपना वादा निभाया। मुख्यमंत्री उप चुनाव के पहले इस गाँव में गये थे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा था कि वे शीघ्र ही दोबारा वहाँ आयेंगे।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में निरंतर काम कर रही है। केन्द्र सरकार से गेहूँ का समर्थन मूल्य 1600 रुपये प्रति क्विंटल करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने ग्राम पतलोनी की समस्याओं के समाधान के निर्देश दिये। श्री चौहान ने गाँव में हाई स्कूल खोलने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने पतलोनी में आयुर्वेदिक औषधालय भवन निर्माण की भी घोषणा की। श्री चौहान ने पेंशन भुगतान के संबंध में फरवरी में गाँव में शिविर लगाने के निर्देश दिये। इस अवसर पर विधायक श्री दशरथ सिंह, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह, जन-प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

मुनिश्री प्रबल सागर के साथ घटित घटना में दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई हो

Posted by mpsamachar On January - 7 - 2013Comments Off on मुनिश्री प्रबल सागर के साथ घटित घटना में दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई हो

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जैन मुनिश्री प्रबल सागर जी के साथ गुजरात के गिरनार में घटित घटना के दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस संबंध में अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पत्र में कहा है कि जनमानस की श्रद्धा एवं आस्था के प्रतीक जैन मुनिश्री प्रबल सागर जी महाराज के साथ जूनागढ़ जिले के गिरनार तीर्थ में घटित घटना से मेरे साथ-साथ पूरा प्रदेश व्यथित है।

श्री चौहान ने श्री मोदी से जैन धर्मावलंबियों एवं मुनिश्री के प्रति श्रद्धा रखने वाले समस्त श्रद्धालुओं की भावनाओं के अनुरूप अनुरोध किया है कि इस कृत्य में सम्मिलित दोषियों के विरूद्ध तत्परता से कठोर कार्रवाई की जाये।

बुराइयाँ रोकने कड़े कानून के साथ नैतिक आंदोलन जरूरी

Posted by mpsamachar On December - 31 - 2012Comments Off on बुराइयाँ रोकने कड़े कानून के साथ नैतिक आंदोलन जरूरी

shivrajमुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि समाज में बुराइयों को रोकने के लिए कड़े कानून के साथ-साथ नैतिक अंदोलन की जरूरत है। नैतिक आंदोलन से मनुष्य के मानसिक धरातल को बदला जा सकेगा। मुख्यमंत्री आज राजस्थान के माउंट आबू में ब्रह्माकुमारीज संस्था के शांति वन में उपस्थित जन-समूह को संबोधित कर रहे थे।

श्री चौहान ने कहा कि बेटियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन वे सुरक्षित नहीं हैं। उनकी सुरक्षा के लिए सुविचारित कड़े कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विकास का मतलब सिर्फ साधन जुटाना नहीं बल्कि परिवार, समाज और सभी वर्गों में मूल्यों, भाईचारे और प्रेम का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि आज राजनीति में हर वक्त फिसलने का डर रहता है। उन्होंने प्रार्थना की कि राजनीति और सार्वजनिक जीवन में काम करने वाले सभी लोगों को ईश्वर सद्बुद्धि दे, जिससे समाज और राष्ट्र का समग्र विकास हो सके।

इस अवसर पर संस्था की प्रमुख प्रशासक राजयोगिनी दादी जानकी ने कहा कि जब सब लोग अलग-अलग मजहब, धर्म और जाति की बात करते हैं तब विकृतियाँ पैदा होती हैं। जब हम अपने को शरीर से अलग समझेंगे तब हमारा आपसी सामंजस्य और सद्भाव बढ़ेगा। उन्होंने अपाराधिक घटनाओं को कम करने के लिए आध्यात्मिक क्रांति की आवश्यकता बतायी। संस्था के महासचिव श्री बी.के. निर्वेर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने कहा कि नया युग दस्तक दे रहा है, जिसमें हमें अपने संस्कार बदलने की जरूरत है।

