20
June - 2018
Wednesday
SUBSCRIBE TO NEWS
SUBSCRIBE TO COMMENTS

मध्यप्रदेश में जॉब फेयर्स के जरिये 1 लाख 22 हजार युवाओं का प्लेसमेंट

Posted by mpsamachar On February - 15 - 2013Comments Off on मध्यप्रदेश में जॉब फेयर्स के जरिये 1 लाख 22 हजार युवाओं का प्लेसमेंट

placementशिक्षित युवाओं को निजी और शासकीय क्षेत्र में रोजगार दिलवाने के लिये मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई जॉब फेयर योजना में अभी तक 1 लाख 22 हजार से अधिक युवा को प्लेसमेंट मिला है। अभी तक 797 जॉब फेयर्स में 1 लाख 10 हजार से अधिक युवा को निजी क्षेत्र में, 3,872 को वायु सेना तथा 2,224 को थल सेना में रोजगार मिला है। इसके अलावा 7,120 केरियर काउंसलिंग शिविर के माध्यम से 1 लाख 33 हजार से अधिक युवा को स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद केरियर के बारे में विशेषज्ञों द्वारा परामर्श दिया गया है।

शिक्षित युवाओं को विभिन्न क्षेत्र में रोजगार दिलवाने के उद्देश्य से उद्योग विभाग के रोजगार प्रभाग द्वारा वर्ष 2008-09 से जॉब फेयर एवं केरियर काउंसलिंग योजना शुरू की गई है। इसमें रोजगार कार्यालयों के माध्यम से निजी और सार्वजनिक संस्थानों में रिक्त पदों की भर्ती के लिये जॉब फेयर लगाया जाता है। प्रदेश और प्रदेश के बाहर औद्योगिक संस्थानों में उनके यहाँ आवश्यक जनशक्ति भर्ती के लिये जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति जॉब फेयर लगाती है। इसके लिये जिला प्रशासन द्वारा प्रशासकीय और वित्तीय मदद दी जाती है।

वायु सेना, थल सेना और जल सेना में सैनिक, तकनीकी और लिपिकीय पदों पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिये क्षेत्रीय भर्ती सेन्टर द्वारा प्रस्ताव भेजा जाता है। जिला रोजगार कार्यालय के माध्यम से इसके लिय आवश्यक सहयोग दिया जाता है। प्रत्येक जिले में वर्ष 2012-13 में कम से कम दो जॉब फेयर का लक्ष्य रखा गया है। भोपाल, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर, देवास और धार जैसे बड़े जिलों में वर्ष में 4 जॉब फेयर का लक्ष्य दिया गया है।

जॉब फेयर योजना के पहले वर्ष 2008-09 में कुल 10 हजार 562 युवाओ को प्लेसमेंट मिला। इनमें से 9,652 की निजी क्षेत्र में और 910 की भारतीय वायु सेना में भर्ती हुई। दूसरे वर्ष 2009-10 में 9,881 युवा को जॉब मिला। इनमें से 8,651 की निजी क्षेत्र में तथा 1,230 की वायु सेना में भर्ती हुई। वर्ष 2010-11 में 22 हजार 201 युवा को जॉब मिला। इनमें से 20 हजार 710 को निजी क्षेत्र में, 800 को भारतीय वायु सेना में तथा 691 को थल सेना में रोजगार मिला। वर्ष 2011-12 में 35 हजार 12 युवा को प्लेसमेंट मिला। इनमें 29 हजार 967 को निजी क्षेत्र में, 428 वायु सेना में तथा 4,617 को थल सेना में प्लेसमेंट मिला। वर्ष 2012-13 में जनवरी के अंत तक 44 हजार 479 से युवा को प्लेसमेंट मिला। इनमें से 41 हजार 59 को निजी क्षेत्र में, 504 को वायु सेना में तथा 2,916 को थल सेना में काम मिला।