ध्यान में लीन हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्रह्माकुमारीज की पूर्व मुख्य प्रशासक दादी प्रकाशमणि की समाधि पर पुष्प अर्पित किए। वे वहाँ ध्यान कक्ष में काफी देर तक ध्यान में लीन रहे।

मुख्यमंत्री का दादी जानकी, दादी रतनमोहिनी और श्री बी.के. निर्वेर ने स्मृति-चिन्ह भेंटकर उनका सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह और उनके दोनों पुत्र उपस्थित थे।

केन्द्रीय करों का 50 प्रतिशत राज्यों को मिले

Posted by mpsamachar On December - 28 - 2012Comments Off on केन्द्रीय करों का 50 प्रतिशत राज्यों को मिले

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केन्द्र द्वारा राज्यों को कल्याणकारी कार्यक्रमों को लागू करने की जिम्मेदारी दी जा रही है इसलिए केन्द्रीय करों से राज्यों को 50 प्रतिशत राशि भी मिलना चाहिए। केन्द्र अपने कराधान और संसाधन बढ़ाता जा रहा है। इससे राज्यों का हिस्सा कम होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय योजनाओं को राज्यों पर थोपा नहीं जाना चाहिए। राज्यों को अपनी आवश्यकता के अनुसार कार्यक्रम निर्धारित करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। केन्द्रीय योजनाओं की पूरी राशि केन्द्र द्वारा ही वहन की जानी चाहिए। श्री चौहान आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय विकास परिषद की 57वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों की भलाई और खेती को लाभकारी बनाने के लिए उर्वरकों की कीमत साल की शुरूआत से ही तय कर दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटे किसानों के हित में उर्वरकों की बढ़ी कीमतों को फौरन वापस लेना चाहिये। श्री चौहान ने कहा कि खेती में सिंचाई की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए बारहवीं योजना को ”जल योजना” घोषित किया जाए।

बारहवीं योजना में स्कूल शिक्षा पर ध्यान देने की सराहना करते हुए श्री चौहान ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम अच्छी तरह लागू करने में राज्यों का बजट गड़बड़ा रहा है। धनराशि का वितरण 50-50 प्रतिशत करने से राज्यों का वित्तीय प्रबंधन प्रभावित होगा। इसलिए केन्द्र को धनराशि का आवंटन 90:10 के अनुपात में करना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ गिनाते हुए केन्द्र की भूमिका और राज्यों की स्थिति को प्रभावी रूप से रेखांकित किया। उन्होंने समाजिक कल्याण, समावेशी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, कृषि एवं उद्योग जैसे क्षेत्रों से जुड़े मुद््दों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक उदारवाद के पिछले दो दशक में देश की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गयी है।

श्री चौहान ने कहा कि 11वीं योजना की उपलब्धियों और 2011-12 में 11.98 प्रतिशत विकास दर हासिल करने से उत्साहित होकर बारहवीं योजना में प्रदेश में 12 प्रतिशत विकास दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। संसाधनों के बेहतर उपयोग, कार्यक्रमों के कुशल संचालन और सुशासन से यह लक्ष्य प्राप्त करना आसान होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन वाले राज्यों के लिए ज्यादा केन्द्रीय राशि का प्रावधान होना चाहिए। केन्द्रीय योजनाओं के संबंध में एकतरफा निर्णय लेने की प्रवृत्ति केन्द्र-राज्य संबंधों के लिए उचित नहीं है। राज्यों के अधिकार क्षेत्र में केन्द्र का अनावश्यक हस्तक्षेप ठीक नहीं है।

कृषि विकास के संबंध में श्री चौहान ने कहा कि बारहवीं योजना में छोटे किसानों को मिलने वाले केन्द्रीय अनुदान की सीमा 75 प्रतिशत तक होना चाहिए। सभी राज्यों के उत्पादन का एक-सा समर्थन मूल्य घोषित होना चाहिए। कोदो, कुटकी, रागी जैसे मोटे अनाज का समर्थन मूल्य भी घोषित किया जाना चाहिए।