केरियर काउंसलिंग

स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद विद्यार्थियों को केरियर के बारे में परामर्श देने कार्य भी किया जा रहा है। अभी तक 7,120 शिविर में 1 लाख 35 हजार से अधिक विद्यार्थी को परामर्श दिया गया।

लाखों युवाओं को रोजगार देने मुख्यमंत्री श्री चौहान की घोषणाएं (मध्यप्रदेश स्किल समिट)

Posted by mpsamachar On February - 1 - 2013Comments Off on लाखों युवाओं को रोजगार देने मुख्यमंत्री श्री चौहान की घोषणाएं (मध्यप्रदेश स्किल समिट)
  • shivraj-singhमध्यप्रदेश में लाखों युवाओं को रोजगार देने की मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना प्रारंभ की जायेगी।
  • कौशल विकास के लिए प्रदेश में विकासखंड स्तर पर तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जायेगा।
  • 113 कौशल विकास केन्द्र ब्लाक स्तर पर आरंभ किए जा चुके हैं। अब अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ब्लाक में, वन क्षेत्र में निवासरत लोगों महिलाओं तथा पंजीकृत श्रमिकों के लिए 47 कौशल विकास केन्द्र और खोले जायेंगे।
  • बालाघाट में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा ए.एन.एम. पाठ्यक्रम संचालित करने के लिये स्थापित संस्था में उच्च स्तर के पाठ्यक्रमों का संचालन किया जाएगा।
  • प्रदेश में निजी निवेश से भी 200 कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जायेंगे।
  • विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहारिया एवं भारिया समुदाय के लिये विशेष कौशल विकास केन्द्र प्रारंभ किये जायेंगे।
  • विशेष पिछड़ी जातियों के लिये अलग से विशेष कौशल विकास केंद्र प्रारंभ किये जायेंगे।
  • कृषि के क्षेत्र में किसानों एवं युवाओं के कौशल विकास के लिये 68 स्थानों पर व्यापक कौशल विकास के कार्यक्रम संचालित किए जायेंगे। इसमें बीज उत्पादन, जैविक खाद, मशरूम, वर्मिकल्चर, डेयरी, ट्रेक्टर मरम्मत जैसे लगभग 20 विधाओं में प्रशिक्षण दिया जायेगा।
  • कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिये कृषि विभाग द्वारा पांच स्किल डेवलमेंट सेंटर स्थापित कर कृषि यंत्रों के रिपेरिंग एवं सर्विसिंग आदि के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किए जायेंगे। ये केन्द्र पवारखेड़ा (जिला होशंगाबाद, सतना, जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर में होंगे।
  • लघु तथा मध्यम उद्योगों की गुणवत्ता युक्त टूलिंग्स जॉबवर्क तथा उच्च श्रेणी के प्रशिक्षुओं की मांग को देखते हुए भोपाल, जबलपुर तथा सतना में टूल रूप स्थापित किये जाएंगे। ऐसा केन्द्र इन्दौर में पहले से है।
  • प्रशिक्षण उपरांत रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चार फिनिशिंग स्कूल प्रारंभ किये जायेंगे। इन स्कूलों में तकनीकी कौशल में दक्ष कारीगरों, टेक्नीशियनों को अन्य प्रशिक्षण यथा कम्युनिकेशन स्किल, अंग्रेजी, कम्प्यूटर इत्यादि प्रशिक्षण मिलेगा।
  • रोजगार कार्यालयों को मानव संसाधन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा जो कि निजी क्षेत्र की एजेंसी के सहयोग से केरियर मार्गदर्शन एवं प्लेसमेंट का कार्य करेगा।
  • जेल विभाग बैतूल एवं धार जिलों की तरह अन्य जिलों में कौशल विकास केंद्र खोले जायेंगे।
  • कौशल विकास की समस्त गतिविधियों को प्रशिक्षण से रोजगार तक की एक कड़ी के रूप में विकसित किया जाएगा। आईटीआई को आई.आई.टी. की तरह ब्रांड के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • प्रत्येक आईटीआई में प्रशिक्षणार्थियों के बेहतर नियोजन के लिए प्लेसमेंट सेल बनाया जाएगा। प्रत्येक वर्ष एम्प्लायर्स कांक्लेव आयोजित किया जाएगा।