सिंचाई क्षेत्र की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि बारहवीं योजना में सिंचाई के लिए 11वीं योजना के मुकाबले पाँच गुना राशि का प्रावधान किया जाए। उन्होंने बरगी डायवर्सन परियोजना तथा नर्मदा बेसिन से सोन एवं टोंस नदियों में जल स्थानांतरण करने की योजना की चर्चा करते हुए कहा कि इसे ”राष्ट्रीय परियोजना” घोषित किया जाना चाहिए। लघु सिंचाई योजनाओं के व्यय को 1.5 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 3 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर बढ़ाया जाना चाहिए। श्री चौहान ने नर्मदा-क्षिप्रा लिंक परियोजना पर काम शुरू होने की जानकारी देते हुए कहा कि केन्द्र कोे इस परियोजना के लिए वित्तीय सहायता देना चाहिये। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों को सहयोग देने के लिए सहकारिता बैंकों की रीफाइनेंस की सीमा बढ़ाकर 75 प्रतिशत की जाए।

मुख्यमंत्री ने बढ़ते कृषि उत्पादन के संदर्भ में मध्यप्रदेश को देश का भण्डारण हब बनाने के लिए सहायता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य को 41 लाख बीपीएल परिवारों के आधार पर खाद्यान्न मिल रहा है जबकि राज्य में 74 लाख बीपीएल परिवार रहते हैं। श्री चौहान ने बारहवीं योजना में 13 हजार 500 मेगावाट विद्युत उत्पादन बढ़ाने की योजना की चर्चा करते हुए कहा कि कोयला आवंटन, अनुबंधित मात्रा में वार्षिक प्रदाय और पर्यावरणीय स्वीकृृतियों से संबंधित मुद्दों का समाधान कर इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

श्री चौहान ने कहा कि अगले साल जून महीने से सभी गाँव को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए फीडर विभाजन को गति देना जरूरी है। इसके लिए केन्द्रीय सहायता की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि 2014 से राज्य में सरप्लस विद्युत उपलब्ध होगी।

श्री चौहान ने गैर-पारम्परिक ऊर्जा स्त्रोतों के विस्तार में केन्द्रीय सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि देश की सबसे बड़ी सौर उर्जा परियोजना मध्यप्रदेश में स्थापित हो रही है। उन्होंने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा के उपयोग को अनिवार्य करने के संबंध में कानूनी प्रावधान किये जाने चाहिए।

श्री चौहान ने औद्योगिक विकास के माध्यम से रोजगार निर्माण की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकारों, केन्द्र सरकार और निजी क्षेत्र के परस्पर सहयोग से ही निर्माण क्षेत्र में 10 करोड़ नौकरियाँ देने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए बहुत से राज्य नये निवेश प्रस्तावों पर ध्यान दे रहे हैं इसलिए आपस में प्रतिस्पर्धा की स्थिति है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में केन्द्र सरकार को राष्ट्रीय स्तर पर सहमति बनाने की पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण नीति नये निवेश प्रस्तावों और नये औद्योगिक केन्द्र के विकास में बाधक नहीं बनना चाहिए। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को कौशल विकास से जोड़ने के महत्व की चर्चा करते हुए कहा कि श्रमिकों के कल्याण से संबंधित कानूनों में समयानुसार बदलाव किया जाना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने जिलों एवं प्रमुख नगरों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि नई रेल लाइन बिछाने का खर्च केन्द्र सरकार को ही उठाना चाहिए। गाँव को सड़कों से जोड़ने के लिए जनसंख्या के वर्तमान मापदण्ड को बदलने की जरूरत बताते हुए श्री चौहान ने कहा कि जनजातीय जनसंख्या वाले जिन विषम भौगोलिक क्षेत्रों में निर्माण लागत ज्यादा आती है वहाँ राज्य को अधिक संसाधन उपलब्ध करवाने और ज्यादा से ज्यादा सड़कें स्वीकृत करने की पहल की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में बनी जिन सड़कों को 10 साल हो गये हैं उनके संधारण और पुनः निर्माण के लिए भी केन्द्र को 50-50 प्रतिशत आधार पर संसाधन उपलब्ध करवाने चाहिए।

श्री चौहान ने लोक निर्माण विभाग की राष्ट्रीय राजमार्ग विंग को राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास की एजेंसी बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि अनावश्यक विलंब से बचने के लिए इस एजेंसी को तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति एवं भुगतान संबंधी अधिकारों के उपयोग की अनुमति दी जानी चाहिए।

नगरीय विकास के लिए उठाये गये नवाचारी कदमों का उल्लेख करते हुए श्री चौहान ने कहा कि राजीव आवास योजना में शहरी गरीबों पर वित्तीय भार कम करने के लिए भारत सरकार को 80 प्रतिशत राशि उपलब्ध करवानी चाहिए। ग्रामीण आवासों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को इंदिरा आवास योजना में कम राशि मिली है जबकि 2011 की जनगणना के आधार पर प्रदेश को कम से कम 3 लाख 80 हजार मकान प्रतिवर्ष का लक्ष्य मिलना चाहिए।

श्री चौहान ने प्रदेश की ग्रामीण बसाहटों में 55 लीटर प्रति व्यक्ति जल उपलब्ध करवाने में सफलता के संदर्भ में कहा कि बारहवीं योजना में मध्यप्रदेश को 3 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों में विद्यार्थियों को फेल न करने की नीति पर दोबारा विचार की आवश्यकता है। उन्होंने सभी धर्मों की नैतिक शिक्षा एवं दर्शन को पाठ्यक्रम में शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र में उच्च शिक्षा गुणवत्तापूर्ण संस्थानों की संख्या बढ़ाने के लिए केन्द्र का ध्यान आकर्षित किया। श्री चौहान ने कहा कि तकनीकी जनशक्ति की बाजार में माँग के अनुसार निरंतर जानकारी के लिए संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता है। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर लघु अवधि के सर्टिफिकेट कोर्स के लिए भी संस्थागत व्यवस्था की जरूरत है।

अनुसूचित जनजाति कल्याण की गतिविधियों की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि जिन जिलों में जनजातीय जनसंख्या 25 प्रतिशत से ज्यादा है उन्हें आदिवासी उपयोजनाओं के अंतर्गत विशेष क्षेत्र माना जाना चाहिये। बारहवीं योजना में आदिवासी उपयोजना में केन्द्रीय अनुदान भी बढ़ाया जाना चाहिये।

लोक स्वास्थ्य के क्षेत्र में चिकित्सकों और पेरामेडिकल अमले की कमी को देखते हुए  श्री चौहान ने कहा कि केन्द्र सरकार को बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज खोलने से संबंधित एक वृहद कार्यक्रम के साथ आगे आना होगा। उन्होंने इंडियन मेडिकल काउंसिल अधिनियम 1956 को भी वर्तमान परिदृश्य में संशोधित करने की आवश्यकता बतायी।

पुनरीक्षित एकीकृत बाल विकास योजना के अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों की निर्माण लागत राशि को प्रति यूनिट बढ़ाने की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र द्वारा तय की गयी 4 लाख 50 हजार की राशि अपर्याप्त है। उन्होंने बेटी बचाओ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटियों की सुरक्षा और महिलाओं को अधिकार सम्पन्न बनाने में राष्ट्रीय स्तर पर आम सहमति बनना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने ग्रीन इंडिया मिशन के माध्यम से 50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने पर जोर देते हुए कहा कि उन राज्यों को भी क्षतिपूर्ति राशि देने की आवश्यकता है जो अपने संसाधनों से वनों की देखरेख कर रहे हैं और देश के पर्यावरण की सुरक्षा में भी योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाघ परियोजना क्षेत्रों के गाँवों के विस्थापन के लिए प्रदेश में 3300 करोड़ रुपये अनुदान उपलब्ध करवाया जाना चाहिए। इसी प्रकार खनिज संसाधनों के दोहन की पूरी रॉयल्टी राज्यों को मिलनी चाहिए। पर्यटन परियोजनाओं को लागू करने में राज्य को पूरी स्वतंत्रता दी जाए।