  • आईटीआई एवं पोलीटेक्निक महाविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित उद्योगों द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।
  • प्रत्येक आईटीआई में कम्प्यूटर के कौशल विकास के लिए कम्प्यूटर लैब बनाई जाएगी।
  • शासकीय आईटीआई का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा तथा संचालित ट्रेड्स को एनसीवीटी से संबद्धता दिलवाई जाएगी।
  • अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आईटीआई के प्रशिक्षणार्थियों की शिष्यवृत्ति में लगभग 70 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी।
  • तकनीकी शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, शिष्यवृत्ति प्रदाय करने को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में सम्मिलित किया जाएगा।
  • वर्तमान में ऐसे व्यक्ति जो अपने हुनर में माहिर हैं परन्तु उन्होंने कोई औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया है ऐसे व्यक्तियों को संबंधित विद्या में कौशल दक्षता के प्रमाणीकरण के लिए प्रणाली विकसित कर, उनके कौशल का प्रमाणीकरण किया जाएगा।
  • विभिन्न विधाओं में दक्ष कामगारों को मास्टर क्राफ्टसमेन के रूप में प्रमाणीकृत किया जाएगा जो विशिष्ट दक्षता प्राप्त कर दूसरों को भी प्रशिक्षित कर सकेंगे।
  • ग्लोबल स्किल प्रतिस्पर्धा (ओलंपिक की तर्ज पर अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा) में भाग लेने के लिए प्रशिक्षणार्थियों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • आईटीआई एवं पोलीटेक्निक महाविद्यालयों मे उदीयमान क्षेत्रों, जैसे कि मेकॉट्रॉनिक्स, इण्डस्ट्रीयल इलेक्ट्रॉनिक्स आदि, के पाठ्यक्रम प्रारंभ किये जाएंगे।
  • शासकीय इंजीनियरिंग, पोलीटेक्निक महाविद्यालयों एवं आईटीआई में वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किये जाएंगे।
  • तकनीकी शिक्षा के छात्रों में कम्यूनिकेशन स्किल विकसित करने के लिये सभी शासकीय पोलीटेक्निक महाविद्यालय एवं आईटीआई में हिन्दी, अंग्रेजी तथा अन्य भाषाओं में बेहतर संवाद क्षमता के लिए लेंग्वेज लैब की स्थापना की जाएगी।
  • प्रदेश के सभी पोलीटेक्निक महाविद्यालयों के केम्पस वाई-फाई युक्त किये जाएंगे जिससे इन्टरनेट सुविधा प्राप्त होगी।
  • व्यावसायिक शिक्षा (वोकेशनल एज्यूकेशन) में डिग्री एवं डिप्लोमा के पाठ्यक्रम प्रारंभ किये जाएंगे।
  • पांच पोलीटेक्निक महाविद्यालयों में कम्युनिटी महाविद्यालय प्रारंभ किये जाएंगे। इन कॉलेजों में दो वर्षीय डिग्री प्रोग्राम होगा। इनमें उद्योगों से तालमेल कर पाठ्यक्रम तैयार होगा।
  • कौशल विकास के प्रशिक्षकों को तैयार करने के लिये राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल में इंस्टीट्यूट फॉर ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर स्थापित किया जाएगा।
  • प्रदेश में 50 करोड़ रुपये की लागत से पी.पी.पी. में अत्याधुनिक मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किया जाएगा। जिसमें विभिन्न नवीनतम ट्रेड्स को प्रारंभ किया जाएगा।
  • भवन विहीन 55 आई.टी.आई. के नए भवन बनाए जाएंगे।
  • उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप पोलीटेक्निक महाविद्यालय के पाठ्यक्रमों का पुनरीक्षण किया जाएगा।