मुख्यमंत्री ने सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में स्थापित अधोसंरचनात्मक व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भोपाल में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अकादमी स्थापित करने के लिए राज्य सरकार भूमि उपलब्ध करवाने और हरसंभव सहयोग देने के लिए सहमत है।

मुख्यमंत्री ने आंतरिक सुरक्षा के संबंध में बारहवीं योजना में अधोसंरचनात्मक व्यवस्था मजबूत करने, अनुसंधान, क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और कौशल उन्नयन पर ध्यान देने की जरूरत बतायी। श्री चौहान ने ई-प्रशासन एवं सुशासन की पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि पारदर्शी प्रशासन के लिए मध्यप्रदेश में उल्लेखनीय कदम उठाये गये हैं।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दी पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को जन्म-दिन पर बधाई

Posted by mpsamachar On December - 26 - 2012Comments Off on मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दी पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को जन्म-दिन पर बधाई

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को आज उनके जन्म-दिन पर बधाई और शुभ-कामनाएँ दीं। श्री चौहान ने आज नई दिल्ली में श्री वाजपेयी के निवास पर जाकर गुलदस्ता भेंट किया और उनके स्वस्थ और दीर्घायु होने की कामना की।

श्री चौहान के साथ प्रदेश के नवनियुक्त भाजपा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर सहित पूर्व अध्यक्ष श्री प्रभात झा, मंत्री सर्वश्री लक्ष्मीकांत शर्मा, कैलाश विजयवर्गीय, अनूप मिश्रा और संगठन महामंत्री श्री अरविन्द मेनन ने भी श्री वाजपेयी को जन्म-दिन की शुभ-कामनाएँ दीं।

गुजरात के चुनाव में विकास और सुशासन की जीत – मुख्यमंत्री श्री चौहान

Posted by mpsamachar On December - 21 - 2012Comments Off on गुजरात के चुनाव में विकास और सुशासन की जीत – मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की विजय को विकास और सुशासन की जीत बताते हुए श्री नरेन्द्र मोदी को बधाई दी है।

श्री चौहान ने कहा है कि गुजरात के चुनाव ने साबित कर दिया है कि अब राजनीति के केन्द्र में विकास प्रमुख हो गया है। गुजरात में लगातार पाँचवीं बार जीत को श्री चौहान ने पार्टी कार्यकर्ताओं की कर्मठता तथा आम जनता की जीत बतलाया है।

अंतर्राष्ट्रीय औबेदुल्ला खाँ गोल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट

Posted by mpsamachar On December - 19 - 2012Comments Off on अंतर्राष्ट्रीय औबेदुल्ला खाँ गोल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान अंतर्राष्ट्रीय औबेदुल्ला खाँ गोल्ड कप-2012 हॉकी टूर्नामेंट का 19 दिसम्बर को सायं 5 बजे ऐशबाग स्टेडियम में उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री तुकोजीराव पवार करेंगे। इस मौके पर सांसद श्री कैलाश जोशी, नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर, गृह मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, महापौर श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक सर्वश्री आरिफ अकील, ध्रुवनारायण सिंह, विश्वास सारंग तथा जितेन्द्र डागा विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।

पहली बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिता के आयोजन की सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। टूर्नामेंट में भाग लेने के लिये आकलेण्ड (न्यूजीलेण्ड) तथा मलेशिया की टीम भोपाल पहुँच गई है। इन टीमों के भोपाल पहुँचने पर राज्य अकादमी के खिलाड़ियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। यह टीमें अपने अभियान की शुरूआत 19 दिसम्बर से होने वाले लीग राउण्ड से करेंगी।