युवाओं को रोजगार से जोड़कर बनायेंगे मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को वाईब्रेंट

Posted by mpsamachar On February - 1 - 2013Comments Off on युवाओं को रोजगार से जोड़कर बनायेंगे मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को वाईब्रेंट

Shivraj-Singh-Chouhanमुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि युवाओं को कौशल देकर उन्हें रोजगार से जोड़कर मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को वाइब्रेंट बनाया जायेगा। प्रदेश में आई.टी.आई. को एक ब्रांड के रूप में विकसित किया जायेगा। रोजगार कार्यालयों को बहुउद्देशीय बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहां लाल परेड ग्राउंड में आयोजित स्किल समिट में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री वैंकैया नायडू विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आगामी मई अंत तक प्रदेश की हर गांव में 24 घंटे बिजली मिलेगी। इससे प्रदेश के गांव-गांव में लघु उद्योग शुरू होगा। आज हर बड़ा उद्योग समूह प्रदेश में आ रहा है। इससे रोजगार और राजस्व दोनों बढ़ेंगे। इन उद्योगों में 50 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। राज्य सरकार ने तय किया है कि 90 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले नये उद्योगों को विशेष पैकेज दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह स्किल समिट मध्यप्रदेश के विकास का महायज्ञ है। हमारा संकल्प है कि मध्यप्रदेश में देश का अग्रणी राज्य बनायेंगे। पिछले 9 सालों में सिंचाई क्षमता 7 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 21 लाख हेक्टेयर की गई है। इस साल इसे बढ़ाकर 25 लाख हेक्टेयर किया जायेगा। आज मध्यप्रदेश देश में सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादन करने वाले राज्य है। नर्मदा का जल अब क्षिप्रा, कालीसिंध, गंभीर और पार्वती नदी में डालकर नदी जोड़ो परियोजना को मूर्त रूप दिया जायेगा। इससे करीब 16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किल डेवलपमेंट मिशन युवाओं को रोजगार और उद्योगों के लिये प्रशिक्षित करने का अभियान है। हमारे युवाओं को इस तरह का प्रशिक्षण दिया जायेगा कि वे दुनिया के किसी भी कोने में जाकर रोजगार कर सकें। युवा खुद अपना उद्योग शुरू करें इसके लिये मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना बनाई गई है। इसमें 25 लाख रूपये तक के ऋण की गारंटी तथा 5 वर्ष तक 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान राज्य सरकार देगी। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे प्रदेश को समृद्ध और विकसित बनाने में योगदान देने का संकल्प लें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम में घोषणा की कि प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में तकनीकी प्रशिक्षण के लिये आई.टी.आई. या कौशल विकास केन्द्र होगा। अनुसूचित जाति-जनजाति बहुल विकासखंडों में 47 कौशल विकास केन्द्र, विशेष पिछड़ी जातियों के लिये विशेष कौशल विकास केन्द्र खोले जायेंगे। कृषि विभाग अलग से 5 कौशल विकास केन्द्र शुरू करेगा। कृषि के क्षेत्र में युवाओं को 20 विधाओं में प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रदेश सरकार के 25 विभाग कौशल विकास मिशन चलायेंगे। लघु और मध्यम उद्योगों में गुणवत्तापूर्ण संसाधन और उपकरणों के लिये भोपाल, जबलपुर और सतना में टूल रूम स्थापित किये जायेंगे। आई.टी.आई. और पॉलीटेक्निक से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के लिये 4 फिनिशिंग स्कूल शुरू किये जायेंगे। रोजगार कार्यालयों को बहुउद्देशीय बनाया जायेगा। ये केरियर मार्गदर्शन और प्लसमेंट का काम करेंगे तथा रोजगार मेले आयोजित करेंगे। बैतूल और धार की तरह अन्य जेलों में महिला बंदियों के लिये कौशल विकास केन्द्र खोले जायेंगे। एक सौ दस महाविद्यालयों और एक सौ पचास स्कूलों में कक्षा के बाद वोकेशनल ट्रेनिंग दी जायेगी। आई.टी.आई. को एक ब्रांड के रूप में विकसित किया जायेगा। हर आई.टी.आई. में प्लेसमेंट सेल और कम्प्यूटर लेब होगी। अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति में वृद्धि की जायेगी। शिष्यवृत्ति-छात्रवृत्ति वितरण को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लाया जायेगा। गांवों में रहने वाले कारीगरों के लिये कौशल दक्षता प्रमाणीकरण की प्रणाली विकसित की जायेगी। ग्लोबल स्किल प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के लिये मध्यप्रदेश के युवाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा। आई.टी.आई और पॉलीटेक्निक कॉलेजों में स्मार्ट क्लासरूम, लेंग्वेज लैब और वाई.फाई की सुविधा होगी। कौशल विकास प्रशिक्षण का ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित किया जायेगा। करीब 50 करोड़ रूपये की लागत से मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किया जायेगा। पॉलीटेक्निक कॉलेजों के पाठ्यक्रमों में उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप बदलाव किये जायेंगे।

कौशल विकास में मध्यप्रदेश बना देश के लिये मार्गदर्शी

पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री एम वैंकया नायडू ने कहा कि भारतीय नागरिकों में कला कौशल और बुद्धिमता की कमी नहीं है। भारतीयों ने ही विकसित देशों में अपनी प्रतिभा के बल पर पहचान बनाई है। उन्होने कहा कि कौशल विकास के माध्यम से रोजगार देने के अभियान में आम लोगों सहित उद्योग समूहों की भी भागीदारी होना चाहिये। उन्होने उद्योगों का आव्हान किया कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के साथ इस काम में भागीदार बनें।

श्री नायडू ने कहा कि कौशल विकास पर पूरा ध्यान देकर युवाओं को रोजगार से जोडने की कार्ययोजना बनाने में मध्यप्रदेश देश के लिये मार्गदर्शी बन गया है। उन्होने कहा कि कौशल विकास के लिये बजट प्रावधान बढाया जाना चाहिये। श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल की तारीफ करते हुए श्री नायडू ने कहा कि श्री चौहान प्रतिभा, चरित्र, आचरण और क्षमता के धनी हैं। वे सही अर्थ में भारतीय राजनीति के उभरते हुए सितारे हैं।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत पुरातन देश है जहां उपलब्ध समृद्ध ज्ञान प्राप्त करने विदेशों से भी लोग आते थे। उन्होने कहा कि भारत में विश्व गुरू बनने की क्षमता है। उन्होने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ने से प्रगति की रफतार तेज हुई। उन्होने कहा कि भारत की प्रगति के लिये मध्य भारत की प्रगति जरूरी है। इस दृष्टि से मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान विकास का एकमात्र उद्देश्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

श्री नायडू ने मध्यप्रदेश की प्रगति और अभूतपूर्व उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि आज देश की ओर से मध्यप्रदेश को सलामी देना चाहिये। श्री नायडू ने कहा विकास के लिये बिजली चाहिये और मध्यप्रदेश ने गांवों को बिजली उपलब्ध कराने का काम शुरू कर बड़ा काम किया है। खेती को इसका लाभ होगा। उन्होने कहा कि भारत में एक करोड़ तीस लाख लोग हर साल बेरोजगारों की सूची में जुड़ जाते है। इस स्थिति को दूर करने के लिये निजी और सार्वजनिक क्षेत्र को साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि कौशल विकास ही सही अर्थ में रोजगार है।

तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने देश और प्रदेश में कौशल सम्पन्न जनशक्ति की आवश्कता की चर्चा करते हुए कहा कि 2030 तक देश में पांच करोड युवाओं को कौशल सम्पन्न बनाने की जरूरत होगी। उन्होने कहा कि अगले दो सालों में 15 लाख और पांच सालों में 48 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होने कहा कि कौशल विकास मिशन को प्रदेश के प्रयासों से गति मिलेगी और मध्यप्रदेश के कौशल सम्पन्न युवाओं द्वारा तैयार उत्पादों से न सिर्फ प्रदेश बल्कि देश के बाजारो में मध्यप्रदेश की उपस्थिति होगी।