टूर्नामेंट में भाग लेने आयी आकलेण्ड की टीम के खिलाड़ियों ने आज भोपाल इलेवन ब्ल्यू और पंजाब एण्ड सिंध बैंक के बीच खेले गये मैच का आनंद लिया। खिलाड़ियों ने यहाँ उपलब्ध सुविधाओं और स्टेडियम को शानदार बताते हुए इसे बेहतरीन टूर्नामेंट बताया। टीम के सदस्य जिग्नेश किशोर ने कहा कि हमारे लिये भारत में हॉकी खेलना खास है। भोपाल हॉकी का गढ़ रहा है और ऐसे में भारत के अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ खेलने का अवसर बेहतर होगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा मैहर सड़क दुर्घटना पर शोक व्यक्त

Posted by mpsamachar On December - 18 - 2012Comments Off on मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा मैहर सड़क दुर्घटना पर शोक व्यक्त

शिवराज सिंह चौहान ने सतना जिले के मैहर में हुई त्रासद सड़क दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया हैमुख्यमंत्री श्री । उन्होंने दुर्घटना में मृतकों के परिजन को एक-एक लाख, गंभीर घायलों को 50-50 हजार रूपये और प्रत्येक सामान्य घायल को 10 हजार रूपये की सहायता तत्काल उपलब्ध करवाने की घोषणा की। उन्होंने घायलों के इलाज की पूरी व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये हैं।

बेटा-बेटी भेदभाव को समाप्त करने का संदेश प्रसारित करें समाज

Posted by mpsamachar On December - 17 - 2012Comments Off on बेटा-बेटी भेदभाव को समाप्त करने का संदेश प्रसारित करें समाज

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बैरागी समुदाय का आव्हान किया है कि वह बेटा-बेटी में भेदभाव को समाप्त करने का संदेश समाज में प्रसारित करें। उन्होंने कहा कि बेटियों के बिना संसार नहीं चल सकता। देवता भी उसी घर में रहते हैं जहाँ पर माँ, बहन और बेटियों का सम्मान होता है। श्री चौहान आज यहाँ तुलसी मानस प्रतिष्ठान के सभागार में बैरागी समाज के युवक-युवती परिचय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बैरागी समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रदेश सरकार खड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बेटों को लोग वृद्धावस्था का सहारा मानते हैं। प्रदेश सरकार अब बेटियों वाले परिवारों की वृद्धावस्था का सहारा बनेगी। केवल बेटियों वाले परिवारों को 60 वर्ष की उम्र के बाद से पेंशन देने की योजना तैयार की गयी है। प्रदेश में बेटियों के विवाह में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना संचालित है। वृद्धावस्था में तीर्थ-दर्शन करवाने के लिये तीर्थ-दर्शन योजना भी लागू की है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोकतंत्र में मुख्यमंत्री जनता का सेवक होता है। इसी भावना के साथ प्रदेश सरकार कार्य कर रही है। श्री चौहान ने विभिन्न प्रसंग के माध्यम से बताया कि परमात्मा को प्राप्त करने के तीन मार्ग ज्ञान, भक्ति और कर्म है। व्यक्ति अपने कर्त्तव्यों का ईमानदारी से पालन कर भी ईश्वर को प्राप्त कर सकता है।

स्वागत उद्बोधन श्री बाबूलाल मेवरा ने दिया। इस अवसर पर वैष्णव (बैरागी) समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री यू.के. स्वामी, प्रदेश अध्यक्ष श्री पी.एन. बैरागी, राष्ट्रीय हिन्दी मेल के प्रधान संपादक श्री विजय कुमार दास, श्री मनोहर बैरागी, प्रहलाद बैरागी और समाज के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम संचालन श्री सुरेश ने किया।

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