भारतीय उद्योग परिसंघ के पश्चिम क्षेत्र के उपाध्यक्ष श्री आर. मुकुंदन ने कहा कि परिसंघ समर्थित उद्योग इकाइयों और समूहों द्वारा प्रदेश में 13 आईटीआई संचालित की जा रही हैं और ग्यारह नये ट्रेड शुरू किये गये हैं। उन्होने कहा कि मध्यप्रदेश में सबसे अच्छी बात यह है कि यहां से 1.5 लाख कौशल सम्पन्न जनशक्ति हर साल प्रशिक्षित होकर निकलती है जो उद्योगों के लिये सहायक साबित होगी। उन्होंने कहा कि और अधिक संख्या में कौशल विकास केन्द्र खोले जायेंगे।

राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन के उपाध्यक्ष श्री जय कांत सिंह ने कहा कि आज भारत और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में उपलब्ध कौशल को पहचाने की जरूरत है। उन्होने मध्यप्रदेश के प्रयास को कौशल का कुंभ बताते हुए हुए कहा कि राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन मध्यप्रदेश के साथ पूरा सहयोग करेगा।

उल्लेखनीय है कि तकनीकी संस्थाओं के प्रशिक्षित 1600 युवाओं को विभिन्न कंपनियों और उद्योग समूहों में नियुक्ति मिली है। मुख्यमंत्री ने प्रतीक स्वरूप कुछ युवाओं को मंच पर ससम्मान आमंत्रित कर नियुक्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर आईटीआई में विभिन्न ट्रेड में सर्वाधिक नंबर से उत्तीर्ण विद्यार्थियों को पुरस्कार स्वरूप एक हजार रूपये और प्रशंसा पत्र प्रदान किये।

इस अवसर पर कौशल विकास के लिये आटोमेटिव स्किल डेव्हलपमेंट काउंसिल, एग्रीकल्चर स्किल डेव्हलपमेंट काउंसिल और सिक्यूरिटी स्किल डेव्हलपमेंट काउंसिल के राज्य सरकार के साथ करारनामे हुए।

चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री महेन्द्र हार्डिया ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री श्री गौरी शंकर बिसेन, गृह मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री एवं भोपाल के सांसद श्री कैलाश जोशी, मुख्य सचिव श्री आर परशुराम, अपर मुख्य सचित तकनीकी शिक्षा श्रीमती अजिता वाजपेयी पाण्डे और बड़ी संख्या में प्रदेश के विभिन्न जिलों और तकनीकी शिक्षण संस्थानों से आये युवा उपस्थित थे। पूर्व में मुख्यमंत्री ने विभिन्न तकनीकी शिक्षण संस्थानों, कौशल विकास के संबंध में नये ट्रेड और रोजगार की जानकारी देने

युवाओं को शिक्षा के लिये मिलेगा बिना ब्याज पर ऋण

Posted by mpsamachar On January - 22 - 2013Comments Off on युवाओं को शिक्षा के लिये मिलेगा बिना ब्याज पर ऋण

gorishankar bisenसहकारिता मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा है कि राज्य सरकार ने युवाओं की भलाई के लिये अनेक निर्णय लिये हैं। प्रदेश में युवाओं को पढ़ाई के लिये बिना ब्याज का ऋण उपलब्ध कराया जायेगा। युवाओं को रोजगार दिलाने के ठोस प्रयास किये जायेंगे। श्री बिसेन रविवार को बालाघाट जिले के लालबर्रा में गढ़वाल समाज के युवक-युवती परिचय-सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

श्री बिसेन ने कहा कि गढ़वाल समाज में अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे हैं। उनके योगदान को हमेशा गर्व के साथ याद किया जाता रहेगा। श्री बिसेन ने इस मौके पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किये।

युवाओं की पढ़ाई और आर्थिक उद्यमिता के लिये हर स्तर पर सहयोग मिलेगा

Posted by mpsamachar On December - 17 - 2012Comments Off on युवाओं की पढ़ाई और आर्थिक उद्यमिता के लिये हर स्तर पर सहयोग मिलेगा

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि युवाओं की पढ़ाई और उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने के लिये राज्य सरकार हर स्तर पर सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के लिये पैसों की कमी नहीं आने दी जायेगी। उच्च शिक्षा के लिये ऋण की गारंटी सरकार देगी। विद्यार्थियों को नौकरी लगने के बाद केवल मूलधन चुकाना होगा, ब्याज सरकार भरेगी। इसी प्रकार आर्थिक उद्यमिता के लिये बैंकों द्वारा मांगी जाने वाली गारंटी भी सरकार देगी।

श्री चौहान आज यहाँ रवीन्द्र भवन प्रांगण में आयोजित अखिल भारतीय तैलिक साहू समाज युवक-युवती परिचय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने समाज की कल्याणकारी गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने संत शिरोमणि माँ कर्मादेवी की प्रतिमा स्थापित करने की सहमति देते हुए कहा कि प्रतिमा की स्थापना के लिये उपयुक्त स्थल तलाशने की जिम्मेदारी साहू समाज की है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने समाज द्वारा प्रकाशित स्मारिका ‘‘जीवन साथी’’ का विमोचन किया। उन्होंने समाज को उद्यमी समाज बताते हुए आव्हान किया कि अपने समाज के साथ-साथ प्रदेश के विकास में भी योगदान दें।

समाज द्वारा सामाजिक उत्थान के लिये बनाई गई अनूठी योजनाओं के लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान का सार्वजनिक सम्मान भी किया गया।

इस अवसर पर जिला साहू समाज भोपाल के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश साहू और अखिल भारतीय साहू समाज के कार्यकारी अध्यक्ष श्री बटनलाल साहू, जबलपुर के महापौर श्री प्रभात साहू और बड़ी संख्या में मध्यप्रदेश और अन्य प्रांतों से आये समाज के सदस्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मेहरा-डेहरिया समाज सम्मेलन

इससे पहले मुख्यमंत्री श्री चौहान पत्रकार भवन में मेहरा-डेहरिया समाज के पहले राज्य स्तरीय सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने समाज के सदस्यों से कहा कि विभिन्न समाजों को सांस्कृतिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिये सामुदायिक भवन बनाने के लिये आवंटित की जाने वाली भूमि के संबंध में नीति बनाई जायेगी। उन्होंने समाज के सदस्यों का आव्हान किया कि वे शैक्षणिक सुविधाओं का पूरा उपयोग करें और स्वयं को सक्षम बनायें। उन्होंने कहा कि व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में युवाओं के लिये असीम संभावनाएँ हैं। राज्य सरकार युवाओं को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवायेगी। उन्होंने मेहरा समाज द्वारा प्रकाशित पत्रिका का विमोचन भी किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मेहरा-डेहरिया समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

adhi mahotsav 2017 adhi mahotsav bhopal adhi mahotsav news bhopal haat bazaar top trifed bhopal आदि महोत्सव इंदौर उज्जैन खण्डवा गुना ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ग्वालियर चर्चा निधन पन्ना पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी बाबा रामदेव बैठक भेंट भोपाल भोपाल हाट मंत्रालय मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री निवास मुख्यमंत्री श्री चौहान मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मुलाकात युवा राज्यपाल राज्यपाल श्री राम नरेश यादव राज्य शासन राज्य सरकार राष्ट्रीय जनजातीय उत्सव रोजगार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग लोकार्पण विमोचन शुभारंभ श्री शिवराजसिंह चौहान श्री शिवराज सिंह चौहान सीहोर हत्या